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-60 डिग्री टेम्प्रेचर में दिखाया ये स्टंट, बर्फ जैसे पानी में यूं लगा दी छलांग

ये वीडियो साइबेरिया के रिमोट टाउन ओम्याकॉन का है, जो रहने के लिहाज से धरती पर सबसे ठंडी जगहों में से एक है।

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 06:13 PM IST
ओम्याकॉन कस्बे में -60 डिग्री सेल्सियस में पानी में डुबकी लगाता टूरिस्ट। ओम्याकॉन कस्बे में -60 डिग्री सेल्सियस में पानी में डुबकी लगाता टूरिस्ट।

इंटरनेशनल डेस्क. धरती पर सबसे ठंडी जगह पर पारा माइनस 60 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। पर ये जमा देने वाली ठंड भी टूरिस्ट को अपना स्टंट दिखाने से नहीं रोक पाई। रूस के ओम्याकॉन कस्बे में एक जापानी टूरिस्ट ने जमते हुए पानी में छलांग लगा दी। इस कड़कड़ाती ठंड में उसने शॉर्ट्स के सिवा कुछ भी नहीं पहना रखा था। जबकि वहां हालात ऐसे हैं कि पलकों पर बर्फ जम जा रही है। टूरिस्ट के इस स्टंट का फुटेज सामने आया है। क्या है वीडियो में ?...

- ऑनलाइन शेयर हो रहे इस स्टंट के वीडियो में बर्फ से ढकी जमीन पर एक वैन खड़ी दिख रही है। वहीं, उसने पास मोटे-मोटे गर्म कपड़ों में कैमरे के साथ क्रू मेंबर्स दिख रहे हैं।
- तभी बाहर लोगों की भीड़ के बीच खड़ी वैन का दरवाजा खुलता है और सिर्फ शॉर्ट्स पहने एक जापानी टूरिस्ट वैन से बाहर निकलता है।
- जापानी टूरिस्ट ने बाहर निकलकर रुकते हुए पहले ठंड का सामना करने की थोड़ी हिम्मत जुटाई और फिर कैमरे को सैल्यूट करते हुए पानी की तरफ बढ़ गया।
- टूरिस्ट्स कड़कड़ाती ठंड में भी पानी में उतर गया और उसमें पूरा लेट गया। वहीं, उसके पास में खड़ा एक टूरिस्ट उसे देखकर हंसता नजर आ रहा है।
- इसके बाद टूरिस्ट बड़ी ही फुर्ती से पानी में से निकला और बाहर खड़े अपने साथी से टॉवेल लेते हुए वो वापस वैन में चला गया।
- ये वीडियो साइबेरिया के रिमोट टाउन ओम्याकॉन का है, जिसे धरती पर सबसे ठंडी जगह माना जाता है। यहां जापानी टूरिस्ट की ट्रिप रशियन कंपनी सटल टूर्स ने ऑर्गेनाइज कराई थी।

सबसे ठंडी जगह में पारा -62 डिग्री
- रूस के ओम्याकॉन कस्बे में पिछले हफ्ते पारा माइनस 62 डिग्री सेल्सियस के करीब ही रहा। जबकि, इसे धरती पर रहने के लिहाज से सबसे ठंडी जगह माना जाता है।
- यहां सर्दी के मौसम में औसत टेम्प्रेचर -50 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहता है। हालांकि, इसके बावजूद इस टाउन में करीब 500 लोग रहते हैं।
- यहां रहने वाले लोगों के खाने से लेकर रहने के तरीके तक सब खास है। इतनी सर्दी के चलते वो सिर्फ वो जिंदा रहने के लिए सिर्फ मीट खाते हैं। वो भी रेंडियर और घोड़े का मीट खाते हैं।
- इस टाउन में बच्चों के लिए एक स्कूल भी है, लेकिन वो कड़ाके की ठंड में भी चलता है। उसे तब तक नहीं बंद किया जाता, जब तक पारा -52 डिग्री सेल्सियस नहीं पहुंच जाता।
- इस ठंड में यहां पेन की इंक से लेकर ग्लास में पीने के पानी तक सबकुछ जम जाता है। यहां मोबाइल फोन सर्विस अब तक शुरू ही नहीं हो पाई है।

आगे की स्लाइड्स में देखें जापानी टूरिस्ट का स्टंट और साइबेरिया के इस जगह की फोटोज...

सिर्फ शॉर्ट्स पहनकर ही उतर गया पानी में। सिर्फ शॉर्ट्स पहनकर ही उतर गया पानी में।
पानी के अंदर लेट गया टूरिस्ट। पानी के अंदर लेट गया टूरिस्ट।
फुर्ती में पानी से बाहर आया और वैन में लौट गया। फुर्ती में पानी से बाहर आया और वैन में लौट गया।
ओम्याकॉन को सबसे ठंडी जगह कहा जाता है। ओम्याकॉन को सबसे ठंडी जगह कहा जाता है।
यहां -62 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर में पलकों पर बर्फ तक जम गई। यहां -62 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर में पलकों पर बर्फ तक जम गई।
यहां के लोग मछली और मीट के सहारे ही जिंदा रहते हैं। यहां के लोग मछली और मीट के सहारे ही जिंदा रहते हैं।
पिछले हफ्ते यहां पारा -62 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले हफ्ते यहां पारा -62 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
पेड़-पौधों पर बर्फ जम गई। पेड़-पौधों पर बर्फ जम गई।
लोगों की पलकों तक पर बर्फ जम गई। लोगों की पलकों तक पर बर्फ जम गई।