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PHOTOS: ये हैं पाकिस्तान के पहाड़ों से गुजरने वाली मोस्ट डेंजरस सड़कें

दुनियाभर में ऐसी कई खतरनाक सड़कें हैं, जहां पर गाड़ी चलाने का मतलब मौत के मुंह में जाने के बराबर है।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 10:04 AM IST
फेयरी मेडोज रोड। फेयरी मेडोज रोड।

इंटरनेशनल डेस्क. दुनियाभर में ऐसी कई खतरनाक सड़कें हैं, जहां पर गाड़ी चलाने का मतलब मौत को न्योता देने के बराबर है। बावजूद इसके इन पर आवाजाही होती रहती है। इसी क्रम में आज हम आपको पड़ोसी देश पाकिस्तान की खतरनाक सड़कों के बारे में बता रहे हैं, जिन पर गुजरते समय जरा सी चूक भी भारी पड़ जाती है। इस सड़क को कहा जाता है ‘रोड ऑफ डेथ’...

फेयरी मेडोज रोड
करीब 16.2 किमी लंबी सड़क गिलगिट-बाल्टिस्तान प्रांत के नंगा पर्वत पर बनी है। पहाड़ से अक्सर चट्टानों और पत्थर के टुकड़े गिरते रहने के कारण इस पर पक्की सड़क नहीं बन सकी। इस सड़क से सिर्फ बाइक्स और जीप-कार ही गुजरती हैं, जिसे एक्सपर्ट ड्राइवर चलाते हैं। बारिश के दौरान यह सड़क बंद कर दी जाती है। पाकिस्तान में इसे ‘रोड ऑफ डेथ’ कहा जाता है। दुनिया भर से लोग यहां माउंटेनियर फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन ड्राइविंग की परमिशन यहां के सर्टिफाइड ड्राइवर्स के लिए ही है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें बाकी खतरनाक सड़कों के बारे में...

काराकोरम हाईवे। काराकोरम हाईवे।

पाकिस्तान के काराकोरम पहाड़ पर बना यह हाईवे जितना खूबसूरत है, उतना ही खतरनाक भी। करीब 1300 किमी का यह हाईवे पाकिस्तान को सड़क मार्ग से चीन से जोड़ता है। हाईवे का कंस्ट्रक्शन चीन की मदद से 1959 में शुरू हुआ था, जिसे बनने में करीब 7 साल का समय लगा। इसे पाकिस्तान-चीन का फ्रेंडशिप हाईवे भी कहा जाता है। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हाईवे के निर्माण में करी 1000 मजदूरों की जान गई, जिनमें 200 चीन और 800 पाकिस्तान के थे।

नाथिया गली रोड। नाथिया गली रोड।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रोविंस में स्थित यह सड़क 28.8 किमी लंबी है। सड़क हजारा सिटी से दर्जनों गांवों को जोड़ने का एकमात्र रास्ता है। यह टूरिस्ट की भी काफी पसंदीदा जगह है, क्योंकि पहाड़ पर ही हिल स्टेशन है, जिसे नाथिया गली के नाम से जाना जाता है। हालांकि, बारिश और ठंड के मौसम में यहां से गुजरना काफी खतरनाक होता है। क्योंकि, बारिश में सड़क पर कीचड़ जम जाता है, वहीं ठंड में यह पूरा इलाका कोहरे से ढका होता है।

ग्राउंट ट्रक रोड। ग्राउंट ट्रक रोड।

यह साउथ एशिया का सबसे लंबा खतरनाक हाईवे है। घार माउंटेन से गुजरने वाले करीब 2500 किमी लंबे इस हाईवे को सड़क-ए-आजम के नाम से भी जाना जाता है। हाईवे पाकिस्तान को अफगानिस्तान के अलावा इंडिया के वाघा बॉर्डर से भी जोड़ता है। यह पाकिस्तान के सबसे व्यस्त हाईवे में से एक है। ट्रैफिक, घुमावदार और उतार-चढ़ाव वाली सड़क के चलते यहां से गाड़ियां 30 किमी की स्पीड पर भी नहीं चलाई सकतीं। यहां से ज्यादातर ट्रक गुजरते हैं, जिसके चलते अब यह ‘ग्राउंड ट्रक रोड’ के नाम से फेमस है।

