विज्ञापन

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील फाइनल, कभी भी हो सकता है ऐलान

Dainik Bhaskar

May 09, 2018, 09:27 AM IST

99 हजार करोड़ रुपए में फ्लिपकार्ट को खरीदेगी अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट।

Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
  • comment

- फ्लिपकार्ट डील के जरिए वॉलमार्ट ने अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश किया है

- इससे पहले वॉलमार्ट ने 2016 में ऑनलाइन रीटेलर जेट डॉट कॉम को 19,800 करोड़ में खरीदा था

बेंगलुरु. ई-कॉमर्स में दुनिया की सबसे बड़ी डील पक्की हो गई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर वॉलमार्ट ने 1.07 लाख करोड़ रुपए में भारत की सबसे बड़ी ई-रिटेलर फ्लिपकार्ट में 77% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एग्रीमेंट साइन कर लिया है। नियामक की मंजूरी मिलने के बाद वॉलमार्ट 1.07 लाख करोड़ का भुगतान करेगी। वॉलमार्ट ने कहा है कि इस निवेश से फ्लिपकार्ट के कारोबार को ग्रोथ मिलेगी। ई-कॉमर्स सेक्टर में नई नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। वॉलमार्ट शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए भी फ्लिपकार्ट की मदद करेगी। को-फाउंडर सचिन बंसल अपनी हिस्सेदारी बेचकर फ्लिपकार्ट से बाहर हो जाएंगे।

77% शेयर के साथ सबसे बड़ी हिस्सेदारी होगी वॉलमार्ट

- भारत में बेस्ट प्राइस के नाम से 21 स्टोर चला रही वॉलमार्ट ने इस डील के लिए फ्लिपकार्ट की वैल्यू 20.8 अरब डॉलर (1.39 लाख करोड़ रुपए) आंकी है।
- 28 देशों में काम करने वाली वॉलमार्ट का वैल्युएशन 16.83 लाख करोड़ रुपए का माना जाता है।

- फ्लिपकार्ट की भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में 43% हिस्सेदारी है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल तक भारत में फ्लिपकार्ट का मार्केट शेयर 44% होने का अनुमान है। फैशन रीटेलर मिंत्रा और जबोंग भी फ्लिपकार्ट की कंपनियां हैं। इन दोनों का ऑनलाइन रीटेल फैशन में 70% बाजार पर कब्जा है।


3 वजहों के चलते यह डील चाहते थे वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट
1
) इस डील के जरिए वॉलमार्ट को भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में सीधी पहुंच मिल जाएगी। वॉलमार्ट के प्रेसिडेंट और सीईओ मैकमिलन ने कहा, ‘"दुनियाभर में भारत सबसे आकर्षक रिटेल मार्केट है। फ्लिपकार्ट में निवेश के जरिए हमने मार्केट लीडर कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है।’’
2) फ्लिपकार्ट को एक बड़ी रकम मिलेगी, साथ ही रिटेल कारोबार का वॉलमार्ट का लंबा अनुभव भी काम आएगा। नई टेक्नोलॉजी का सपोर्ट भी मिलेगा जिससे फ्लिपकार्ट अब अमेजन को ज्यादा मजबूती से चुनौती दे सकेगी। अमेजन की भारत के बाजार में 38% मौजूदगी है।
3) इस डील के जरिए वॉलमार्ट अमेजन को भारत में ज्यादा मजबूती से टक्कर दे सकेगी। चीन के बाजार में भी दोनों कंपनियों के बीच सीधी टक्कर है।


पहले : फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक की सबसे ज्यादा और बिन्नी-सचिन बंसल की सबसे कम हिस्सेदारी थी

शेयर होल्डर हिस्सेदारी
सॉफ्टबैंक 20.8%
टाइगर ग्लोबल 20.6%
नेस्पर 12.8%
टेनसेंट 5.9%
ईबे सिंगापुर 6.1%
एक्ससेल पार्टनर्स 6.4%
बिन्नी बंसल 5.25%
सचिन बंसल 5.55%

अब : वॉलमार्ट की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी, सचिन बंसल बाहर होंगे

