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धरती के आखिरी छोर पर बसा है ये शहर, फोटोग्राफर ने दिखाई यहां की LIFE

ये पहाड़ों, बीच और छोटे ग्लेशियर वाला इलाका है। यहां कड़ाके की ठंड और बर्फीले तूफान रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 03:11 PM IST
तिएरा डेल फ्यूगो आइलैंड की फोटोज। तिएरा डेल फ्यूगो आइलैंड की फोटोज।

इंटरनेशनल डेस्क. ये फोटोज धरती के सबसे साउदर्न प्वाइंट पर मौजूद तिएरा डेल फ्यूगो आइलैंड की हैं। ये आइलैंड चिली और अर्जेंटीना के बीच बंटा है। धरती के आखिरी छोर पर बसा ये आइलैंड दुनिया से बिल्कुल अलग-थलग पड़ा है। बेल्जियन फोटोग्राफर ब्रिट वान्गेचतेन यहां एक मास्टर प्रोजेक्ट के लिए गए थे और उन्होंने यहां की फोटोज कैमरे में कैद की हैं। वहीं फोटोग्राफर मारियो तामा ने यहां की कैपिटल उशुआइया के नजारे कैद किए हैं। इस हाल में यहां रह रहे लोग...

- ब्रिट 'एल फिन डेल मुंडो' प्रोजेक्ट के लिए 2012 में तिएरा डेल फ्यूगो आइलैंड गए थे। वो चिली के हिस्से वाले आइलैंड पर गए थे। यहां अर्जेन्टीना के हिस्से वाले आइलैंड से कम लोग रह रहे हैं।
- यहां उनका क्रेडिड कार्ड ब्लॉक हो गया था और डेबिट कार्ड काम नहीं कर रहा था। ब्रिट ने सिर्फ 120 यूरो में यहां पांच दिन गुजारे।
- तिएरा डेल फ्यूगो 127,205 की आबादी वाला अर्जेन्टीना का एक प्रॉविन्स है। धरती के इस सबसे साउदर्न प्वाइंट पर लोग बड़े मुश्किल हालात में रह रहे हैं।
- ये पहाड़ों, बीच और छोटे ग्लेशियर वाला इलाका है। यहां कड़ाके की ठंड और बर्फीले तूफान रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं।
- यहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट्स आते हैं, लेकिन वो राजधानी या कुछ बड़े शहरों तक ही सीमित रह जाते हैं। खराब सड़कों और रेलवे सुविधा की कमी के चलते कहीं भी आना-जाना बहुत मुश्किल है।
- वहीं, उशुआइया की लाइफ कवर करने वाले फोटोग्राफर तामा ने बताया कि यहां लोगों को पीने के पानी की सप्लाई से लेकर पॉपुलेशन और बदलते मौसम तक कई चैलेंज का सामना करना पड़ता है।
- इसके अलावा क्रूज शिप के जरिए आने वाले टूरिस्ट्स और क्रू यहां आस-पास के इलाकों में कचरा और पॉल्यूशन बढ़ाते हैं।

कैद किए यहां के बेहतरीन नजारे
- ब्रिट ने बाकी टूरिस्ट्स को फॉलो करने की जगह अपने हिसाब से इस ट्रिप का मजा लिया। यहां वो अपने कैमरे के साथ उन जगहों पर गए, जो दुनिया से अलग-थलग पड़ी हुई हैं।
- ब्रिट ने कहा, ''मैं एक डॉक्युमेंट्री फोटोग्राफर हूं। मेरा इंट्रेस्ट हमेशा इसी में रहा है कि दुनियाभर में लोग रह कैसे रहे हैं। हमेशा मेरा फोकस इंसानों से उस जगह पर पड़ने वाले प्रभावों पर होता है।''
- ब्रिट ने फोटोज में इंसानों को कम से कम दिखाया है। वहीं, मकान और गाड़ियों के जरिए उस जगह पर इंसानों का प्रभाव दिखाया है।
- हालांकि, उनके लिए 2012 का सिंगल ट्रिप इस जगह को जानने के लिए काफी नहीं रहा और उन्होंने 2016 में फिर यहां की ट्रिप की।

आगे की स्लाइड्स में देखें ब्रिट द्वारा ली गईं इस आइलैंड की फोटोज...