अली मलिक मार पास। अली मलिक मार पास।

करीब 4082 किमी लंबा यह हाईवे काराकोरम और हिमालय के कुछ हिस्सों से गुजरता है। गिलगित-बाल्टिस्टान प्रांत के पूरे हिस्से को कवर करने वाली यह सड़क ज्यादातर जगह कच्ची है। वहीं, ठंड के मौसम में खासतौर पर नवंबर से जनवरी तक हाईवे का अधिकतर हिस्सा बर्फ से ढक जाता है, जिसके चलते कई हिस्सों से संपर्क टूट जाता है।

बुर्जिल पास। बुर्जिल पास।

पाक अधिकृत कश्मीर से शुरू होने वाली यह सड़क गिलगित तक जाती है। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से पहले तक करीब 367 किमी लंबी यह सड़क कच्ची थी। पाकिस्तान के अलग होने के बाद यह पाकिस्तान के लिए सबसे अहम सड़क बनी, जिसका निर्माण तेजी से करवाया गया। तकरीबन 100 किमी की सड़क हिमालय माउंटेन से लगी है, जिसके चलते यह बहुत खतरनाक भी है। घुमावदार और उतार-चढ़ाव वाली इस सड़क का ज्यादातर हिस्सा साल में करीब 6 महीने बर्फ से ढका रहता है, जिस पर से गुजरना काफी खतरों भरा होता है। चारों तरफ हरियाली से घिरी यह पाकिस्तान की सबसे खूबसूरत सड़कों में से एक है।

एस्टोर वैली रोड। एस्टोर वैली रोड।

करीब 115 किमी लंबी यह सड़क पाकिस्तान की एस्टोर डिस्ट्रिक्ट में है, जिसे एस्टोर वैली रोड के नाम से जाना जाता है। सड़क काराकोरम पर्वत से शुरू होकर एस्टोर डिस्ट्रिक्ट तक जाती है, जो काराकोरम के गांवों को एस्टोर डिस्ट्रिक्ट से जोड़ने का एकमात्र रास्ता है। ठंड में बर्फबारी के चलते ज्यादातर समय सड़क मार्ग बंद रहता है। वहीं, इसका बीच का 25 किमी का रास्ता इतना खतरनाक है कि इसे पार करने में ही दो से ढाई घंटे का समय लग जाता है। इस पर सिर्फ छोटी गाड़ियों को जाने की ही परमिशन है और इसके लिए भी यहां के ट्रेंड ड्राइवर्स की मदद लेनी होती है।

बोलन पास। बोलन पास।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान से अफगानिस्तान बॉर्डर तक जाने वाली यह सड़क 120 किमी लंबी है। रोड बोलन माउंटेन से गुजरती है, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई करीब 1793 मीटर है। जैकोबाबाद और सिब्बी से क्वेटा सिटी को जोड़ने का भी यह एकमात्र जरिया है। घुमावदार और उतार-चढ़ाव वाली इस सड़क का अधिकतर हिस्सा खतरे से भरा है। सबसे खराब स्थिति बारिश में होती है, क्योंकि पहाड़ से कई झरने सीधे सड़क पर गिरते हैं। इस दौरान पहाड़ से पत्थर भी गिरते रहते हैं, जो ड्राइवर्स के लिए परीक्षा की घड़ी होती है।

बाबूसर पास। बाबूसर पास।

करीब 80 किमी लंबी यह सड़क पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रोविंस के मानसेहरा जिले में स्थित एक पहाड़ी दर्रा है, जो कागान घाटी को पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्टिस्तान क्षेत्र के चिलास शहर से जोड़ती है। पहाड़ी दर्रे पर बनी सड़क खतरनाक उतार-चढ़ाव से भरी है। इसके चलते इसे पार करने में ही ढाई से तीन घंटों का समय लग जाता है।

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फेयरी मेडोज रोड।फेयरी मेडोज रोड।
काराकोरम हाईवे।काराकोरम हाईवे।
नाथिया गली रोड।नाथिया गली रोड।
ग्राउंट ट्रक रोड।ग्राउंट ट्रक रोड।
अली मलिक मार पास।अली मलिक मार पास।
बुर्जिल पास।बुर्जिल पास।
एस्टोर वैली रोड।एस्टोर वैली रोड।
बोलन पास।बोलन पास।
बाबूसर पास।बाबूसर पास।
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