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नॉर्थ कोरिया पर नहीं हो रहा किसी बैन का असर, इसके पीछे ये हैं कारण

dainikbhaskar.com | Last Modified - Dec 30, 2017, 11:06 AM IST

अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर आरोप लगाया कि वह नॉर्थ कोरिया को चोरी-छिपे ऑयल सप्लाई कर रहा है।
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    एक फूड स्टोर में नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन।

    इंटरनेशनल डेस्क.अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर आरोप लगाया कि वह नॉर्थ कोरिया को चोरी-छिपे ऑयल सप्लाई कर रहा है। ट्रम्प का दावा है कि ऐसा करते हुए चीन को रंगे हाथों पकड़ा गया है। इससे पहले साउथ कोरिया ने सैटेलाइट इमेज के हवाले से कहा था कि चीन के शिप्स नॉर्थ कोरियाई जहाजों में ऑयल ट्रांसफर कर रहे थे। ट्रम्प ने ट्वीट में लिखा कि अगर ये सब जारी रहता है तो नॉर्थ कोरिया समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता। बता दें, अमेरिका ने पहले से ही नॉर्थ कोरिया पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। बावजूद इसके नॉर्थ कोरिया पर कोई असर होता नहीं दिख रहा और वह लगातार अपने मिसाइल प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है।बैन का कोई खास असर नहीं होगा नॉर्थ कोरिया पर...

    - हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यूएन के इन बैन का नॉर्थ कोरिया पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है।
    - क्योंकि, नॉर्थ कोरिया के व्यापारिक संबंध खासतौर पर रूस और चीन के साथ हैं। इन दोनों देशों के साथ नॉर्थ कोरिया का करीब 90 फीसदी एक्सपोर्ट और इंपोर्ट होता है।
    - इसी के चलते अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प चीन से नॉर्थ कोरिया पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।
    - बावजूद इसके चीन ने नॉर्थ कोरिया से किए जाने वाले बिजनेस के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
    - हालांकि, हाल ही में चीन ने यह कहा है कि उसने नॉर्थ कोरिया को ऑयल सप्लाई रोक दी है।
    - नॉर्थ कोरिया से चीन और रूस, कोयला, लोहा, सीसा, टेक्सटाइल, केमिकल्स, स्टील और सीमेंट जैसे सामानों का आयात करते हैं। यह नॉर्थ कोरिया की कमाई का सबसे बड़ा जरिया है।
    - इसके अलावा पिछले कुछ सालों में नॉर्थ कोरिया ने मछली पालन तेजी से बढ़ाया है, जिसके चलते अब चीन को मछलियां भी एक्सपोर्ट की जाती हैं।
    - इसके बदले में नॉर्थ कोरिया चीन और रूस से पेट्रोलियम पदार्थ, मशीनरी, मिलिट्री इक्विपमेंट, अनाज और कई तरह के खाद्य पदार्थ आयात करता है।
    - विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के स्मगलर नॉर्थ कोरिया को मदद पहुंचाते रहते हैं। क्योंकि इन दोनों ही देशों की सीमाएं नॉर्थ कोरिया से लगती हैं।

    किम जोंग के चलते हुआ बाजारों का विकास
    - न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से किम जोंग उन के सत्ता में आने के बाद नॉर्थ कोरिया में बाजार का विस्तार हुआ है।
    - सरकार की मंजूरी के बाद शॉपिंग तेजी से शॉपिंग सेंटर्स खुल रहे हैं। इसके चलते लाखों लोगों को रोजगार मिला है।
    - राजधानी प्योंग्योंग में कारों की संख्या में भी बढ़ोतरी दिखाई देने लगी है। इसके अलावा देश में 30 लाख से ज्यादा लोग मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
    - हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अभी भी यहां की 70 फीसदी आबादी भूख मिटाने के लिए सरकारी मदद पर निर्भर है। 40 फीसदी से अधिक की आबादी कुपोषण का शिकार है।


    आगे की स्लाइड्स में देखें नॉर्थ कोरिया की फोटोज...

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    नॉर्थ कोरिया की मूसान सिटी के पास स्थित देश की सबसे बड़ी कोल माइन।
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    सिनीजू शहर में स्थित देश की सबसे बड़ी सीमेंट फैक्ट्री।
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    नॉर्थ कोरिया की केपिटल सिटी प्योंगयांग पास स्थित केमिकल्स फैक्ट्री, जिसके निर्माण में चीन के इंजीनियर्स ने मदद की थी।
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    साउथ कोरिया से भले ही नॉर्थ कोरिया की दुश्मनी हो, लेकिन इनके बीच व्यापारिक संबंध अब भी कायम हैं। नॉर्थ कोरिया के बॉर्डर के पास स्थित साउथ कोरिया की टेक्सटाइल कंपनी में काम करते हुए नॉर्थ कोरिया के वर्कर्स।
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    नॉर्थ कोरिया की सबसे बड़ी यालू नदी में होता है मछली पालन।
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    यालू नदी से नावों के जरिए चीन पहुंचाय जाता है सामान।
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    यालू रिवर के पास चावल के खेत।
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    प्योंगयांग सिटी में एक स्टोर।
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    प्योंगयांग में म्यूजियम के सामने खड़ी मर्सिडीज-बेंज कार। राजधानी प्योंग्योंग में कारों की संख्या में बढ़ोतरी भी देखने को मिलने लगी है।
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    टूरिज्म को बढ़ावा देने के कई जगह खूबसूरत पार्क और वॉटर पार्क का भी निर्माण हो रहा है।
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    प्योंगयांग में वाटर फैक्ट्री।
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    टेक्सटाइल मिल।
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    प्योंगयांग सिटी स्थित जू।
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Web Title: North Koreas Economy Is A Centrally Planned System
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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