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कभी यहां TV रखना भी था बैन, अब ऐसे बदल रहा भारत का ये पड़ोसी देश

शहर में जब पहली लाइट इंस्टॉल की गई, तब लोगों ने इसका जबरदस्त विरोध जताया था।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 12:10 AM IST
थिम्पू के डांस बार की फोटो। थिम्पू के डांस बार की फोटो।

इंटरनेशनल डेस्क. कई दशकों तक बिना टेलीविजन और बिना ट्रैफिक लाइट्स के रहने वाले देश भूटान का कल्चर देखते-देखते बदलने लगा है। अब पहाड़ों से ढकी यहां की राजधानी थिम्पू में बार से लेकर इंटरनेट कैफे पर टीनेजर्स के क्राउड तक सबकुछ नजर आता है। यंगस्टर्स यहां वॉयलेंट वीडियो गेम्स खेलते दिख जाएंगे और स्नूकर हॉल में गैम्बलिंग करते भी दिख जाएंगे। हालांकि, भारत और चीन के बीच मौजूद ये देश अब मॉडर्न वर्ल्ड की समस्याओं से वाकिफ हो रहा है। अब यहां डांस क्लब हैं आम...

- दुनिया से अलग-थगल पड़े इस देश में अब भी ट्रैफिक लाइट नहीं है। शहर में जब पहली लाइट इंस्टॉल की गई, तब लोगों ने इसका जबरदस्त विरोध जताया था।
- हालांकि, ये देश अब धीरे-धीरे बदल रहा है और मॉडर्न वर्ल्ड से जुड़ी समस्याओं से रूबरू हो रहा है। अब यहां डांस क्लब में 38 साल की महिला गेस्ट्स के पसंदीदा गानों पर झूमती दिख जाएगी।
- दो बच्चों की मां और तलाकशुदा लाहदेन यहां आधी रात तक डांस करती हैं। उनका कहना है, ''मैं इस काम से न खुश हूं और न ही दुखी हूं। मेरे पास कोई च्वाइस ही नहीं है।''
- भूटान अपनी नेशनल वेल्थ को ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस इंडेक्स के जरिए लोगों की संतुष्टि से मापती है। वहीं, लाहदेन महीने में सिर्फ 125 डॉलर कमाती हैं और उसे ही जोड़ते महीना बीत जाता है।
- लाहदेन ने बताया कि वो बहुत ही छोटे से फ्लैट में रहती हैं, ताकि खाने और कपड़े का इंतजाम कर सकें।

हर स्तर पर हो रहा बदलाव

- देश में ये बदलाव हर स्तर पर दिख रहा है। देश के बर्फ से ढके पहाड़ों, जंगलों और नदी के बीच अब मॉडर्न वर्ल्ड जगह लेता जा रहा है।
- पूरे देश में कंस्ट्रक्शन साइट से निकलता धुआं और धूल अब आम है। थिम्पू के एंट्री प्वाइंट पर लगे बुद्धा के गोल्ड-ब्रॉन्ज स्टैचू के पास की जगह टेलीकॉम टावर्स ने ले ली है।

- यहां की सड़कों से लेकर कंट्रीसाइड तक सभी जगहों पर महिलाओं के घुटनों तक लंबे ट्रेडिश्नल कपड़ों की जगह जीन्स ही नजर आती है।

हर जगह मिल जाएंगे फोन और टीवी

- भूटान की 2.2 बिलियन डॉलर की इकोनॉमी पूरी तरह से एग्रीकल्चर पर आधारित है, लेकिन मोबाइल फोन और टीवी सेट्स हर जगह दिख जाएंगे।
- ये सब कुछ उस फोबजिखा वैली में भी मिल जाएगा, जहां टूरिस्ट्स को कड़कड़ाती ठंड में थिम्पू से सात घंटे की ड्राइव कर जाना पड़ता है।

- 43 साल के किसान अप दॉ का कहना है कि बच्चे यहां अब पढ़ाई से ज्यादा वक्त मोबाइल फोन पर बिता रहे हैं।

- बौद्ध भिक्षु बन चुके बच्चे मैनचेस्टर यूनाइटेड और चेल्सिया की जर्सी में फुटबॉल खेलने में बिता रहे हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें बदलते भूटान की फोटोज...