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सबसे बड़ी जंग का क्रूर पल, 20 लाख महिलाओं का किया गया था RAPE

1945 में युद्ध समाप्ति छह महीने के अंतराल में अकेले बर्लिन में ही 1,000,00 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई थीं।

Danik Bhaskar

Dec 12, 2017, 02:21 PM IST
जर्मन महिला सैनिकों को गोली मारता हुआ सोवियत सैनिक। जर्मन महिला सैनिकों को गोली मारता हुआ सोवियत सैनिक।

इंटरनेशनल डेस्क. सेकंड वर्ल्ड वॉर (1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945) के दौरान हिटलर की नाजी सेना ने दुनिया के कई देशों में जमकर तबाही मचाई। इस युद्ध को आज तक सबसे विनाशकारी युद्ध माना जाता है। हालांकि, इस जंग में जर्मनी को भारी कीमत चुकानी पड़ी। 1944 में सोवियत, अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रेंच सेनाओं ने जर्मनी के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान लाखों महिलाओं व बच्चियों का रेप किया गया। सामूहिक दुष्कर्म की बड़ी घटना...

- इस दौरान जर्मनी खासकर वहां की महिलाओं को बेहद दर्दनाक दौर से गुजरना पड़ा।
- इतिहासकारों का मानना है कि रेड आर्मी ने तब 20 लाख से भी ज्यादा जर्मन महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाते हुए जर्मनी को रौंदा था।
- यही वजह है कि गैर-अनुशासित रेड आर्मी की ये करतूत इतिहास में सबसे बड़े सामूहिक बलात्कार की घटना के रूप में दर्ज है।
- लेखक एंटोनी बीवर ने अपनी किताब 'फॉल ऑफ बर्लिन' में दावा किया है कि रेड आर्मी ने तब जर्मन की किसी भी महिला को नहीं छोड़ा था।
- रेड आर्मी ने 8 साल से लेकर 80 साल की महिलाओं का बलात्कार किया था।
- हॉस्पिटल रिकॉर्ड के मुताबिक, युद्ध से छह महीने के अंतराल में अकेले बर्लिन में 1,000,00 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई थीं।

जर्मनी के करीब 4 लाख बच्चे नहीं जानते अपने पिता के बारे में
- यह चौंकाने वाला खुलासा जनवरी 2015 में पब्लिश 'Bastards! The children of occupation in Germany after 1945' किताब में हुआ था।
- जर्मनी की मैग्देबर्ग युनिवर्सिटी के प्रोफेसर सिल्के सत्जोकोव और प्रोफेसर रेनर ग्रिस ने यह बुक लिखी।
- जर्मन लैंग्वेज में पब्लिश इस किताब में सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद के हालात का विस्तार से जिक्र किया गया है।
- स्टडी में बताया गया कि 1944-45 में जर्मनी पर चार देशों (सोवियत, अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रेंच) की एलाइड सैन्य टुकड़ियों का नियंत्रण था।
- इस दौरान सेना ने न सिर्फ कत्लेआम व लूटपाट की, बल्कि लाखों जर्मन लड़कियों व महिलाओं का रेप किया और नतीजतन नाजायज बच्चे पैदा हुए।
- स्टडी में पता चला कि विदेशी सेनाओं द्वारा जर्मनी में करीब 20 लाख महिलाएं व बच्चियां रेप का शिकार होकर मां बनीं।
- ऐसे कई बच्चों से पता चला कि उनकी मां को उनके पिता के बारे में पता ही नहीं था, क्योंकि वे विदेशी सैनिकों के रेप का शिकार हुई थीं।
- सेकंड वर्ल्ड वॉर खत्म होने के बाद ही सेनाएं अपने-अपने देश वापस लौट गई थीं। देश के जिन इलाकों में ये सेनाएं जमा थीं, वहां अब उनके जुल्म के निशान ही बाकी रह गए थे।
- उस समय पैदा हुए लाखों बच्चे अपने पूरे जीवन सामाजिक भेदभाव का सामना करते रहे। इसके चलते कइयों ने अपने पिता की तलाश करने की भी कोशिश की।


आगे की स्लाइड्स में देखें, किस तरह सोवियत यूनियन की रेड आर्मी ने जुल्म ढाया था जर्मनी में...

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