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थाईलैंड: अभियान खत्म होने से पहले गुफा में भर गया था पानी, मोटर खराब हो गई थीं और 22 लोग फंसे थे

तब गुफा में आखिरी बच्चा, कोच और बचाव दल के 20 लोग थे

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 07:26 PM IST
अभियान के आखिरी दौर में तेज बा अभियान के आखिरी दौर में तेज बा

- ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना मुश्किल था

- आखिरी बच्चे को शांत रखने के लिए दी गई थी बेहोशी की दवा

बैंकॉक. थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके कोच को बचाने के लिए चलाए गए अभियान के आखिरी में खतरा काफी बढ़ गया था। थाई नेवी सील के पूर्व कमांडर चैयनन्ता पीरांगॉन्ग ने बताया कि इस दौरान में गुफा से पानी निकालने वाली मोटर खराब हो गई थीं। तेज बारिश की वजह से पूरी गुफा में पानी भर गया था। उस वक्त गुफा में एक बच्चा, कोच और 20 बचावकर्मी फंसे हुए थे।
पीरांगॉन्ग ने बताया कि उस वक्त कोई भी गोताखोर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर तैर पाने और बच्चे को साथ लेकर बाहर आने की स्थिति में नहीं था। हालांकि, नेवी सील के अफसरों और विदेशी गोताखोरों ने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे हालात में बच्चे को शांत रखने के लिए बेहोशी की थोड़ी दवा दी गई थी।

कुनन की मौत के बाद बढ़ गया था डर : पूर्व नेवी चीफ ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी से सेवानिवृत्त नेवी अफसर समन कुनन की मौत के बाद अन्य गोताखोर काफी डर गए थे। इसके बाद ही बच्चों को स्कूबा डाइविंग सिखाकर बाहर निकालने के प्लान को ड्रॉप कर दिया गया। चैयनन्ता ने बताया कि दुनिया के 13 नामी गोताखोरों ने इस रेस्क्यू को अंजाम तक पहुंचाया। इनमें ऑस्ट्रेलिया के रिचर्ड हैरिस भी शामिल थे। वह गोताखोर के साथ-साथ पेशेवर एनेस्थेटिस्ट भी हैं।