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सऊदी के मक्का शहर की PHOTOS, हज के बिना ऐसा होता है यहां का नजारा

इसमें माइग्रेंट वर्कर्स से लेकर लगातार हो रहे कंस्ट्रक्शन और लोगों की लाइफस्टाइल तक तमाम पहलुओं को दिखाया गया है।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 07:30 PM IST
मक्का का ज्यादातर डेवलपमेंट तय प्लान के तहत नहीं हुआ है। साफ-सफाई के मामले में स्थिति बहुत खराब हैं। हज और रमजान के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं। मक्का का ज्यादातर डेवलपमेंट तय प्लान के तहत नहीं हुआ है। साफ-सफाई के मामले में स्थिति बहुत खराब हैं। हज और रमजान के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं।

इंटरनेशनल डेस्क. देश से हज यात्रा पर जाने वालों को अब कोई रियायत नहीं मिलेगी। इस साल हज यात्रा पर मक्का जाने वाले 1.75 लाख लोगों को सब्सिडी नहीं मिलेगी। मक्का के सऊदी अरब की हेजिरा डिस्ट्रिक्ट के हाइटेक शहरों में से है। इसे इस्लाम का सबसे पवित्र शहर माना जाता है। हज के लिए बीते साल यहां 18 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। यहां हम मक्का की भी उन दिनों की फोटोज दिखा रहे हैं, जब यहां हज यात्रियों की भीड़ नहीं रहती और शहर खाली सा नजर आता है। नए रूप में ढल रहा ये शहर...

- सऊदी का मक्का शहर समय के साथ एक नए रूप में ढलता जा रहा है। सऊदी के आर्टिस्ट अहमद ने इस शहर की एक नए पहलू से फोटोज कैद कीं।
- इसमें शहर में काम कर रहे माइग्रेंट वर्कर्स से लेकर लगातार हो रहे कंस्ट्रक्शन और लोगों की लाइफस्टाइल तक तमाम पहलुओं को दिखाया गया है।
- इस शहर की आबादी करीब 20 लाख तक हो चुकी हैं। हालांकि, इस आबादी का एक बड़ा हिस्सा झुग्गियों और बस्तियों में रह रहा है।
- मक्का में लगातार डेवलपमेंट हो रहा है, लेकिन ये सब तय प्लान के तहत नहीं हुआ है। यही वजह है कि साफ-सफाई के मामले में स्थिति बहुत खराब हैं और हज के दौरान भी बिगड़ जाती हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें मक्का शहर की फोटोज...

ये तस्वीर जेद्दाह से मक्का जाने वाले अल-हरमेन हाई-वे की है। जेद्दाह को मक्का के गेटवे के तौर पर जाना जाता है। इसके चलते ये एक अहम व्यवसायिक केंद्र और सऊदी का प्रमुख शहरी केंद्र है। ये तस्वीर जेद्दाह से मक्का जाने वाले अल-हरमेन हाई-वे की है। जेद्दाह को मक्का के गेटवे के तौर पर जाना जाता है। इसके चलते ये एक अहम व्यवसायिक केंद्र और सऊदी का प्रमुख शहरी केंद्र है।
मक्का में इसे पैगंबर मुहम्मद का बर्थ प्लेस कहा जाता है। मक्का में इसे पैगंबर मुहम्मद का बर्थ प्लेस कहा जाता है।
अबराज अल बैत टावर से दिखता मक्का का नजारा। अबराज अल बैत टावर से दिखता मक्का का नजारा।
अबराज अल बैत टावर और उस पर लगी घड़ी। अबराज अल बैत टावर और उस पर लगी घड़ी।
मक्का की सबसे ज्यादा इनकम हज के दौरान होती है।  ट्रैवल एजेन्सियां, गाइड और व्यापारी अचानक से बढ़े हाजियों की व्यवस्था में लगा रहता है। ये संख्या 1970 में जहां दो लाख होती थी, वो अब 30 लाख हो चुकी है। मक्का की सबसे ज्यादा इनकम हज के दौरान होती है। ट्रैवल एजेन्सियां, गाइड और व्यापारी अचानक से बढ़े हाजियों की व्यवस्था में लगा रहता है। ये संख्या 1970 में जहां दो लाख होती थी, वो अब 30 लाख हो चुकी है।
मक्का की ओर जाने वाले हाई-वे पर रोड साइन लगा है, जिस पर सिर्फ मुस्लिमों को एंट्री मिल सकती है। इसे लागू कराने के लिए मेन रोड पर रिलीजियस पुलिस भी मौजूद होती है। मक्का की ओर जाने वाले हाई-वे पर रोड साइन लगा है, जिस पर सिर्फ मुस्लिमों को एंट्री मिल सकती है। इसे लागू कराने के लिए मेन रोड पर रिलीजियस पुलिस भी मौजूद होती है।
मक्का की ग्रैंड मस्जिद के मरम्मत के वक्त की फोटोज। मक्का की ग्रैंड मस्जिद के मरम्मत के वक्त की फोटोज।
मक्का जाने के रास्ते में आने वाले पेट्रोल पंप पर हजयात्रियों के लिए रेस्टोरेंट और छोटी सी मस्जिद मौजूद है। मक्का जाने के रास्ते में आने वाले पेट्रोल पंप पर हजयात्रियों के लिए रेस्टोरेंट और छोटी सी मस्जिद मौजूद है।
मक्का रॉयल क्लॉक टावर के ऊपर के काम करते हुए। मक्का रॉयल क्लॉक टावर के ऊपर के काम करते हुए।
ये सिटी के एक्सपेंशन प्लान का हिस्सा है। मक्का अथॉरिटी ने तुर्क के दौर की इमारतों को गिराने का फैसला किया। इसका तुर्की अथॉरिटी समेत कई लोगों ने विरोध जताया और इन्हें संरक्षित करने की मांग की। ये सिटी के एक्सपेंशन प्लान का हिस्सा है। मक्का अथॉरिटी ने तुर्क के दौर की इमारतों को गिराने का फैसला किया। इसका तुर्की अथॉरिटी समेत कई लोगों ने विरोध जताया और इन्हें संरक्षित करने की मांग की।
होटल के कमरे से दिखता काबा का नजारा। होटल के कमरे से दिखता काबा का नजारा।
क्लॉक टावर मॉल के अंदर की फोटोज। क्लॉक टावर मॉल के अंदर की फोटोज।
मक्का में वर्कर्स के लिए बनाए गए हॉस्टल। यहां रह रहे वर्कर्स को कॉमन टॉयलेट और किचन इस्तेमाल करना होता है। करीब 3000 वर्कर्स ने रहने की अच्छी व्यवस्था की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था। मक्का में वर्कर्स के लिए बनाए गए हॉस्टल। यहां रह रहे वर्कर्स को कॉमन टॉयलेट और किचन इस्तेमाल करना होता है। करीब 3000 वर्कर्स ने रहने की अच्छी व्यवस्था की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।
जेद्दा-मक्का हाईवे पर मौजूद मक्का का एन्ट्रेंस गेट। जेद्दा-मक्का हाईवे पर मौजूद मक्का का एन्ट्रेंस गेट।