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जहाज डुबाने की सबसे भयानक घटना, जिसे छिपाना चाहता था तानाशाह

बाल्टिक सागर में जर्मनी के एक जहाज के डूबने से उसमें सवार 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 03:28 PM IST
टाइटैनिक से भी बड़ा था जर्मनी का यह लग्जरी जहाज। टाइटैनिक से भी बड़ा था जर्मनी का यह लग्जरी जहाज।

इंटरनेशनल डेस्क. जब भी समुद्री हादसों की बात होती है तो सबसे पहले ‘टाइटैनिक’ का नाम ही सामने आता है। लेकिन, इससे भी बड़ा हादसा वर्ल्ड वॉर के दौरान हुआ था। इस दौरान बाल्टिक सागर में जर्मनी के एक जहाज के डूबने से उसमें सवार 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इसके बारे में दावा किया जाता है कि इसे रूस की सबमरीन से टारगेट किया गया था। वहीं, यह बड़ा हादसा दुनिया के सामने न आ पाए, इसके चलते जर्मनी के तत्कालीन तानाशाह हिटलर ने यह हादसा छिपाए रखने की कोशिश की थी। 45 मिनट में ही डूब गया था पूरा जहाज...


- विल्हेम गस्टलोफ नाम का एक जर्मन जहाज टाइटैनिक से भी बड़ा था और इसमें दस हजार लोग सवार हो सकते थे।
- हादसे के दौरान शिप में अपनी फैमिली के साथ 1 हजार सोल्जर्स और करीब 9 हजार आम नागरिक सवार थे।
- जहाज प्रूसिया के समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, जिस पर सोवियत यूनियन (अब रूस) की मरीन की नजर पड़ी।
- तीन मरीन ने जहाज को घेर लिया और इस पर ताबड़तोड़ बमबारी कर दी, जिससे जहाज में भयानक विस्फोट और पूरा जहाज मात्र 45 मिनट में ही डूब गया था।
- रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 9 हजार लोगों की जान विस्फोट के दौरान ही हो गई थी। वहीं, बाकी बचे अन्य लोगों की मौत ठंड के कारण हो गई थी।
- दरअसल, विस्फोट से बचे ये लोग तैरकर बाहर आ गए थे, लेकिन इस समय बाल्टिक सागर के पानी का टेम्परेचर -20 के आसपास था। इसके चलते लोग पानी में ज्यादा देर जिंदा नहीं रह सके।
- हालांकि, इतने बड़ी घटना जर्मनी के लिए बहुत बड़ा झटका था। इसके चलते तानाशाह हिटलर ने इसे सिर्फ एक हादसा करार दिया था। लेकिन प्रूसिया की आर्मी ने बाद में इसका खुलासा कर दिया था कि शिप सोवियत आर्मी ने डुबोई थी।


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जहाज के डूबते समय की फोटो। जहाज के डूबते समय की फोटो।