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जापानी सेना ने पार की थी क्रूरता की सारी हद, किया था 80 हजार महिलाओं का रेप

4 वर्ष पहले
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इंटरनेशनल डेस्क. सेकंड वर्ल्ड वॉर में जापानी आर्मी की क्रूरता के नए कबूलनामे सामने आ रहे हैं। जापानी सोल्जर गिसाबुरो इकेदा के हाथ से लिखे इस कबूलनामे में 19 जून, 1938 की एक घटना का खुलासा किया गया है। इसके मुताबिक, वर्ल्ड वॉर के दौरान जापानी सोल्जर्स ने एक हजार चीनी नागरिकों को जोंगमऊ शहर से बाहर निकाला और यैलो रिवर में डुबोकर मार डाला था। जापान के सोल्जर्स के ये कबूलनामे चीन की आर्काइव अथॉरिटी सेकंड वर्ल्ड वॉर के 70 साल पूरे होने पर एक-एक कर जारी कर रही है। वहीं, स्टेट आर्काइव एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से हाल ही में जारी डॉक्युमेंट में ये भी दावा किया गया है कि युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों ने चीनी नागरिकों के मांस भी पकाकर खाए। नानजिंग नरसंहार में हुआ था 80 हजार महिलाओं का रेप...

- जापानी सेना की सेकंड वर्ल्ड वॉर के वक्त की इस क्रूरता को सेकंड चीन-जापान वॉर के नाम से जाना जाता है।
- इसे 20वीं शताब्दी के सबसे बड़े एशियाई युद्ध के तौर पर भी जाना जाता है। ये युद्ध 1937 से 1945 के बीच लड़ा गया।
- इस दौरान नानजिंग चीन की राजधानी हुआ करती थी। 1937 में ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी।
- जापानी सेना ने इसी साल जुलाई में बीजिंग पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद जापान ने चहर और सुईयुनान पर अधिकार कर लिया। हालांकि, शान्सी में चीनी सेना ने जापान का डटकर मुकाबला किया।
- इनके बाद जापानी सेना ने शंघाई पर कब्जा किया और 13 दिसंबर को चीन की राजधानी नानजिंग पर हमला कर दिया।
- ये युद्ध की असल शुरुआत थी, जब जापान की सेना ने नानजिंग शहर में महज छह हफ्तों में 3 लाख लोगों की जान ले ली थी।
- वहीं, करीब 80 हजार महिलाएं रेप का शिकार हुई थीं। जापानी सैनिकों ने पूरे शहर को तबाह कर दिया था।
- जापान यहीं नहीं रुका, उसने उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी चीन पर अपना अधिकार कर लिया, लेकिन पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी हिस्से पर कब्जा जमाने में जापान नाकाम रहा।
- एक के बाद एक जीत के बाद जापान ने 1941 में पर्ल हार्बर पर हमला कर दिया, जिसके बाद अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी।
- वहीं, सोवियत संघ ने जापान के कब्जे वाले मंचूरिया पर हमला कर दिया। इसके बाद अमेरिका चीन को जापान के खिलाफ युद्ध में मदद पहुंचाने लगा।
जापान ने किया सरेंडर
- चीन और जापान के बीच का युद्ध अब तक सेकंड वर्ल्ड वॉर का हिस्सा बन चुका था और जापान कमजोर पड़ने लगा था।
- हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले के बाद जापान में 1945 में अपनी हार मान ली और सरेंडर कर दिया।
- चीन का दावा है कि इस युद्ध के दौरान चीन के नागारिकों और सैनिकों समेत कुल साढ़े तीन करोड़ लोग मारे गए थे।
- वहीं, जापान की डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, जापान के 2 लाख सैनिक मारे गए थे।

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