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सिर्फ महिलाओं के लिए बनी है ये जेल, फोटोग्राफर ने दिखाया अंदर का हाल

तीन महीने तक फोटोग्राफर ने हर हफ्ते में एक दिन इस वुमन जेल में गुजारे और कैदियों की जिंदगी कैमरे में कैद की।

Danik Bhaskar

Dec 23, 2017, 12:10 AM IST
इजरायल की नर्वे त्रिजा जेल। इजरायल की नर्वे त्रिजा जेल।

इंटरनेशनल डेस्क. ये फोटोज इजरायल में मौजूद महिलाओं के लिए बनी जेल की है। नर्वे त्रिजा नाम की ये जेल रामले में मौजूद है, जहां इस वक्त करीब 200 कैदी रह रहे हैं। इनकी उम्र 18 से 70 साल के बीच है। तेल-अवीव बेस्ड फोटोग्राफर तोमर इफराह ने इस जेल की फोटोज कैद की हैं। छोटे-छोटे सेल में रह रहीं महिलाएं...


- तोमर को 2011 में इस जेल में दाखिल होने का मौका मिला था। वो रिपोर्टर के साथ एक असाइनमेंट पर वहां पहुंचे थे।
- उनका असली काम सिंगल कैदियों की फोटोज लेना था, लेकिन जेल में घुसने के बाद वो अपने ही तरीके के काम में लग गए।
- तीन महीने तक फोटोग्राफर ने हर हफ्ते में एक दिन इस वुमन जेल में गुजारे और कैदियों की जिंदगी कैमरे में कैद की।
- तोमर ने बताया कि ये कैदी अलग-अलग बैकग्राउंड से हैं और ज्यादातर कमजोर अल्पसंख्यक समुदायों से हैं।
- ये महिलाएं इजरायल की नहीं हैं। इनमें ज्यादातर रूस, इथियोपिया और साउथ अमेरिकी देशों से हैं।
- जेल में रह रहीं ज्यादातर महिला कैदी बड़े अपराध के मामलों में दूसरी या तीसरी बार सजा काट रही हैं।
- तोमर की फोटोज में महिला कैदी कम जगह वाले छोटे-छोटे सेल में रहती नजर आ रही हैं।

पूर्व कैदी ने बताया था हाल
- 1979 में जेल की पूर्व कैदी फलस्तीनी महिला रसमियाह ओदेह ने जेल के हालात यूएन की इजरायल और ह्यूमन राइट्स पर बनी कमेटी के सामने रखे थे।
- उन्होंने जेल में क्षमता से ज्यादा कैदी होने की बात कही थी। ओदेह ने बताया था कि उस वक्त जेल में 150 से ज्यादा महिलाएं थी, जिसमें कुछ के बच्चे भी साथ थे।
- उन्होंने बताया कि छोटी की सेल में छह महिलाओं को एक साथ रहना पड़ता था। शाम 7 बजे से सुबह तक कम्पाउंड के अंदर घूमने की भी मनाही थी और गेट बंद हो जाते थे।
- फोटोग्राफर ने भी बताया कि नेवे त्रिजा बहुत मुश्किलों भरी जगह है। ये बहुत छोटी है और यहां का माहौल बिल्कुल भी रहने लायक नहीं है।
- ओदेह के मुताबिक, यदूही और मुस्लिमों में तनावपूर्ण संबंधों के चलते जेल में प्रार्थना करने तक की आजादी नहीं है।
- ओदेह के 1979 के दौर के अनुभवों के मुताबिक, सजा के तौर पर यहां कैदियों को पिटाई और उन पर गैस स्प्रे की जाती है।
- उन्होंने स्टाफ के बर्ताव को लेकर भी सवाल उठाया था। ओदेह के मुताबिक, स्टाफ अपना काम कर रहा है, लेकिन जरा भी सहयोगी नहीं है।

आगे की स्लाइड्स में देखें इस जेल के अंदर की फोटोज...

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