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इस शहर में इंसानों का मरना है मना, इसलिए लगानी पड़ी पाबंदी

लॉन्गेयर के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस आर्कटिक टाउन की तलाश अमेरिकी जॉन लॉन्गेयर ने की थी।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Dec 22, 2017, 12:10 AM IST

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    नार्वे का लॉन्गेयरबेन शहर।

    लॉन्गेयर.नार्वे का लॉन्गेयरबेन शहर अपनी कई खासियतों के चलते दुनियाभर में मशहूर है। दुनिया के सबसे उत्तरी छोर पर बसे इस शहर की आबादी 2000 के आस-पास है। स्वाबलार्ड आइलैंड का ये अकेला ऐसा शहर है जहां पर जमने वाली ठंड के बावजूद लोग रह रहे हैं। यहां माइनस टेम्परेचर में जिंदगी जितनी मुश्किल है, उतना ही मुश्किल पोलर बीयर से निपटना है। सबसे खास बात तो ये है कि यहां मरने की इजाजत नहीं है।माइनिंग ऑपरेशन के लिए बसा था ये शहर...

    - लॉन्गेयर के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस आर्कटिक टाउन की तलाश अमेरिकी जॉन लॉन्गेयर ने की थी।
    - 1906 में यहां उन्होंने आर्कटिक कोल कंपनी शुरू की और माइनिंग ऑपरेशन के लिए 500 लोग लाए गए।
    - लॉन्गेयर एक कंपनी टाउन था, लेकिन 1990 तक यहां से ज्यादातर माइनिंग ऑपरेशन स्वियाग्रूवा (Sveagruva) शिफ्ट हो गए।
    - अब ये टाउन एक बड़ा टूरिस्ट्स प्वाइंट बन गया है और बड़ी संख्या में यहां रिसर्च का काम भी किया जा रहा है।
    - यहां साल में चार महीने सूरज नहीं निकलता और 24 घंटे रात रहती है।
    - यहां सड़कों के कोई नाम नहीं हैं और इन्हें नंबर्स से जाना जाता है। ट्रांसपोर्टेशन के लिए यहां सिर्फ स्नो स्कूटर का इस्तेमाल होता है।

    मरने की नहीं है इजाजत
    अगर यहां कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए या मौत के करीब हो, तो उसे आखिरी दिनों के लिए प्लेन या शिप की मदद से नॉर्वे के दूसरे हिस्सों में भेज दिया जाता है। वजह यह है कि शहर में एक बहुत ही छोटा कब्रिस्तान है। पिछले 70 साल में यहां तब से कोई भी दफनाया नहीं गया, जब से पता चला कि पहले दफनाई गईं लाशें अब तक जमीन में घुल भी नहीं पाई हैं। जमने वाली ठंड के चलते लाशें यहां खराब ही नहीं होतीं। साइंटिस्ट्स ने कुछ साल पहले यहां एक डेडबॉडी के टिशू सैम्पल के तौर पर लिए थे, जिसमें अब भी इन्फ्लुएंजा के वायरस मिले। इसके चलते यहां नो डेथ पॉलिसी लागू कर दी गई है।

    सबको राइफल रखना है जरूरी
    - यहां हर वक्त पोलर बीयर का खतरा रहता है। इनसे निपटने के लिए सभी को हाई पावर राइफल (बंदूक) रखना जरूरी है।
    - यहां पोलर बीयर की आबादी 3000 के करीब है। इनके डर से घर से बाहर हर शख्स आपको राइफल के साथ नजर आएगा।
    -हालांकि, यहां घर या ऑफिस के अंदर यहां राइफल रखने की इजाजत नहीं है।

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Web Title: Northerly Town Longyearbyen Where Dying Is Illegal
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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