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दुनिया का सबसे पावरफुल रॉकेट, इंसानों को भी ले जाएगा मंगल ग्रह पर

इस एक साल के दौरान वैज्ञानिक रॉकेट का वजन और लागत कम करने के लिए इसमें 3 डी प्रिंटेड पार्ट लगाएंगे।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 01:24 PM IST
नासा ने आरएस-25 का किया सफल टेस्ट। नासा ने आरएस-25 का किया सफल टेस्ट।

मिसीसिपी. नासा ने दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) बनाकर तैयार कर लिया है। नासा के मुताबिक, इस रॉकेट के इंजन आरएस-25 का टेस्ट सफल रहा है। इसी के साथ रॉकेट ने भी आकार ले लिया है। अब सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल इसे इंसानों को स्पेस में ले जाने वाले ओरियन स्पेसक्रॉफ्ट के साथ पहले मिशन पर भेजा जाएगा। हालांकि इस मिशन में मानव नहीं भेजे जाएंगे।

3 डी प्रिंटेड पार्ट भी लगाएंगे
- इस एक साल के दौरान वैज्ञानिक रॉकेट का वजन और लागत कम करने के लिए इसमें 3 डी प्रिंटेड पार्ट लगाएंगे। नासा की योजना इसी रॉकेट से 2030 तक मंगल पर इंसानों को भेजने की है।

एस्टेरॉयड मिशन का हिस्सा
- आएएस-25 इंजन वाले इस रॉकेट का इस्तेमाल 2013 में लॉन्च हुए नासा के एस्टेरॉयड मिशन में भी किया जाएगा।

380 करोड़ रु. का प्रोजेक्ट
- आरएस-25 में करीब 380 करोड़ रु. लगे हैं। नासा का दावा है कि भविष्य में लागत में 33% की कमी लाएगी।

भारी वजन ले जाने में सक्षम
- यह रॉकेट 77 टन भार के साथ उड़ान भरने में सक्षम है। आमतौर पर नासा के रॉकेट 50 टन वजन ले जाने में सक्षम होते हैं। भारत का जीएसएलवी-19 भी 40 टन वजन ले जाने में ही सक्षम है।


आवाज की रफ्तार से 13 गुना तेज जेट स्टीम
- आरएस-25 का वजन करीब 4 टन, लंबाई 14 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है। इस रॉकेट इंजन का तापमान अलग-अलग परिस्थितियों में -423 से 6000 डिग्री फारेनहाइट के बीच हो सकता है।
- इंजन का डिजाइन कैलिफोर्निया में बना और परीक्षण मिसीसिपी में हुआ। सिस्टम को लुइसियाना में अपग्रेड किया गया है। आरएस-25 में फ्यूल और ऑक्सीजन दोनों के मिश्रण का प्रयोग किया गया है।
- आरएस-25 के इंजन से निकलने वाली गैस (जेट स्टीम) की रफ्तार आवाज की रफ्तार से भी 13 गुना तेज है। ये जेट स्टीम 5000 किमी की दूरी 15-20 मिनट में ही तय कर सकती है।

इंजन का टैंक...
- इंजन में हाइड्रोजन फ्यूल टैंक लगाया गया है। ये टैंक 130 फीट लंबा है। इसकी क्षमता 5 लाख 37 हजार गैलन ठंडा लिक्विड हाइड्रोजन स्टोर करने की है।
- रॉकेट के तीन स्टेज होते हैं। लिक्विड हाइड्रोजन टैंक और ऑक्सीजन टैंक फर्स्ट स्टेज का हिस्सा हैं, जो रॉकेट को तेजी से आगे धकेलता है।
- हाइड्रोजन टैंक में मौजूद लिक्विड हाइड्रोजन का काम चार शक्तिशाली आरएस-25 इंजनों के लिए जरूरी ईंधन उपलब्ध कराने का होता है।

आगे की स्लाइड्स में देखें इस रॉकेट की फोटोज...