रूसी सेना की थी मलेशिया के एमएच 17 विमान को मार गिराने वाली मिसाइल- जांचकर्ता; गई थी 298 लोगों की जान

3 वर्ष पहले
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- संयुक्त जांच के दौरान 100 संदिग्धों को दायरे में रखा गया, हालांकि कभी भी इनका सीधे नाम नहीं लिया गया

 

 

यूट्रेक्ट (नीदरलैंड्स).  यूक्रेन में मलेशियाई विमान एमएच 17 को गिराने वाली मिसाइल रूसी सेना की थी। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की संयुक्त जांच के बाद गुरुवार   को पहली बार यह दावा किया गया। डच जांचकर्ता विलबर्ट पॉलिसन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस के कर्स्क स्थित 53वीं ब्रिगेड से ये मिसाइल आई थी। बता दें कि 17 जुलाई 2014 को एम्सटर्डम से मलेशिया जाते वक्त एमचएच-17 में धमाका हुआ था। इसक मलबा उत्तरी यूक्रेन में मिला था। विमान में बैठे सभी 298 यात्री और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी।

 

पहले दावा किया था- यूक्रेन से दागी गई मिसाइल

- जांचकर्ताओं ने पहले ये दावा किया था कि रूस के बक मिसाइल सिस्टम को यूक्रेन के मास्को समर्थित विद्रोहियों ने खरीदा था और फिर यूक्रेन से ही मिसाइल दागी गई थी। हालांकि, तब जांचकर्ता सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं ले पाए थे।

- अब जांचकर्ताओं ने जो दावा किया है, उसका आधार फोटो और वीडियो के जरिए बनाया गया मिसाइल के रूट है। ये मिसाइल कर्स्क से होते ही सीमा पार यूक्रेन गई थी। 

- जांचकर्ता ने बताया कि विमान ने उस दिन 1. 20 बजे ट्रैफिक कंट्रोल से अपना संपर्क खो दिया था। जिस वक्त यह हादसा हुआ तब वह रूस-यूक्रेन के बॉर्डर से लगभग 50 किलोमीटर दूर था।

 

हमने बहुत सारे सबूत इकट्ठा किए- जांचकर्ता

- मास्को लगातार इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार करता रहा है और इसका आरोप यूक्रेन पर लगाता रहा है। नीदरलैंड्स की तरफ हुई इस जांच में 100 लोगों पर फोकस किया गया, जिन पर इस हमले में सीधे तौर पर शामिल होने का शक था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने कभी भी मीडिया में सीधेतौर पर किसी का नाम नहीं लिया था। 

- मुख्य जांचकर्ता फ्रेड वेस्टरबेक ने कहा कि जांच अपने अंतिम चरण में है और अभी भी कुछ काम होना बाकी है। पिछले कुछ सालों के दौरान हमने बहुत सारे सबूत इकट्ठा किए हैं, लेकिन अभी भी हम आरोप लगाने के लिए तैयार नहीं हैं। 

 

आरोपियों का ट्रायल नीदरलैंड्स में चलेगा

- डच अधिकारियों ने कहा कि एमएच 17 मामले में गिरफ्तार किए गए किसी भी संदिग्ध का ट्रायल नीदरलैंड्स में ही चलाया जाएगा। 

- अधिकारियों ने कहा कि जिन देशों के साथ संयुक्त जांच की जा रही है, उनके साथ हुए समझौते में ये शर्त पहले ही साफ कर दी गई थी।

 

विमान में सबसे ज्यादा डच यात्री थे सवार

-  17 जुलाई 2014 को हुए इस हादसे में 298 यात्री और क्रू- मेंबर की मौत हो गई थी। इसमें 38 ऑस्ट्रेलिया, 43 मलेशिया और 193 डच यात्री शामिल थे।

 

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