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टॉर्चर के मामले में बदनाम है ये जेल, कैदी ऐसी गंदी हालत में रहने को मजबूर

यहां 4 से 6 लोगों के रहने की जगह में 30 लोग एक सेल रह रहे और ये कमरे में भी कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों से भरे पड़े हैं।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 06:35 PM IST
काहिरा की अल कनैतर जेल का हाल। काहिरा की अल कनैतर जेल का हाल।

काहिरा. मिस्र में एक ब्रिटिश हॉलिडेमेकर को ड्रग्स के मामले में तीन साल जेल की सजा का सामना करना पड़ रहा है। 33 साल की लॉरा को शनिवार को काहिरा की सबसे खतरनाक जेल में शिफ्ट किया गया है। यहां चार लोगों के रहने की जगह में 30 लोग रह रहे हैं और वो भी कॉकरोच, जूं और बेडबग्स के साथ रह रहे हैं। यहां गार्ड्स द्वारा कैदियों पर हमला करने के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। जेल पर कैदियों के प्राइवेट पार्ट तक जलाकर जख्मी करने के आरोप लगे हैं। यहां इस हाल में रह रहे कैदी...

- लॉरा को जब सजा सुनाई गई थी। तभी से माना जा रहा था कि उन्हें काहिरा की अल कनैतर जेल में रखा जाएगा। शनिवार को उन्हें इस जेल में शिफ्ट भी कर दिया गया।
- उन्हें 5*3 की कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों से भरी सेल में 24 घंटे उन्हें कई महिला कैदियों के साथ रह रही हैं। यहां बुक और रेडियो बैन है। कैदियों को टॉर्चर का भी सामना करना पड़ता है।
- लॉरा को यहां सफेद रंग की ड्रेस ही पहननी पड़ेगी। इस ओवरक्राउडेड जेल में 1,100 महिला कैदी रहती हैं, जो क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा है।
- यहां फैमिली को कैदियों से मिलने आने की परमिशन सिर्फ 15 दिन में एक बार हैं और वो भी सिर्फ 15 मिनट के लिए।

टॉर्चर को लेकर रही बदनाम
- ये जेल ह्यूमन राइट्स वॉएलेशन को लेकर काफी चर्चा में रहा था। पिछले महीने यहां रहने वाले एक पूर्व कैदी ने भी यहां के नर्क से बदतर हालात बताए थे।
- 45 साल के पेटे फार्मर ने बताया कि वो रॉबरी के दोषी ठहराए जाने पर इस जेल में दो साल तक के लिए कैद थे, क्योंकि पब में उन्होंने गलती से दूसरे का बैग उठा लिया था।
- फार्मर कहते हैं कि इस तरह की सजा किसी को नहीं मिलती चाहिए। मैं पुरुषों की जेल में था और मैंने किसी तरह झेल लिया। महिला के लिए ये और मुश्किल है।
- उन्होंने बताया कि यहां वो 4 से 6 लोगों के रहने की जगह में 30 लोग एक सेल रह रहे थे और ये कमरे में भी कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों से भरे पड़े थे।
- यहां गार्ड्स भी बहुत हिंसक हैं। यहां कैदियों को लाइन में लगाकर उन्हें बुरी तरह पीटा जाता था और उनके प्राइवेट पार्ट्स तक जलाकर जख्मी कर दिए जाते थे।

इस मामले में हुई जेल
- ब्रिटिश नागरिक और शॉप वर्कर लॉरा को कस्टम ऑफिशियल्स ने हुरघादा एयरपोर्ट पर पिछले साल 9 अक्टूबर को अरेस्ट किया था। उन्हें 290 ट्रामाडोल टैबलेट रखने का दोषी माना गया था।
- ये दवा यूके में प्रिस्क्रिप्शन पर लेने पर लीगल है, लेकिन मिस्र में बैन है। लॉरा ने बताया था वो दवा अपने मिस्र में रहने वाले हसबैंड के लिए लाई थीं, जो कार क्रैश के बाद बैक पेन की तकलीफ से परेशान हैं।
- हालांकि, इन दलीलों के बावजूद उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली। मिस्र की कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें 3 साल कैद की सजा सुना दी।

आगे की स्लाइड्स में देखें लॉरा और काहिरा की इस जेल की फोटोज...