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पाकिस्तान: पंजाब में 52% सीटें, 63% वोटर, 47% उम्मीदवार; तीनों बड़ी पार्टियों के प्रमुख भी यहीं से लड़ रहे चुनाव

पाकिस्तान में 25 जुलाई को 342 सीटों के लिए चुनाव होंगे।

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 09:44 AM IST
पंजाब शरीफ बंधुओं का गृह राज्य है। 1988 से पंजाब की राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती रही है। वह 4 बार यहां से जीतकर पाक के पीएम बने। उनके भाई शहबाज 3 बार पंजाब के सीएम रहे हैं। पंजाब शरीफ बंधुओं का गृह राज्य है। 1988 से पंजाब की राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती रही है। वह 4 बार यहां से जीतकर पाक के पीएम बने। उनके भाई शहबाज 3 बार पंजाब के सीएम रहे हैं।

इस्लामाबाद/नई दिल्ली. पाकिस्तान में जिसने पंजाब जीत लिया, उसकी देश में सरकार बनना तय माना जाता है। इस बार भी नेशनल असेंबली के चुनाव में सभी पार्टियों का चुनावी कैंपेन पंजाब के इर्द-गिर्द ही केंद्रित है। तीनों सबसे बड़ी पार्टियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान तहरीके-इ-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ पंजाब से लड़ रहे हैं। 272 सामान्य सीटों के लिए इस बार कुल 3459 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 46.92% पंजाब से लड़ रहे हैं। 51.83% सीटें पंजाब से ही हैं। 63% वोटर भी यहीं हैं।


12 साल सिंध, 20 साल पंजाब का वर्चस्व रहा: पाकिस्तान में पिछले 46 साल की राष्ट्रीय राजनीति में करीब 12 साल तक सिंध और 20 साल पंजाब का दबदबा रहा है। सिंध प्रांत भुट्‌टो परिवार का गढ़ रहा है। पूर्व पीएम जुल्फिकार अली और बेनजीर भुट्‌टो हमेशा यहीं की लरकाना सीट से चुनाव लड़ते थे। पंजाब प्रांत शरीफ परिवार का गढ़ है। नवाज यहीं से चुनाव लड़ते थे। अब उनके भाई और बेटी यहां चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि, पीपीपी ने राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए 2008 में पंजाब से जीतकर आए युसुफ रजा गिलानी को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री बनाया था।

46 साल में बने 10 प्रधानमंत्री: 1972 में बांग्लादेश के अलग होने के बाद से पाकिस्तान में अब तक 10 प्रधानमंत्री बने हैं। इनमें से 6 पंजाब से रहे हैं। 3 प्रधानमंत्री सिंध से और एक बलूचिस्तान प्रांत से हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा से एक भी नहीं हुए हैं।

इमरान पेश कर रहे बड़ी चुनौती: पीटीआई चीफ इमरान खान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से आते हैं। वह पीएमएल-एन और पीपीपी को कड़ी टक्टर दे रहे हैं। पीटीआई ने 2013 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पहली बार सरकार बनाई थी। नेशनल असेंबली में 35 सीटें जीतीं थीं। 16 साल में 3 पार्टियों के 7 प्रधानमंत्री हुए हैं। इनमें से 6 पंजाब से रहे हैं। उन्होंने करीब 14 साल शासन किया है। बलूचिस्तान से आने वाले पीएमएल-क्यू नेता जफरुल्लाह खान जमाली दो साल तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं।

नेशनल असेंबली: पंजाब में 141, सिंध में 61 सीट

राज्यप्रशासनिक क्षेत्र सामान्य सीट महिला सीटे
पंजाब 141 33
सिंध 61 14
खैबर पख्तूनख्वा 39 09
बलूचिस्तान 16 04
एफटीए 12 00
इस्लामाबाद 03 00
कुल 272 60

342 में से 70 सीटें रिजर्व: पाकिस्तान में 4 प्रांत और एफएटीए (फेडरल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइबल एरिया), फेडरल कैपिटल इस्लामाबाद हैं। 342 सीटें हैं। महिलाओं के लिए 60 और अल्पसंख्यकों के लिए 10 सीटें रिजर्व हैं। इस बार 10.59 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। 2013 में 8.61 करोड़ वोटर थे। इनमें 5.92 करोड़ पुरुष, 4.67 करोड़ महिला वोटर हैं। 5 साल में सबसे ज्यादा 23% वोटर पंजाब में बढ़े हैं। नेशनल असेंबली में रिजर्व सीटों के बाद बची 272 सामान्य सीटों में से 44 पर गैर मुस्लिम और 172 महिला उम्मीदवार हैं। 2013 में कुल 4671 उम्मीदवार मैदान में थे।

इमरान 5, शहबाज 4, बिलावल तीन सीटों से लड़ रहे हैं चुनाव

शहबाज शरीफ, पीएमएल-एन के अध्यक्ष: 4 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें पंजाब की एन-132 लाहौर, एन-192 डेरा गाजी खान, सिंध की एनए-249 कराची और खैबर पख्तूनख्वा की एन-3 स्वात सीट हैं। मरियम नवाज लाहौर की एनए-127 सीट से मैदान में हैं। पूर्व पीएम शाहिद खकान पंजाब की एनए-57 मुरी और इस्लामाबाद से लड़ रहे हैं।

इमरान खान, पीटीआई चीफ: 5 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें खैबर पख्तूनख्वा की एनए-35 बानू, इस्लामाबाद की एनए-53, पंजाब की एनए-95 मियानवाली, एनए-131 लाहौर और सिंध की एनए-243 कराची शामिल हैं।

बिलावल भुट्‌टो, पीपीपी चेयरमैन: 3 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें खैबर पख्तूनख्वा की मालाकंद, पंजाब की लाहौर, सिंध की लयारी सीट शामिल हैं। उनके पिता जरदारी सिंध व पूर्व पीएम युसुफ रजा गिलानी पंजाब से मैदान में हैं।

पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्‌टो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वह अपने गृह प्रांत सिंध की लयारी सीट से मैदान में हैं। पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्‌टो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वह अपने गृह प्रांत सिंध की लयारी सीट से मैदान में हैं।