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ड्रग्स, गैंगवॉर और कत्लेआम, अब ऐसी हालत हो चुकी है इस देश की

सरकार लाख कोशिशों के बावजूद मेक्सिको में ड्रग्स का कारोबार पर कंट्रोल नहीं कर पाई है।

Danik Bhaskar | Dec 30, 2017, 08:01 PM IST
माफियाओं की जंग और ड्रग के ओवरडोज के चलते पिछले दस सालों में यहां करीब 1 लाख 60 हजार लोगों की जान जा चुकी है। माफियाओं की जंग और ड्रग के ओवरडोज के चलते पिछले दस सालों में यहां करीब 1 लाख 60 हजार लोगों की जान जा चुकी है।

इंटरनेशनल डेस्क. मेक्सिको में पिछले एक हफ्ते में अब तक 8 लोगों की डेडबॉडी मिल चुकी हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से 6 लोगों की डेडबॉडी पुल से लटकी मिली। वहीं, अन्य दो बॉडीज सड़क किनारे से बरामद की गईं, जिनके सिर में कई गोलियां मारी गई थीं। पुलिस की रिपोर्टर के मुताबिक, ये सभी ड्रग गैंग का शिकार हुए हैं। बता दें, मेक्सिको पूरी दुनिया में ड्रग्स के लिए कुख्यात है। अब यहां ड्रग वॉर आम बात हो चुकी है। यहां ड्रग माफिया इतने बेखौफ हैं कि सरकार से बिल्कुल नहीं डरते। यहां कौन, कब और कहां मारा जाए, इसका कुछ पता नहीं। 10 सालों में जा चुकी है 1,60,000 लोगों की जानें...

- अमेरिका की पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार लाख कोशिशों के बावजूद मेक्सिको में ड्रग्स का कारोबार पर कंट्रोल नहीं कर पाई है। बल्कि, अब यह और तेजी से बढ़ता जा रहा है।
- ड्रग एडिक्टस के चलते यहां कई माफिया सक्रिय हैं। ये सुरंगों या दूसरे रास्तें अपनाकर भारी मात्रा में ड्रग्स अमेरिका पहुंचाते हैं।
- इस तरह यहां कई खूंखार गैंग सक्रिय हो चुकी हैं। इनके बीच अक्सर खूनी झड़प होती रहती है।
- माफियाओं की जंग और ड्रग के ओवरडोज के चलते पिछले दस सालों में यहां करीब 1 लाख 60 हजार लोगों की जान जा चुकी है।
- यहां अधिकतर युवा किसी न किसी गैंग के सदस्य हैं। वहीं, महिलाओं की बड़ी आबादी भी नशे का शिकार है।

नोगेल्स सिटी की 70 फीसदी आबादी ड्रग की गिरफ्त में
मेक्सिको की केंटुकी ग्रुप नाम की एक सामाजिक संस्था के मुताबिक, इस मामले में यहां नोगेल्स सिटी की तो करीब 70 फीसदी आबादी ड्रग के नशे का शिकार है।
- नोगेल्स सिटी की पॉप्युलेशन करीब 60 हजार के करीब है। इनमें से अब तक हजारों लोग गंभीर बीमारियों का शिकार होकर तड़प-तड़पकर दम तोड़ चुके हैं।
- इसका बुरा असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। आर्थिक तंगी की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते।
- हालांकि, सरकार और कई सामाजिक संस्थाएं इनकी जिंदगी पटरी पर लाने की कोशिश कर रही हैं। बावजूद इसके कई लोग ड्रग के इस कदर आदी हो चुके हैं कि वे शहर छोड़ना ही नहीं चाहते।
- इसके चलते केंटुकी ग्रुप ने कई बच्चों को ड्रग एंडिडोट के इंजेक्शन लगाने की ट्रेनिंग भी दी है, जिससे वे अपने पैरेंट्स की जान बचा सकें।
- अब तक सैकड़ों बच्चों को शहर से दूर सामाजिक संस्थाओं में भेजा जा चुका है, जहां उनके लिए पढ़ाई समेत सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
- लेकिन, यहां रहने वाले ड्रग एडिक्ट्स अधिकतर लोग नहीं चाहते कि उनके बच्चे उनसे दूर हों। क्योंकि, वे बच्चों से मेहनत-मजदूरी करवाते हैं।

पैसों के लिए कम उम्र की लड़कियां भी बन रही हैं प्रोस्टीट्यूट
- ड्रग खरीदने और घरखर्च चलाने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं प्रोस्टीट्यूट बन चुकी हैं। कम उम्र की बच्चियां भी पैसा कमाने के लिए प्रोस्टीट्यूट बन रही हैं।
आसपास के शहरों से लोग यहां रोजाना ड्रग और सेक्स के लिए पहुंचते हैं। मेक्सिको मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां एड्स पीड़ितों की संख्या भी बढ़ रही है।


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