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बिल गेट्स की एक आदत बदलने से बदल गई माइक्रोसॉफ्ट की तस्वीर

अनुभवी लोगों को कंपनी से जोड़ा तो पता चला कि मुझसे बेहतर काम करने वाले भी हैं: गेट्स

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 11:39 AM IST
बिल गेट्स - फाइल फोटो। बिल गेट्स - फाइल फोटो।

कैलिफोर्निया. दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स कामयाबी की चाह रखने वाले लोगों के लिए आदर्श हैं। लोग उन्हें फॉलो करते हैं। पर कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत तो जरूरी है ही, साथ ही कुछ आदतों को भी छोड़ना जरूरी है। हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के सात बातचीत में बिल गेट्स न बताया कि कंपनी की कामयाबी के लिए उन्हें अपनी कई आदतें बदलनी पड़ी थीं। गेट्स ने स्टूडेंट्स से कहा कि हम सब में कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनसे पार पाकर जिंदगी में सफलता तय की जा सकती है। आइए जानते हैं गेट्स की कुछ ऐसी आदतों के बारे में...

यह तस्वीर सितंबर 1995 की है। गेट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी में ही विंडोज 95 के बारे में मीडिया को बता दिया था। यह तस्वीर सितंबर 1995 की है। गेट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी में ही विंडोज 95 के बारे में मीडिया को बता दिया था।

अनुभवी लोगों को कंपनी से जोड़ा तो पता चला कि मुझसे बेहतर काम करने वाले भी हैं: गेट्स 

 

काम को टालने की आदत 
जब मैं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट था, तब अपनी क्लास में न जाकर दूसरों की क्लास अटैंड करता था। फाइनल एग्जाम से दो दिन पहले स्टडी करता था। लोगों के सामने मेरी ऐसी छवि बन गई थी कि मैं सबकुछ आखिरी वक्त में करता हूं। 

जब बिजनेस शुरू किया तो मैंने पाया कि काम को टालना बहुत ही खराब आदत है। कभी भी किसी ने मुझे इसके लिए नहीं सराहा। मैंने इस आदत को छोड़ने का फैसला किया। खुद को स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट की तरह अनुशासित बनाने पर पूरा जोर लगा दिया। हर काम की डेडलाइन तय करने लगा। हालांकि मुझे अपने आप को बदलने में काफी साल लग गए। 

 

दूसरों को कमतर आंकना 
मुझे लगता था कि कोड राइटिंग सबसे अच्छी तरह मैं ही करता हूं। कंपनी की लॉन्चिंग के समय खुद कोड लिखता था। दूसरों के लिखे कोड्स को भी दोबारा लिखता था। रिक्रूटमेंट प्रकिया के दौरान हर शख्स से बात करता था। उनसे कोड भी लिखवाकर देखता था। 

जब स्टीव बाल्मर ने मुझे समझाया कि कंपनी को बड़ा बनाना है तो टीम और संगठन विकसित करो। हमने नए लोग जोड़े। तब पता चला कि कुछ लोग मुझसे भी बेहतर काम कर सकते हैं। इसके बाद मैंने अपनी प्रबंधकीय भूमिका पर ध्यान देना शुरू किया। हर चीज में मेरी गैरजरूरी दखल खत्म होने से कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कई प्रोजेक्ट शानदार तरीके से पूरे किए। 

 

किसी पर भरोसा न करना 
टीम में 40 सदस्य हो गए थे, तब भी मैं हर शख्स के काम पर ध्यान देता था। यहां तक कि साथियों की गाड़ियों के नंबर याद रखता था, ताकि पता चल सके कि किसने ऑफिस में ज्यादा देर तक रुक कर काम किया है। इन सब चीजों में मेरा काफी समय व ऊर्जा खर्च होती थी। 

हमारे सॉफ्टवेयर्स की डिमांड बढ़ती जा रही थी। हम सप्लाई टारगेट कभी पूरे नहीं कर पाते थे। स्टीव ने मुझे बताया कि पहले तो टारगेट की संख्या कुछ कम करें। सबसे बड़ी बात, अपने साथियों पर भरोसा करना शुरू करें। हम उन्हेें मौके देंगे, तभी वे अच्छी तरह परफॉर्म करके दिखा पाएंगे। साथ ही उन्हें पर्याप्त स्वतंत्रता भी दें ताकि वे बिना हिचक, इसे अपना काम समझकर करें और बेहतरीन नतीजे दें। 

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बिल गेट्स - फाइल फोटो।बिल गेट्स - फाइल फोटो।
यह तस्वीर सितंबर 1995 की है। गेट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी में ही विंडोज 95 के बारे में मीडिया को बता दिया था।यह तस्वीर सितंबर 1995 की है। गेट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी में ही विंडोज 95 के बारे में मीडिया को बता दिया था।
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