चीन में लाशें बिछा दी थीं जापानी सेना ने, लोगों का मांस तक खा गए थे पकाकर

1937 में ही चीन की जापान से मुठभेड़ शुरू हो गई थी और 13 दिसंबर को चीन की राजधानी नानजिंग पर हमला कर दिया था।

dainikbhaskar.com| Last Modified - Dec 12, 2017, 07:12 PM IST

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War crime in second sino japanese war by Japan Soldiers
नानजिंग नरसंहार में जापानी सेना ने करीब 80 हजार महिलाओं का रेप किया था।

इंटरनेशनल डेस्क. वैसे तो सेकंड वर्ल्ड वॉर की शुरुआत 1 सितंबर 1939 से हुई थी, जो छह सालों बाद सितंबर में ही 1945 में ही खत्म हुआ। लेकिन, दिसंबर (1941) का महीना इस जंग के लिए सबसे खतरनाक साबित हुआ था। क्योंकि, इसी दरमियान पर्ल हॉर्बर (7 दिसंबर) और नानजिंग नरसंहार (13 दिसंबर) जैसी बड़ी घटनाएं हुईं। इस दौरान नानजिंग चीन की राजधानी हुआ करती थी। 1937 में ही चीन की जापान से मुठभेड़ शुरू हो गई थी। इसके बाद जापानी सेना ने शंघाई पर कब्जा किया और 13 दिसंबर को चीन की राजधानी नानजिंग पर हमला कर दिया। ये युद्ध की असल शुरुआत थी, जब जापान की सेना ने नानजिंग शहर में महज छह हफ्तों में 3 लाख लोगों की जान ले ली थी। वहीं, करीब 80 हजार महिलाएं रेप का शिकार हुई थीं। लोगों का मांस तक भूनकर खा गए थे जापानीज सैनिक...

 


- जापानी सेना की सेकंड वर्ल्ड वॉर के वक्त की इस क्रूरता को सेकंड चीन-जापान वॉर के नाम से जाना जाता है।
- इसे 20वीं शताब्दी के सबसे बड़े एशियाई युद्ध के तौर पर भी जाना जाता है। ये युद्ध 1937 से 1945 के बीच लड़ा गया।
- इस दौरान नानजिंग चीन की राजधानी हुआ करती थी। 1937 में ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी।
- इसके बाद जापान ने चहर और सुईयुनान पर कब्जा कर लिया। हालांकि, शान्सी में चीनी सेना ने जापान का डटकर मुकाबला किया।
- इनके बाद जापानी सेना ने शंघाई पर कब्जा किया और 13 दिसंबर को चीन की राजधानी नानजिंग पर हमला कर दिया।
- ये युद्ध की असल शुरुआत थी, जब जापान की सेना ने नानजिंग शहर में महज छह हफ्तों में 3 लाख लोगों की जान ले ली थी।
- वहीं, करीब 80 हजार महिलाएं रेप का शिकार हुई थीं। जापानी सैनिकों ने पूरे शहर को तबाह कर दिया था।
- चीन की स्टेट आर्काइव एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से पिछले साल जारी डॉक्युमेंट में ये भी दावा किया गया है कि युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों ने चीनी नागरिकों का मांस भी पकाकर खाया था।
- जापान यहीं नहीं रुका, उसने उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी चीन पर अपना अधिकार कर लिया, लेकिन पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी हिस्से पर कब्जा जमाने में जापान नाकाम रहा।
- एक के बाद एक जीत के बाद जापान ने 1941 में पर्ल हार्बर पर हमला कर दिया, जिसके बाद अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी।
- वहीं, सोवियत संघ ने जापान के कब्जे वाले मंचूरिया पर हमला कर दिया। इसके बाद अमेरिका चीन को जापान के खिलाफ युद्ध में मदद पहुंचाने लगा।

 

जापान ने किया सरेंडर
- चीन और जापान के बीच का युद्ध अब तक सेकंड वर्ल्ड वॉर का हिस्सा बन चुका था और जापान कमजोर पड़ने लगा था।
- हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले के बाद जापान में 1945 में अपनी हार मान ली और सरेंडर कर दिया।
- चीन का दावा है कि इस युद्ध के दौरान चीन के नागारिकों और सैनिकों समेत कुल साढ़े तीन करोड़ लोग मारे गए थे।
- वहीं, जापान की डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, जापान के 2 लाख सैनिक मारे गए थे।

 


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