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5 लाख लोगों की जान लेने वाला तानाशाह, हजारों भारतीयों को कर दिया था बेघर

ईदी अमीन ने 1971 में मिल्टन ओबोटे को सत्ता से बेदखल कर यहां की सत्ता अपने कब्जे में ले ली थी।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 12:10 AM IST

इंटरनेशनल डेस्क. युगांडा के पूर्व तानाशाह ईदी अमीन ने आज ही के दिन यानी की 25 जनवरी, 1971 को प्रेसिडेंट के तौर पर सत्ता संभाली थी। अमीन ने युगांडा पर करीब आठ साल तक राज किया और लोगों पर जमकर जुल्म ढाया। हालांकि, आठ साल बाद ईदी अमीन को भी घुटने टेकने पड़े। इसी तरह करीब 36 साल पहले 11 अप्रैल को ही ईदी अमीन को सत्ता छोड़नी पड़ी। साथ ही, 5 लाख से ज्यादा लोगों की हत्या के दोषी अमीन को युगांडा भी छोड़कर भागना पड़ा। अमीन को उसके अत्याचारों के चलते मैड मैन ऑफ अफ्रीका कहा जाता था। उसे इंसानी मांस खाने का भी शौकीन बताया जाता था। भारतीयों-पाकिस्तानियों को देश छोड़ने पर होना पड़ा मजबूर...


- 1966 से युगांडा आर्मी और एयरफोर्स के मुखिया रहे ईदी अमीन ने 1971 में मिल्टन ओबोटे को सत्ता से बेदखल कर यहां की सत्ता अपने कब्जे में ले ली थी।
- तख्तापलट के एक हफ्ते बाद फरवरी में अमीन ने खुद को युगांडा का प्रेसिडेंट, सभी आर्म्ड फोर्स का प्रमुख कमांडर, आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और चीफ ऑफ एयर स्टाफ घोषित कर दिया।
- इतना ही नहीं, इस तानाशाह और उग्र राष्ट्रवादी ने युगांडा से लांगो और अछोली जातीय समूहों के सफाए के लिए एक जनजातीय नरसंहार प्रोग्राम शुरू कर दिया।

- इसके पीछे अमीन का मकसद बिल्कुल साफ था। वो पूर्व प्रेसिडेंट ओबाटे समर्थकों की सेना यानी इन दोनों एथनिक ग्रुप का सफाया करना चाहता था।
- इसके बाद अमीन का अगला शिकार एशियाई बने। 1972 में उसने आदेश दिया कि जिन एशियाई लोगों को पास युगांडा की नागरिकता नहीं है, वो देश छोड़ दें।

- इस आदेश के बाद युगांडा में रह रहे करीब 60 हजार भारतीयों, पाकिस्तानियों और अन्य एशियाई लोगों को देशों छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
- देश के कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा एशियाई लोगों का था। वहीं, कई एशियाई लोगों ने यहां बिजनेस लगा रखे थे। लिहाजा, इनके देश छोड़ते ही युगांडा की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई।

अमीन का तख्तापलट
- 1979 में जब तंजानिया और अमीन विरोधी युगांडा सेना ने धावा बोला, तब अमीन की आठ साल की तानाशाही का अंत हुआ। हालांकि, इससे पहले अक्टूबर 1978 में अमीन ने तंजानिया पर असफल हमले की कोशिश की थी।
- अमीन ने देश छोड़ने के बाद कुछ समय लीबिया में शरण ली। फिर वो सऊदी अरब में बस गया, जहां 2003 में उसकी मौत हो गई।

'मैड मैन ऑफ अफ्रीका'
अमीन को 'मैड मैन ऑफ अफ्रीका' भी कहा जाता था और इसके पीछे जायज वजह भी थी। अमीन आमतौर पर लोगों की हत्या के लिए हथियारों की इस्तेमाल नहीं करता था। उसने कुछ को जमीन में जिंदा गड़वा दिया और कुछ बचे लोगों को अपने भूखे मगरमच्छों को खिला दिया था। उसने अपने पैलेस की तकरीबन सभी खूबसूरत लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। कहा जाता है कि अमीन इंसानों का मांस खाने का भी शौकीन था और इसके सबूत भी मिले थे। उसके फ्रिज से बहुत सारे इंसानों के सिर बरामद हुए थे।

आगे की स्लाइड्स में देखें, तानाशाह ईदी अमीन की कुछ PHOTOS...