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जापान में 20 सेकंड पहले छूटी ट्रेन, कंपनी ने माफी मांगी

ट्रेन के जल्दी रवाना होने से ट्रेन प्रबंधन के अफसरों को इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर माफी मांगी।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 17, 2017, 12:59 PM IST

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टोक्यो.जापान की रेलवे सर्विस की पहचान है वक्त का पाबंद रहना। पर एक ट्रेन इस अनुशासन का पालन नहीं कर सकी। मंगलवार को सुकुबा एक्सप्रेस लाइन पर चलने वाली ट्रेन समय से 20 सेकंड पहले ही स्टेशन से रवाना हो गई। ट्रेन के जल्दी रवाना होने से ट्रेन प्रबंधन के अफसरों को इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर माफी मांगी।

अफसरों ने वेबसाइट पर लिखा, ‘ट्रेन तय समय से पहले रवाना हुई। इस वजह से पैसेंजर्स को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ा होगा। उन्हें हुई असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं।’ टोक्यो के अकिहाबरा और इबारकी प्रांत के सुकुबा के बीच चलने वाली सुकुबा एक्सप्रेस लाइन का संचालन टोक्यो-एरिया मेट्रोपॉलिटन इंटरसिटी रेलवे कंपनी करती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ एरिया में मिनामी नागरेयामा स्टेशन पर ट्रेन रवाना होने का लोकल टाइम सुबह 9:44 बजे है। मंगलवार को यह रेल तय समय की जगह सुबह 9 बजकर 43 मिनट और 40 सेकंड पर ही रवाना हो गई। यानी ट्रेन अपने तय समय से 20 सेकंड पहले छूट गई। इस स्टेशन पर सुबह हर चार मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। इस हिसाब से पैसेंजर्स को शायद ही ट्रेन के समय पूर्व रवाना होने का पता चला होगा। पर कंपनी का ध्यान जैसे ही लोगों की परेशानी पर गया, उसने माफी मांगी। सुकुबा एक्सप्रेस लाइन 2005 में शुरू हुई थी। यह जापान की रैपिड सर्विस श्रेणी की रेल सेवा है।

देरी पर मिलता है सर्टिफिकेट:जापान में ट्रेन लेट होने पर ड्राइवर को जवाब देना पड़ता है। रेल कंपनी यात्री को देरी का सर्टिफिकेट या मैसेज जारी करती है। मुसाफिर इस सर्टिफिकेट को अपने ऑफिस, संस्थान या स्कूल में देरी से पहुंचने की सही वजह के सबूत के तौर पर दिखा सकते हैं।

ट्रेन पहले छूटने से यात्रियों पर बहानेबाजी की तोहमत लगी होगी: कंपनी
- रेल कंपनी का मानना है कि जापान में जिस तरह से रेल वक्त की पाबंद रहती है, यहां के लोग भी आवागमन के लिए रेल सफर की योजना भी इसी तरह से बनाते हैं। यदि कोई यात्री दूसरे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन बदलकर जा रहा होगा, तो ट्रेन जल्दी छूट जाने से उसे परेशानी हुई होगी।

- अफसरों का कहना है कि भले ही यात्रियों को चार मिनट बाद दूसरी ट्रेन मिल गई होगी, पर हमारी इस गलती से दूसरे स्टेशन पर उन्हें दिक्कत का सामना करना ही पड़ा होगा। ट्रेन लेट होने का असर उनकी पूरी यात्रा पर पानी फेर सकता है।

- इसके अलावा स्कूल, संस्थानों या कंपनी में जॉब पर जा रहे लोग अपने काम पर देरी से पहुंचे होंगे, जो उनके लिए शर्मिंदगी की वजह बनी हाेगी। यह सब ट्रेन के जल्दी छूटने से हुआ। हमें इस मामले पर खेद है।

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