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सीआईए ने कहा- चीन ने अमेरिका के खिलाफ शीत युद्ध छेड़ा, वह हमारी सुपरपावर की हैसियत मिटाना चाहता है

सीआईए के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक, चीन अन्य देश की सीमा में आने वाले क्षेत्रों को अपने कब्जे में करना चाहता है

Danik Bhaskar | Jul 23, 2018, 10:11 AM IST
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉ अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉ

वॉशिंगटन. सेंट्रल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (सीआईए) ने कहा है कि चीन, अमेरिका के खिलाफ शीत युद्ध छेड़े हुए हैं। वह अपनी पूरी ताकत से इस बात मे जुटा है कि अमेरिका को दुनिया की सुपरपावर हैसियत से हटा दिया जाए। सीआईए ने ये भी कहा कि चीन जंग नहीं लड़ना चाहता लेकिन शी जिनपिंग की मौजूदा सरकार की कोशिश है कि कई मोर्चों पर अमेरिका को पीछे कर दिया जाए।

सीआईए के डिप्टी असिस्टेंट डायरेक्टर माइकल कॉलिंस ने कहा कि जिस तरह अमेरिका-रूस (पूर्व सोवियत संघ) के बीच दशकों तक तनातनी रही, इसके आधार पर मौजूदा अमेरिका-चीन के रिश्तों का आकलन नहीं किया जा सकता। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह एक तरह का शीत युद्ध ही है। हाल ही में अमेरिका की तरफ से जारी ट्रेड वॉर के बीच चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया। अमेरिका ने पिछले महीने चीन से इंपोर्ट होने वाले 2.34 लाख करोड़ रुपए (34 अरब डॉलर) के सामान पर 25% तक शुल्क लगाने का फैसला किया था, जो 6 जुलाई से लागू हो गया। बदले में चीन ने भी इतनी ही रकम के अमेरिकी आयात पर ड्यूटी बढ़ाई है। चीन का कहना है कि अमेरिका विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

चीन प्रभाव बढ़ाने में जुटा: चीन न केवल अपनी सेना का विस्तार कर रहा है बल्कि आधुनिक रूप देने में भी जुटा है। दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीप पर भी वह सैन्य अड्डे बढ़ा रहा है। अमेरिका समेत कई देश इसकी आलोचना कर चुके हैं। कॉलिंस कहते हैं, "आप इसे पूर्व का क्रीमिया कह सकते हैं। जिस तरह रूस ने यूक्रेन की हद में आने वाले क्रीमिया को अपने कब्जे में कर लिया, उसी तरह चीन अन्य देश की सीमा में आने वाले क्षेत्रों को अपने कब्जे में करना चाहता है।'' हाल ही में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) के डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने कहा था कि चीन की तरफ से सबसे बड़ी चुनौती काउंटर इंटेलिजेंस की तरफ से है। हमने देश के पूरे 50 राज्यों में जासूसी की जांच की। इसमें पता चला कि सबके पीछे चीन का ही हाथ था।

बिजनेस सीक्रेट चुरा रहा चीन: अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर डेन कोट्स के मुताबिक, चीन अमेरिका के व्यापार और शिक्षा से जुड़ी खुफिया बातें चोरी कर रहा है। हमें इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए। पूर्व मंत्री मार्सेल लेटर कहती हैं कि चीन रक्षा पर खर्च करने वाला दुनिया का दूसरा देश है। उसके पास सबसे बड़ी आर्मी है। उसके पास दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी एयरफोर्स है। चीनी नौसेना में 300 जहाज और 60 पनडुब्बियां हैं। पेंटागन भी कह चुका है कि चीन, अमेरिका से 20 गुना ज्यादा मिसाइल टेस्ट कर चुका है। इन सबके चलते चीन से संभलकर रहने की जरूरत है।