--Advertisement--

ट्रम्प एक महीने में दूसरी बार जर्मनी के खिलाफ, कहा- आप रूस के बंधक, अरबों डॉलर देकर उसे अमीर बना रहे

ट्रम्प ने नाटो के सेक्रेटरी जनरल के साथ मुलाकात में रूस-जर्मनी की नजदीकियों पर नाराजगी जताई।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:47 PM IST
  • अमेरिका-जर्मनी के बीच विवाद में आया यू-टर्न
  • जी-7 समिट में ट्रम्प रूस के पक्ष में नजर आए थे, अब जर्मनी को उसका बंधक बता रहे

ब्रसेल्स. जर्मनी और अमेरिका एक महीने में दूसरी बार आमने-सामने हो गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार शाम ब्रसेल्स में नाटो नेताओं की बैठक में जर्मनी के खिलाफ खुलकर बयान दिए। ट्रम्प ने कहा, ‘‘एक तरफ हम आपकी रूस से और बाकी देशों से हिफाजत करते हैं, दूसरी तरफ आप रूस से अरबों डॉलर की डील कर लेते हैं। आप तो रूस को अमीर बना रहे हैं। जर्मनी पूरी तरह से रूस के नियंत्रण में है। रूस ने जर्मनी को बंधक बना रखा है। ये ठीक नहीं है।’’ ट्रम्प ने जब यह टिप्पणी की, उस वक्त जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल मौजूद नहीं थीं।
ट्रम्प ने 29 देशों के सैन्य संगठन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में कहा, ‘‘बहुत दुख की बात है कि जर्मनी ने रूस के साथ तेल और गैस की एक बड़ी डील की है। ये सही नहीं है। जर्मनी के 70% नैचुरल गैस सेक्टर पर रूस का नियंत्रण हो जाएगा। ये नहीं होना चाहिए।’’

मर्केल ने कहा- रूस से रिश्तों पर अफसाेस नहीं : ट्रम्प के बयानों के बाद एंजेला मर्केल ने कहा, ‘‘मैं पूर्वी जर्मनी के ऐसे इलाके में पली-बढ़ी हूं, जो कभी सोवियत संघ का हिस्सा था। मैंने सोवियत संघ के नियंत्रण वाले जर्मनी का अनुभव लिया है। मुझे खुशी है कि आज दोनों देश अलग हैं और आजाद हैं। हम अपनी नीतियां खुद तय करते हैं और ये अच्छी बात है।’’

10 जून काे भी आमने-सामने थे अमेरिका और जर्मनी : एक महीने पहले जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में जी-7 देशों की समिट हुई थी। उसमें जर्मनी, फ्रांस, कनाडा अमेरिका के विरोध में दिखे तो ट्रम्प जी-7 सम्मेलन बीच में छोड़कर चले गए थे। मर्केल ने कहा था कि ट्रम्प का संयुक्त बयान में शामिल न होना निराशाजनक है। यूक्रेन से क्रीमिया छीनने को लेकर 2014 से रूस को जी-8 से बाहर रखा गया है। इस वजह से जी-8 चार साल से जी-7 बन गया है। एक महीने पहले हुई जी-7 की बैठक में ट्रम्प ने कहा था कि रूस को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले समूह में दोबारा शामिल करना चाहिए। इस पर मर्केल ने कहा था कि पहले रूस से यूक्रेन और सीरिया के मसले पर बात करने की जरूरत है। उसके बाद ही उसे इस समूह में दोबारा शामिल किया जा सकता है।

'अभी नाटो में रहना जरूरी': ट्रम्प से ब्रसेल्स में पूछा गया कि क्या वे कांग्रेस की मंजूरी के बिना नाटो से बाहर जा सकते हैं, उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं ऐसा कर सकता हूं लेकिन ऐसा करूंगा नहीं। क्योंकि संगठन में बने रहना अभी हमारे लिए जरूरी है।" चीन-अमेरिका रिश्तों पर ट्रम्प ने कहा, "मैंने चीन के राष्ट्रपति के साथ जो दो दिन बिताए वो अब तक के मेरे सबसे जादुई दिन थे।"