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यहां पंरपरा के नाम पर होता है ऐसा अत्याचार, 900 साल पुराना है ये फेस्टिवल

900 साल पुराने इस फेस्टिवल में एक बकरी को तालाब में फेंका जाता है और गांव के लोग उस पर जूझ पड़ते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 07, 2018, 12:17 PM IST

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    इंटरनेशनल डेस्क. हर जगह की अपनी संस्कृति और परंपराएं हैं। इनसे जुड़े उत्सव और त्योहार खुशियां लाते हैं, लेकिन कई बार इन उत्सवों का रूप बेहद क्रूर हो जाता है। नेपाल का देवपोखरी फेस्टिवल भी इन्हीं में से एक है। 900 साल पुराने इस फेस्टिवल में एक बकरी को तालाब में फेंका जाता है और गांव के लोग उसे मारने के लिए जूझने लगते हैं। क्या-क्या होता है इस फेस्टिवल में...

    - काठमंडी घाटी के खोकन गांव में नेवारी लोग देवपोखरी फेस्टिवल मनाते हैं। कई जगहों पर त्योहारों में बलि देने का रिवाज है।
    - वैसे ही यहां भी बकरी की जान ली जाती है। पर इसके लिए जो तरीका अख्तियार किया जाता है, वो बहुत ही क्रूर होता है।
    - गांव के रूद्रायनी मंदिर के पास देव तालाब में पांच से छह महीने की एक बकरी डाली जाती है। उसके पीछे गांव के नौ लड़के तालाब में उतरते हैं और 45 मिनट के खेल में उसे खींचना शुरू करते हैं।
    - उसके साथ ये क्रूरता तब तक जारी रहती है, जब तक बकरी की जान नहीं चली जाती है। इसके अलावा इस फेस्टिवल में गांव के लोग धीम और देवी डांस करते है। इसमें नेवारी डिशेज और वाइन भी बनाई जाती है।

    एक्टिविस्ट्स परंपरा के खिलाफ
    - ऑर्गेनाइजेशन एनिमल वेलफेयर नेटवर्क नेपाल लगातार फेस्टिवल की इस परंपरा के खिलाफ कैंपेन चला रहा है।
    - ऑर्गेनाइजेशन कैंपेन ग्रुप के स्पोक्सपर्सन ने इसे जानवरों से क्रूरता करार दिया है।
    - उनके कैंपेन को वर्ल्ड में एनिमल राइट्स चैरिटी के लिए मशहूर PETA का भी सपोर्ट मिल रहा है।
    - इन्होंने मिलकर ऑनलाइन पीटीशन लॉन्च कर रखी है, जिसमें नेपाल सरकार से बलि की प्रथा प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।

    (होली के मौके पर हम दुनियाभर में मनाए जाने वाले अजीबोगरीब फेस्टिवल्स के बारे में बता रहे हैं।)

    आगे की स्लाइड्स में देखें इस फेस्टिवल की फोटोज...

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Web Title: Deopokhari Festival In Nepal Sees Men Ripping Apart Live Goats
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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