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ग्वाटेमाला के ज्वालामुखी में 44 साल बाद सबसे बड़ा धमाका; 25 लोगों की मौत, 3 हजार लोगों को निकाला गया

अब से पहले 1974 में हुआ था ग्वाटेमाला के फ्यूगो ज्वालामुखी में जोरदार धमाका।

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 10:55 AM IST
ग्वाटेमाला के कोनराड नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के महासचिव के मुताबिक, ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद से लावा की एक नदी सी बह रही है। ग्वाटेमाला के कोनराड नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के महासचिव के मुताबिक, ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद से लावा की एक नदी सी बह रही है।

  • 3 जगहों अल रोडियो, अलोतेनांगो और सैन मिगुएल में सबसे ज्यादा लोग मारे गए
  • 8 किमी तक फैल गया लावा-राख

ग्वाटेमाला सिटी. ग्वाटेमाला के फ्यूगो ज्वालामुखी में हुए विस्फोट से 25 लोगों की मौत हो गई। 300 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। ज्वालामुखी से राख-लावा निकल रहा है। अफसरों का कहना है कि 1974 के बाद अब फ्यूगो में इतना जोरदार धमाका हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी है। राजधानी ग्वाटेमाला सिटी के ला ऑरोरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। राष्ट्रपति जिमी मोरालेस ने 3 शहरों में रेड अलर्ट और पूरे देश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


8 किमी तक फैल गई राख
- फ्यूगो का मतलब है- आग का ज्वालामुखी। धमाका इतना तेज था कि इसका लावा और राख 8 किमी दूर तक के हिस्से में फैल गए। फ्यूगो में इस साल दूसरी बार विस्फोट हुआ है।
- ग्वाटेमाला के कोनराड नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के महासचिव सर्जियो कबानास के मुताबिक, ""ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद से लावा की एक नदी सी बह रही है। इससे अल रोडियो नाम के गांव पर असर पड़ा है। लोग जल रहे हैं और उनकी मौत हो रही है।''
- "फिलहाल 25 लोगों की मौत की खबर है लेकिन ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इलाके से 3 हजार से ज्यादा लोगों को बाहर निकाल लिया गया है।''
- अफसरों की मानें तो तीन जगहों अल रोडियो, अलोतेनांगो और सैन मिगुएल में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं।

लावे से बुरी तरह जल गए लोग
- लोकल न्यूज चैनल में दिखाए एक वीडियो में बताया गया कि अल रोडियो में 3 शव बेहद बुरी तरह जल गए थे।
- कनाबास का कहना है कि अल रोडियो तो करीब-करीब खत्म हो चुका है। लावा के चलते हमारे बचावकर्मी एक दूसरे गांव ला लिबरताद तक भी नहीं पहुंच पाए। वहां भी 3 लोगों के मारे जाने की खबर है।

लोग जहां थे वहां ही दफन हो गए
- एक अन्य वीडियो में दिखाया गया कि राख से सनी महिला ने किसी तरह भागकर जान बचाई। महिला के मुताबिक, मक्के के खेतों से लावा तेजी से फैल रहा है।
- कॉन्सुएलो हर्नांडेज नाम के एक शख्स ने बताया कि ज्वालामुखी के नजदीक के स्थित गांवों से कोई नहीं भाग सका। मुझे लगता है कि सभी लोग वहीं दफन हो गए।

17 लाख की आबादी पर असर

- फ्यूगो ज्वालामुखी में विस्फोट से 17 लाख की आबादी पर असर पड़ा है।

- कई शहरों में राख फैली हुई है। अफसरों ने लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है।

- डिजास्टर अथॉरिटी के प्रवक्ता का कहना है कि हवा की दिशा बदलने से राख देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच सकती है।

कहां स्थित है फ्यूगो ज्वालामुखी?

- फ्यूगो ग्वाटेमाला सिटी से 40 किमी दूर दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित है। ये एंटीगा शहर से ज्यादा नजदीक है। एंटीगा एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और काफी की पैदावार के लिए जाना जाता है। यहां से भी लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया गया है।

- ग्वाटेमाला के भूकंप और ज्वालामुखी विशेषज्ञ एडी सांचेज के मुताबिक, "लावा का तापमान 700 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। ज्वालामुखी की राख 15 किमी तक फैल सकती है। नदियों के किनारे ज्यादा कीचड़ जमा हो सकती है।"

- बता दें कि ग्वाटेमाला में दो अन्य सक्रिय ज्वालामुखी सेंटियागुइटो और पकाया भी हैं।

लोगों का कहना है कि कुछ गांव तो लावा में पूरे ही दफन हो गए। लोगों का कहना है कि कुछ गांव तो लावा में पूरे ही दफन हो गए।
फ्यूगों ज्वालामुखी में 1974 बाद के सबसे बड़ा विस्फोट है। फ्यूगों ज्वालामुखी में 1974 बाद के सबसे बड़ा विस्फोट है।
लावा-राख 8 किमी तक फैल गया। लावा-राख 8 किमी तक फैल गया।
ज्वालामुखी से ग्वाटेमाला के 3 शहरों में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं। ज्वालामुखी से ग्वाटेमाला के 3 शहरों में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं।
3 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। 3 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
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ग्वाटेमाला के कोनराड नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के महासचिव के मुताबिक, ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद से लावा की एक नदी सी बह रही है।ग्वाटेमाला के कोनराड नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के महासचिव के मुताबिक, ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद से लावा की एक नदी सी बह रही है।
लोगों का कहना है कि कुछ गांव तो लावा में पूरे ही दफन हो गए।लोगों का कहना है कि कुछ गांव तो लावा में पूरे ही दफन हो गए।
फ्यूगों ज्वालामुखी में 1974 बाद के सबसे बड़ा विस्फोट है।फ्यूगों ज्वालामुखी में 1974 बाद के सबसे बड़ा विस्फोट है।
लावा-राख 8 किमी तक फैल गया।लावा-राख 8 किमी तक फैल गया।
ज्वालामुखी से ग्वाटेमाला के 3 शहरों में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं।ज्वालामुखी से ग्वाटेमाला के 3 शहरों में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं।
3 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।3 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
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