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पाकिस्तान में हिंदुओं को ऐसे हैं टॉर्चर, लड़कियों से रेप है यहां आम

पाकिस्तान में हिन्दुओं को कई तरह के टॉर्चर सामना करना पड़ता है। कभी उनकी लड़कियां किडनैप कर ली जातीं, तो कभी उनका जबरन ध

Danik Bhaskar

Dec 20, 2017, 12:48 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सिखों को इस्लाम धर्म कबूल कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गंभीरता से लिया है और पाक सरकार से बात करने की बात कही है। पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी वहां की जनसंख्या का महज 2 फीसदी है। इसके साथ ही उनके अधिकार भी सीमित हैं। उन्हें कई तरह के टॉर्चर और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। हिंदू पुरुषों को नौकरी और काम के लिए भेदभाव का सामना करना पड़ता है। तो वहीं लड़कियां कभी किडनैप कर ली जातीं हैं, तो कभी उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता। आंकड़ों के मुताबिक, यहां हर साल करीब 700 अल्पसंख्यक लड़कियों की किडनैपिंग और रेप होता है। जबरन धर्मपरिवर्तन और रेप का शिकार हुई रिंकल कुमारी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है। यहां हम बता रहे हैं कि पाकिस्तान में हिंदुओं को कैसे भेदभाव और टॉर्चर का सामना करना पड़ रहा है।

आगे की स्लाइड्स में जानें, पाकिस्तान में किस तरह टॉर्चर किए जाते हैं हिंदू...

हिंदू लड़कियों की किडनैपिंग और रेप

 

पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का अपहरण और रेप की खबरें आम हैं। एनजीओ मूवमेंट फॉर सोलिडेरिटी एंड पीस इन पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक में हर साल करीब 700 अल्पसंख्यक लड़कियों की किडनैपिंग और रेप होता है। इनमें बड़ी संख्या हिंदू लड़कियों की होती हैं। बता दें, पाकिस्तान में क्रिश्चियन्स भी माइनॉरिटी में हैं।

जबरन धर्म परिवर्तन और शादी

 

पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करा कर शादी कराई जाती है। 'मूवमेंट फॉर सॉलिडेरिटी एंड पीस इन पाकिस्तान' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक में हर साल करीब 300 से ज्यादा लड़कियों का शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है। ह्यूमन राइट्स कमीशन चीफ जोहरा यूसुफ के मुताबिक, पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों की स्थिति बेहद खराब है।

धर्म के आधार पर गुलामी

 

पाकिस्तान में हिंदू वर्कर्स की हालत भी बहुत खराब है। पाकिस्तान के ह्यूमन राइट कमीशन के मुताबिक, 1994 में करीब 2 करोड़ लोग ऐसे पाए गए, जिनसे बेगारी (फोर्स्ड लेबर) कराई जा रही थी। इसमें ज्यादातर संख्या में लोग हिंदू, ईसाई और मुस्लिम शेख पाए गए। इन्हें खेती, ईंट भट्टे, कालीन की बुनाई, माइनिंग और घरों में काम करते पाया गया। इसके साथ ही यहां इन वर्कर को ऐसे टॉर्चर किया जाता है और कई बार इस कदर पिटाई की जाती है कि उनकी मौत तक हो जाती है।

स्कूलों में पढ़ाया जाता है नफरत का पाठ

 

पाकिस्तान के स्कूलों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत का पाठ पढ़ाया जाता है। 'यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम' ने 2014 में इस मामले पर एक रिपोर्ट भी जारी की थी। उस वक्त इसके चेयरमैन लियोनार्ड लियो ने कहा था कि पाक की किताबों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाली कई चीजें पढ़ाई जा रही हैं।

हिंदुओं को मुश्किल से मिलती है जॉब और लोन

 

पाकिस्तान में हिंदू होने की वजह से लोगों को जॉब और लोन आसानी से नहीं मिलते। पाकिस्तानी पूरी कोशिश करते हैं कि उनका बिजनेस भी तबाह हो जाए। 1999 में यूएन ने भी माना कि पाकिस्तान में भेदभाव होता है। उसने इसे लेकर पाकिस्तान पर सख्ती भी की थी।

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