क्या होगा
वॉलमार्ट 77% हिस्सेदारी होगी
अल्फाबेट नई निवेशक होगी, 15% हिस्सेदारी मिल सकती है
फ्लिपकार्ट कंपनी सिंगापुर में रजिस्टर्ड है, अपने 2300 करोड़ रुपए के शेयर्स बायबैक कर चुकी है
बिन्नी बंसल हिस्सेदार बने रहेंगे, कंपनी बोर्ड के चेयरमैन होंगे
टेनसेंट, टाइगर ग्लोबल, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प ये सभी हिस्सेदारी बने रहेंगे, हिस्सेदारी के आंकड़े साफ नहीं
कृष अय्यर वॉलमार्ट से हैं और कंपनी के सीईओ रहेंगे
सॉफ्टबैंक 20.8% हिस्सेदारी बेचकर बाहर होगी
सचिन बंसल 5.55% हिस्सेदारी बेचकर बाहर होंगे, 20% कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना पड़ सकता है
ब्रांड वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट अलग-अलग ब्रांड बने रहेंगे, फ्लिपकार्ट को स्वतंत्र बोर्ड मिलेगा
आगे क्या? इस डील के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी जरूरी होगी
कंज्यूमर डील के लागू होने के बाद वॉलमार्ट की पहुंच भारत के 17.5 करोड़ ऑनलाइन कंज्यूमर्स तक हो जाएगी

11 साल पहले फ्लिपकार्ट शुरू करने वाले सचिन बंसल बाहर होंगे
- को-फाउंडर सचिन बंसल अपनी 5.5% शेयर वॉलमार्ट को बेचकर फ्लिपकार्ट से पूरी तरह बाहर होंगे। बताया जा रहा है कि सचिन वॉलमार्ट डील के बाद की स्ट्रैटेजी और प्रस्तावित स्ट्रक्चर से सहमत नहीं थे इसलिए पूरी तरह कंपनी छोड़ने का मन बना लिया। सचिन ने बिन्नी बंसल के साथ मिलकर 11 साल पहले 2007 में फ्लिपकार्ट को खड़ा किया था। इससे पहले दोनों अमेजॉन के इम्प्लॉई थे।

- वहीं, जापान की सॉफ्टबैंक भी फ्लिपकार्ट में अपने पूरे शेयर वॉलमार्ट को बेचकर बाहर हो जाएगी। इससे पहले सॉफ्टबैंक ने स्नेपडील और फ्लिपकार्ट के मर्जर पर जोर दिया था लेकिन स्नेपडील ने सौदा करने से इनकार कर दिया।

2019 तक किस ई-रिटेलर की भारत में कितनी हिस्सेदारी होने का अनुमान?

कंपनी मार्केट शेयर
फ्लिपकार्ट 44%
अमेजन 37%
स्नेपडील 9%

भारत का ई-कॉमर्स मार्केट

मौजूदा 2026 तक अनुमानित
1.98 लाख करोड़ रुपए 13.20 लाख करोड़ रुपए

बड़े ऑफर के बावजूद क्यों पिछड़ी अमेजन?

- सूत्रों के मुताबिक अमेजन ने भी 60% शेयर खरीदने का ऑफर दिया था, लेकिन फ्लिपकार्ट ने वॉलमार्ट को तवज्जो दी। बताया जा रहा है कि अमेजन ने डील के लिए फ्लिपकार्ट की वैल्यू 22 बिलियन डॉलर (1.45 लाख करोड़ रुपए) आंकी थी।

- बताया जा रहा है कि फ्लिपकार्ट बोर्ड ने डील के लिए वॉलमार्ट को प्राथमिकता दी। इसकी वजह तो साफ नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि फ्लिपकार्ट नहीं चाहती कि कंपीटीटर कंपनी को उसके प्लेटफॉर्म का फायदा मिले।

- उधर, वॉलमार्ट भी भारत में अमेजन से आगे निकलना चाहती है। इसलिए अमेजन के ऑफर के बाद वॉलमार्ट ने डील हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए।

अमेजन और वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट में दिलचस्पी क्यों थी? ​

- भारत में के ई-कॉमर्स बाजार में फ्लिपकार्ट और अमेजन बड़े खिलाड़ी हैं। मार्केटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दोनों ने बड़ी रकम खर्च की है।

- वॉलमार्ट और अमेजन ने भारत में एक दूसरे को पछाड़ने के लिए भी फ्लिपकार्ट पर दांव लगाया क्योंकि दोनों को चीन में अपने कंपीटीशन का नुकसान उठाना पड़ा था और दोनों ही दिग्गज वहां अलीबाबा से पिछड़ गए।

भारत में डील का विरोध

- भारतीय ट्रेडर्स का कहना है कि वॉलमार्ट रीटेल एफडीआई से देश में एंट्री नहीं कर पाई तो वह ई-कॉमर्स के जरिए रास्ता तलाश रही है।

- स्वदेशी जागरण मंच भी इस डील के खिलाफ है। उसका कहना है कि इस सौदे से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों बाजारों पर वॉलमार्ट का कब्जा हो जाएगा और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
  • comment
Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
  • comment
X
Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
Walmart will aquire Flipcart set to biggest ecommerce deal news and update
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें