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ऐसी बदतर LIFE जी रहे रोहिंग्या मुस्लिम, सामने आईं कैम्प की PHOTOS

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 06:38 PM IST

ये कैम्प ओवरक्राउडेड है और गंदगी से पटा पड़ा है। साफ-सफाई रखना और फैलती बीमारियां रोकना यहां एक बड़ा चैलेंज है।

Inside world of the Rohingya refugee camps

इंटरनेशनल डेस्क. ये तस्वीर बांग्लादेश में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैम्प कुतुपालोंग का है, जहां लाखों की संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं। यहां आधी से ज्यादा आबादी की उम्र 18 साल से कम है और इनमें से ज्यादातर लड़कियां हैं। इनमें से कई लड़कियां गनप्वाइंट पर रेप तक का शिकार हो चुकी हैं। बांग्लादेश के मुताबिक 25 अगस्त को म्यांमार में जातीय हिंसा के बाद से अब तक यहां 6 लाख 20 हजार से ज्यादा रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंच चुके हैं। ऐसा है कैम्प के अंदर का हाल...

- बांग्लादेश का कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैम्प ओवरक्राउडेड हैं। कैम्प गंदगी से पटा पड़ा है। साफ-सफाई रखना और फैलती बीमारियां रोकना यहां एक बड़ा चैलेंज है।
- हालांकि, यहां रह रहे लोगों के लिए गनीमत बस इस बात का है कि वो बिना किसी गोलीबारी की आवाज के यहां सुकून की सांस ले पा रहे हैं।
- बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के दो रिफ्यूजी कैम्प्स में रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं। इनकी बढ़ती संख्या के चलते लोगों के रहने के लिए जमीन और छतें तक कम पड़ गई हैं।
- यूनिसेफ के मुताबिक, इनमें बहुत सी महिलाएं नवजात बच्चों के साथ आई हैं और करीब 18 हजार से ज्यादा महिलाएं प्रेग्नेंट हैं। वहीं, कैम्प में रह रहे 42 हजार बच्चे अस्वस्थ हैं।
- यहां बांग्लादेशियों और कुछ रोहिंग्याओं ने छोटी दुकानें खोल रखी हैं और जरूरत के सामान बेच रहे हैं। रिफ्यूजी को कैम्प से बाहर जाने की इजाजत नहीं, तो उन्हें सामान यहां मनमाने रेट पर खरीदने पड़ रहे।
- यहां ड्रग गैंग और कार्टेल से लेकर सभी कैम्प को अपने हिसाब से ऑपरेट करने में लगे हैं और इनकम के लिए रिफ्यूजियों का शोषण कर रहे हैं।

इस वजह से छोड़ना पड़ा देश
- रखाइन में ताजा तनाव 25 अगस्त को शुरू हुआ, जब रोहिंग्या लड़ाकों ने कथित तौर पर पुलिस की एक पोस्ट पर हमला किया, जिसके जवाब में सैन्य कार्रवाई हुई।
- कार्रवाई का असर ये हुआ कि रोहिंग्या मुसलमानों ने देश छोड़कर बांग्लादेश का रुख करना शुरू कर दिया।
- पलायन करने वालों ने इसकी वजह सेना की कार्रवाई और रखाइन के बौद्धों का उनके गांवों पर आक्रमण बताया, जिसके डर से वे गांव छोड़ने पर मजबूर हुए।
- हालांकि, इस बारे में सेना का कहना है कि रोहिंग्या लड़ाके उन पर हमले कर रहे हैं और वो उसके खिलाफ लड़ाई कर रहे हैं।
- वहीं, म्यांमार का कहना है कि पिछले साल अक्टूबर में पुलिस और सेना पर हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
- म्यांमार के अधिकारियों का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिमों ने दूसरे धर्मों के कई अनुयायियों की हत्या की और उनके घरों को जला दिया है। इसी बात से स्थानीय लोग भड़के।

आगे की स्लाइड्स में देखें रोहिंग्या रिफ्यूजी कैम्प की फोटोज...

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