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ट्रम्प-किम जोंग की मुलाकात को मुमकिन बनाने के लिए 18 साल बाद अमेरिका जाएगा उत्तर कोरियाई अधिकारी

Dainik Bhaskar

May 29, 2018, 05:03 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोंग उन के बीच 12 जून को सिंगापुर में मुलाकात में प्रस्तावित है।

दक्षिण कोरिया के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने में किम योंग ने अहम भूमिका निभाई है। (फाइल) दक्षिण कोरिया के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने में किम योंग ने अहम भूमिका निभाई है। (फाइल)

  • साल 2000 में बिल क्लिंटन से मिलने के लिए तानाशाह किम जोंग-इल ने वाइस मार्शल जो म्योंग को अमेरिका भेजा था
  • किम जोंग के करीबी किम योंग-चोल बुधवार तक अमेरिका पहुंच सकते हैं, यहां वे माइक पोम्पियो से मुलाकात करेंगे

प्योंग्यांग. उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी और किम जोंग-उन के करीबी किम योंग चोल अमेरिका के सफर पर निकल चुके हैं। साउथ कोरिया न्यूज एजेंसी योनहैप के मुताबिक, वे अमेरिका जाने के लिए चीन के बीजिंग से उड़ान भरेंगे। वे विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से 12 जून को होने वाली ट्रम्प और किम जोंग की मुलाकात पर बात करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि 18 साल पहले वर्ष 2000 में उत्तर कोरिया के एक अधिकारी ने अमेरिका का दौरा किया था। हालांकि, तब दोनों देशों के बीच दोस्ती की कोशिश नाकाम हो गई थी।

किम योंग का विदेश नीति में अहम किरदार

- 72 साल के किम योंग-चोल उन चुनिंदा लोगों में हैं, जो उत्तर कोरिया की विदेश नीति में अहम किरदार निभाते हैं। हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ किम जोंग की दो मुलाकातों में वे भी शामिल थे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को साथ मुलाकात में भी वे किम जोंग के साथ ही थे।
- इसी साल दक्षिण कोरिया में आयोजित विंटर ओलिम्पिक्स के समापन समारोह में उन्होंने उत्तर कोरिया की तरफ से हिस्सा लिया था। इसी दौरान दोनों देशों में करीबी दुनिया के सामने आई थी।


मुलाकात निश्चित करना किम योंग का मकसद
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी महीने की शुरूआत में किम जोंग से सिंगापुर में 12 जून को मिलने का ऐलान किया था। इसके बाद माइक पोम्पियो मुलाकात की तैयारियों के लिए दो बार प्योंग्यांग गए थे।
- हालांकि, बीते हफ्ते ट्रम्प ने एक पत्र जारी कर समिट को रद्द कर दिया। उन्होंने इसके पीछे उत्तर कोरिया के भड़काऊ बयानों का जिक्र किया था।
- ट्रम्प के इस फैसले पर उत्तर कोरिया ने दुख जताया था। उप विदेश मंत्री ने कहा था कि वे किसी भी हालत में दोनों देशों की मुलाकात कराना चाहते हैं।
- उत्तर कोरिया के इसी व्यवहार पर ट्रम्प ने एक बार फिर 12 जून के लिए प्रस्तावित मुलाकात के लिए हामी भरी थी। हालांकि, उन्होंने तारीख आगे बढ़ाए जाने की आशंका भी जताई थी।
- माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया हर हाल में 12 जून को ही ट्रम्प और किम जोंग के बीच मुलाकात चाहता है और इसी लिए किम योंग-चोल अमेरिका रवाना हो रहे हैं।

सोनी पिक्चर्स पर साइबर हमले के जिम्मेदार हैं किम योंग

- 2016 में उत्तर कोरिया की विदेश नीति संभालने से पहले किम योंग देश के उच्च सैन्य अधिकारी और इंटेलिजेंस चीफ रह चुके थे। माना जाता है कि 2010 में दक्षिण कोरियाई नागरिकों पर जानलेवा हमले में उनका बड़ा हाथ था। इसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
- 2014 में सोनी पिक्चर्स पर साइबर हमले के पीछे भी किम योंग का हाथ माना जाता है। सोनी पर ये हमला 2014 की चर्चित फिल्म ‘द इंटरव्यू’ बनाने के लिए किया गया था। इसमें किम जोंग-उन का मजाक उड़ाया गया था।

18 साल पहले भी अमेरिका दौरे पर गया था उत्तर कोरियाई उच्चाधिकारी
- गौरतलब है कि उत्तर कोरिया की तरफ से साल 2000 में भी अमेरिका से संबंध बढ़ाने की कोशिश हुई थी। उस दौरान तत्कालीन तानाशाह और किम जोंग-उन के पिता किम जोंग-इल ने देश के वाइस मार्शल जो म्योंग-रोक को वॉशिंगटन भेजा था। जो म्योंग अब तक उत्तर कोरिया के सबसे बड़े अधिकारी हैं, जिन्होंने अमेरिका का दौरा किया था।
- जो ने उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और विदेश मंत्री मैडेलिन अल्ब्राइट से मुलाकात की थी। उस दौरे को दोनों देशों के संबंध के लिए काफी महत्वपूर्ण माना गया था। अल्ब्राइट ने जो के दौरे के तीन हफ्ते बाद ही बातचीत बढ़ाने के लिए प्योंग्यांग का दौरा किया था। तब भी उत्तर कोरिया ने अमेरिका से मिसाइल प्रोग्राम बंद करने का वादा किया था।
- हालांकि, जनवरी 2001 में जाॅर्ज बुश के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्तों में एक बार फिर खटास पैदा हो गई। बुश उत्तर कोरिया पर सख्त रवैया रखने वाले राष्ट्रपतियों के रूप में जाने जाते हैं।

अपने उत्तर कोरिया दौरे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने तानाशाह किम जोंग-उन से प्योंग्यांग में मुलाकात की। (फाइल) अपने उत्तर कोरिया दौरे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने तानाशाह किम जोंग-उन से प्योंग्यांग में मुलाकात की। (फाइल)
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दक्षिण कोरिया के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने में किम योंग ने अहम भूमिका निभाई है। (फाइल)दक्षिण कोरिया के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने में किम योंग ने अहम भूमिका निभाई है। (फाइल)
अपने उत्तर कोरिया दौरे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने तानाशाह किम जोंग-उन से प्योंग्यांग में मुलाकात की। (फाइल)अपने उत्तर कोरिया दौरे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने तानाशाह किम जोंग-उन से प्योंग्यांग में मुलाकात की। (फाइल)
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