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कनाडा में पढ़ाई के लिए भारतीयों को 60 की बजाय 45 दिन में मिलेगा स्टूडेंट वीजा

जून से लागू हुए एसडीएस प्रोग्राम के तहत छात्र सभी डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूट्स में कॉलेज स्तर की शिक्षा पा सकेंगे।

Danik Bhaskar | Jun 26, 2018, 09:25 AM IST
  • कनाडा सरकार ने भारत और तीन अन्य देशों के लिए वीजा नियमों में दी ढील
  • स्टूडेंट्स को बताना होगा उनके पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन और लैंग्वेज स्किल्स हैं

टोरंटो. कनाडा ने भारत और तीन अन्य देशों के लिए स्टूडेंट वीजा नियमों में ढील दी है। इसकी प्रोसेसिंग में लगने वाला समय भी कम कर दिया है। हाल ही में पेश नए प्रोग्राम स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) के तहत प्रोसेसिंग टाइम घटने से 45 दिन में ही स्टूडेंट वीजा मिल सकेगा। पहले इसमें 60 दिन लगते थे। भारत के अलावा वीजा नियमों में ढील का जिन देशों के स्टूडेंट्स को फायदा मिल सकेगा उनमें चीन, वियतनाम और फिलीपींस शामिल हैं। बस शर्त ये है कि स्टूडेंट्स को पहले बताना होगा कि उनके पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन और लैंग्वेज स्किल्स हैं। इसके बाद ही वे एसडीएस प्रोग्राम के तहत कनाडा में पढ़ाई करने के लायक बन सकेंगे।
कनाडा के आव्रजन विभाग, इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (आईआरसीसी) के एक बयान के मुताबिक, इससे पहले स्टूडेंट्स पार्टनर्स प्रोग्राम (एसपीपी) के तहत वीजा पाने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी थी। दस्तावेज भी ज्यादा लगते थे। कनाडा के चालीस से अधिक कॉलेजों में पढ़ाई के लिए ही वीजा मिलता था। लेकिन जून की शुरुआत से लागू हुए एसडीएस प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट्स सभी डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूट्स में कॉलेज स्तर की शिक्षा पा सकेंगे।

2017 में 83,410 भारतीयों स्टूडेंट्स को दिया वीजा: कनाडा सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब ब्रिटिश सरकार ने भारतीय स्टूडेंट्स को वीजा के आसान नियमों के दायरे से बाहर कर दिया है। ब्रिटेन और अमेरिका में संरक्षणवाद बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर कनाडा जाने वाले भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। कनाडा ने 2017 में 83,410 भारतीयों को स्टूडेंट वीजा दिया था। यह इससे पिछले साल की तुलना में 58% अधिक है। फिलहाल वहां एक लाख से ज्यादा भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच शिक्षा द्विपक्षीय सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र है।

भारत-कनाडा ने 2010 में किया था समझौता: शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग के लिए भारत और कनाडा ने जून 2010 में समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत स्टूडेंट्स और फैकल्टी एक्सचेंज, रिसर्च और करिकुलम डेवलपमेंट, एक-दूसरे एजुकेशनल क्वालिफिकेशंस को मान्यता देना शामिल हैं।

सुपर वीजा नियमों में भी दी थी ढील: कनाडा सरकार ने हाल ही में सुपर वीजा नियमों में भी बदलाव किया था। इसके तहत हर स्टे 2 साल की और उसके साथ ही एक साल की एक्सटेंशन मिल पाएगी। पहले पहली बार कनाडा जाने पर दो साल की स्टे मिलती थी। इसके बाद छह महीने की स्टे और फिर छह महीने की एक्सटेंशन मिलती थी।