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रूस की आर्मी ने यहां 80 हजार लोगों को उतार दिया था मौत के घाट

चेचेन्या के सर्वोच्च नेता रमजान कादीरोव के अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम ने बंद कर दिए हैं।

Danik Bhaskar | Dec 30, 2017, 08:04 PM IST
चेचेन विद्रोहियों की लाशें दफनाते हुए रशियन सैनिक। चेचेन विद्रोहियों की लाशें दफनाते हुए रशियन सैनिक।

इंटरनेशनल डेस्क. चेचेन्या के सर्वोच्च नेता रमजान कादीरोव के अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम ने बंद कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा अमेरिकी सरकार के प्रतिबंधों के चलते किया गया है, क्योंकि कादीरोव पर विरोधियों की हत्या कराने के आरोप हैं। कादीरोव ने 2007 में पिता की हत्या के बाद सत्ता संभाली थी। सशस्त्र लड़ाकों के संगठन के प्रमुख कादीरोव बाद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास बन गए थे। बता दें, सोवियत संगठन के विघटन के बाद से ही रूस और चेचेन्या के बीच हिंसक संघर्ष की शुरुआत हुई और इनके बीच दो बार भीषण जंग हुई। करीब 80 हजार लोगों की हुई मौत...


- 1864 में रूस के तत्कालीन शासक ने रूस के दक्षिणी हिस्से में स्थित गणराज्य चेचेन्या पर कब्जा कर लिया था, लेकिन चेचेन्या ने कभी अपने आपको रूस का हिस्सा नहीं माना।
- इसके बाद से ही रूस के सैनिकों और चेचेन विद्रोहियों के बीच खूनी संघर्ष की शुरुआत हुई, जो अब तक जारी है।
- रूस और चेचेन के बीच पहला वॉर 11 दिसंबर 1994 से 31 अगस्त 1996 और दूसरा 26 अगस्त 1999 से 15 अप्रैल, 2009 तक लड़ा गया।
- ह्यूमन राइट्स ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, रशियन आर्मी द्वारा वॉर के दौरान चेचेन्या के लड़ाकों समेत 80 हजार से ज्यादा आम लोगों की हत्याएं की गईं।
- अब यहां रूस का शासन है और रूस हमेशा हथियारों के दम पर चेचेन के विद्रोहियों को रोकने की कोशिश करता रहा है।
- चेचेन्या के लोग मूल रूप से उत्तरी काकेशश के निवासी हैं। वे काकेशक भाषा बोलते हैं। ये इस्लाम धर्म के सुन्नी समुदाय के हैं।
- चेचेन्या का कुल क्षेत्रफल लगभग 6 हजार वर्ग किलोमीटर है और यहां की आबादी तकरीबन 12 लाख 67 हजार के आसपास है।

सामने आते रहे हैं रूस के टॉर्चर के किस्से
- रूस के टॉर्चर के किस्से सबसे ज्यादा चेचेन्या के लोगों के साथ सामने आते रहे हैं।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेचेन आतंकियों के नाम पर यहां के टॉर्चर कैंप्स में बिना ट्रायल कैदियों को यातनाएं देकर मारा गया।

- चेचेन्या रिपब्लिक की रिपोर्ट के मुताबिक 40 हजार से ज्यादा लोग तो सिर्फ रूस के टॉर्चर कैंप में मारे गए और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
- इसके अलावा जंग के दौरान शहरों, कस्बों और गांवों तक पर न सिर्फ ताबड़तोड़ हजारों बम गिराए गए, बल्कि रशियन आर्मी ने जमकर लूटपाट भी की।

इस तरह पुतिन को मिली चेचेन्या की सत्ता
- चेचन्या वॉर के दौरान ही 31 दिसंबर 1999 को रूसी राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने इस्तीफा दे दिया था।
- उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा कि वे समय से पहले अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं, इसलिए रूसी जनता से माफी मांगते हैं।
- येल्तसिन ने व्लादिमीर पुतिन को वहां का कार्यवाहक राष्ट्रपति बना दिया था।
- इसके तीन महीने बाद ही पुतिन को राष्ट्रपति चुनाव में जबरदस्त सफलता मिली और तबसे ही पुतिन की पार्टी यहां सत्तासीन है।


आगे की स्लाइड्स में देखें रूस और चेचेन्या वॉर के दौरान की कुछ अन्य PHOTOS...