--Advertisement--

मौत के बाद अपनों की ही लाश खा जाते हैं ये आदिवासी, ऐसी हैं ये परंपराएं

वेनेजुएला और ब्राजील के बीच अमेजन के जंगलों में रहने वाले यानोमामो आदिवासियों में अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपरा हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:37 PM IST
अमेजन के आदिवासी। अमेजन के आदिवासी।

इंटरनेशनल डेस्क. कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को शैव परंपरा के तहत अंतिम विदाई दी गई। उन्हें समाधि की मुद्रा में बैठाकर केसरिया वस्र पहनाए गए, फूल और भस्म से सजाया गया। दुनियाभर में अंतिम संस्कार को लेकर अलग-अलग कम्युनिटीज की अपनी अलग मान्यताएं और संस्कृति हैं। कुछ जगहों पर तो ये परंपराएं इतनी अनोखी और अजीबोगरीब हैं कि इनके बारे में सुनकर कोई भी हैरान हुए बिना नहीं रह सकता।

अपनों की लाश खा जाते हैं अमेजन आदिवासी

वेनेजुएला और ब्राजील के बीच अमेजन के जंगलों में रहने वाले यानोमामो आदिवासियों में भी अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपरा है। ये आदिवासी परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद उसकी लाश पत्तियों में लपेटकर कीड़े-मकोड़ों के लिए छोड़ देते हैं। इसके 30 से 45 दिन के बाद हड्डियों और लाश बाकी बचे अंश को खा जाते हैं या फिर केले के सूप में मिलाकर पी जाते हैं। मान्यता है कि इसके जरिए आत्मा को स्वर्ग पहुंच जाती है।

आगे की स्लाइड्स में जानें ऐसी ही बाकी परंपराओं के बारे में...

Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World

गिद्धों को खाने के लिए छोड़ देते हैं लाशें
तिब्बत में अंतिम संस्कार के लिए शव को काटकर खुले आसमान के नीचे गिद्धों के लिए छोड़ दिया जाता है। इसे देखने के लिए मृतक के रिलेटिव्स और जानने वाले यहां इक्ट्ठा होते हैं। उनका मानना है कि इस तरह उन्हें जन्नत नसीब होती है। ये परंपरा तिब्बत, किंगघई और मंगोलिया में बहुत आम है। ज्यादातर तिब्बती और मंगोलियाई वज्रायन बौद्ध धर्म को मानते हैं। इस धर्म में आत्मा के शरीर बदलने की बात कही गई है। मतलब ये है कि उन्हें शरीर सुरक्षित रखने की जरूरत नहीं होती।

Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World

एस्किमो ऐसे करते हैं अंतिम संस्कार

एस्किमो में जब परिवार का कोई सदस्य बहुत बुजुर्ग हो जाए या फिर मौत के करीब हो तो उसे तैरते बर्फ के टुकड़े पर लिटाकर छोड़ दिया जाता है। एस्किमो का पुनर्जन्म में बहुत विश्वास है, इसलिए इस अभ्यास के जरिए उनकी ये साबित करने की कोशिश होती है कि घर के बुर्जुग उन पर बोझ नहीं हैं और वो उन्हें उचित और सम्मानपूर्ण ढंग से विदा कर रहे हैं।

Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World

अंगुली काटने की परंपरा 

इंडोनेशिया के दानी आदिवासियों में किसी भी परिवार के सदस्य की मौत घर की महिलाओं के लिए भावनात्मक दर्द के साथ-साथ शारीरिक दर्द भी लेकर आती है। यहां महिलाओं को किसी रिश्तेदार की मौत पर दुख जाहिर करने के लिए अपनी एक अंगुली भी काटनी पड़ती है और ये करना कम्पलसरी है। अदिवासियों का इस अनोखी परंपरा की पीछे का मकसद पैतृक भूतों को संतुष्ट रखना है। 

Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World

फ्यूनर में बुलाई जाती हैं स्ट्रिप डांसर्स 
ताइवान में फ्यूनर के मौके पर स्ट्रिप डांसर्स को बुलाने की परंपरा है, ताकि भटकती आत्मा को शांति मिल जाए। ताइवान के इस परंपरा को कई बार गलत तरीके से भी लिया जाता है, लेकिन वहां के लोगों के लिए ये फ्यूनरल का बेहद अहम हिस्सा है। वहीं, चीन में मृतक के सम्मान में ये स्ट्रिप डांसर्स बुलाई जाती हैं। 

Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World

लाश के साथ रहने की परंपरा
इंडोनेशिया के सुलावेसी प्रांत के तोराजा गांव में लाशों के दफनाया नहीं जाता। बल्कि इन्हें ताबूत में डालकर गुफाओं में रखते हैं या फिर पहाड़ियों पर टांग देते हैं।  ये लोग परिजनों की मौत के बाद भी उनसे जिंदा इंसान की तरह पेश आते हैं। वो समय-समय पर कब्र से शवों को बाहर भी निकालते हैं। इसके बाद उन्हें नहलाकर साफ सुथरा करते हैं और नए कपड़े पहनाते हैं। इस दौरान गांव में इनका जुलूस भी निकाला जाता है। इस परंपरा को माईनेने कहा जाता है। ये परंपरा हर साल निभाई जाती है। 

 

X
अमेजन के आदिवासी।अमेजन के आदिवासी।
Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World
Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World
Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World
Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World
Strangest and Unusual Funeral Customs From Around The World
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..