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हाफिज सईद को परेशान ना करें, उसे सामाज कल्याण के काम जारी रखने दें: लाहौर हाईकोर्ट का पाकिस्तानी सरकार को आदेश

मुंबई के 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर भी है।

Dainik Bhaskar

Apr 05, 2018, 05:21 PM IST
दुनियाभर में बढ़ रहे दबाव को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने फरवरी में हाफिज सईद की संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया था।     -फाइल दुनियाभर में बढ़ रहे दबाव को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने फरवरी में हाफिज सईद की संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया था। -फाइल

  • मार्च में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने आतंकियों की मदद करने के लिए पाकिस्तान को ग्रे-लिस्ट में डाला था
  • यूएन ने भी बुधवार को आतंकियों की एक लिस्ट जारी की, इसमें सबसे ज्यादा 139 नाम पाकिस्तान से हैं

नई दिल्ली. लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि हाफिज सईद को समाज कल्याण के काम करने से ना रोका जाए, ना ही उसे परेशान किया जाए। पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस संबंध में आदेश जारी किए। इसमें कहा गया कि अगले आदेश तक सईद के लिए परेशान ना करने की नीति जारी रखी जाए। बता दें कि बीते साल नवंबर में लाहौर हाईकोर्ट ने ही हाफिज सईद को नजरबंदी से आजाद करने का फैसला किया था।

भारत-अमेरिका के दबाव में कार्रवाई कर रही पाक सरकार
- हाईकोर्ट ने ये आदेश जमात-उद-दावा की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। इसमें आतंकी संगठन ने आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार जमात-उद-दावा को समाज कल्याण के काम करने से रोक रही है, जो कि गैरसंवैधानिक है। इसके अलावा याचिका में सरकार पर अमेरिका और भारत के दबाव में कार्रवाई करने की बात भी कही गई थी।

कोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस
- जमात-उद दावा की याचिका पर कोर्ट ने प्रांतीय सरकार और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 23 अप्रैल तक इस संबंध में जवाब मांगा है।

यूएन की लिस्ट में सबसे ज्यादा 139 आतंकी पाकिस्तान से
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को आतंकियों और आतंकी संगठनों की नई सूची जारी की थी। इसमें मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के लश्कर-ए-तैयबा सहित 139 नाम पाकिस्तान से हैं। इसमें भारत में वांटेड दाऊद इब्राहिम का नाम भी शामिल है। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सूची में सबसे ऊपर अयमान अल-जवाहिरी का नाम है, जिसके पास ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल कायदा की कमान आई। इस लिस्ट में उनके नाम हैं, जो पाकिस्तान में रह रहे हैं या वहां से संचालित हो रहे हैं। यूएन के अनुसार अल-जवाहिरी अभी भी अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के पास कहीं रह रहा है। दूसरे नंबर पर रम्जी मोहम्मद बिन अल-शेइबाह का नाम है। इसमें उन 10 आतंकियों के नाम भी हैं, जिन्हें पाकिस्तान में गिरफ्तार कर अमेरिका को सौंपा जा चुका है।

टेरर वाॅच लिस्ट में भी शामिल है पाकिस्तान
- एक महीने पहले ही आतंकियों की फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट में डाला था। पाकिस्तान पर आतंकियों पर कार्रवाई ना करने और उन्हें फंड मुहैया कराने का दोषी माना गया था।

रकार ने फरवरी में शुरू की थी सईद के खिलाफ कार्रवाई
- बता दें कि दो महीने पहले ही पाकिस्तानी सरकार हाफिज सईद के जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत जैसी संस्थाओं पर कार्रवाई करनी शुरू की थी। इन संस्थाओं पर आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे मुहैया कराने के आरोप लगते रहे हैं।

कौन है हाफिज सईद?
- हाफिज सईद आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का चीफ है। ये एक दूसरे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर भी है। इन दोनों संगठनों का भारत में कई आतंकी हमलों में हाथ पाया गया है। हाफिज के सिर पर अमेरिका ने 1 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। इसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हो चुका है। सईद मुंबई के 26/11 हमले का मास्टरमाइंड है। इन हमलों में 6 अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे।

हाफिज सईद को पिछले साल जनवरी में नजरबंद किया गया था, हालांकि लाहौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे नवंबर में रिहा भी कर दिया गया था।      -फाइल हाफिज सईद को पिछले साल जनवरी में नजरबंद किया गया था, हालांकि लाहौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे नवंबर में रिहा भी कर दिया गया था। -फाइल
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दुनियाभर में बढ़ रहे दबाव को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने फरवरी में हाफिज सईद की संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया था।     -फाइलदुनियाभर में बढ़ रहे दबाव को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने फरवरी में हाफिज सईद की संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया था। -फाइल
हाफिज सईद को पिछले साल जनवरी में नजरबंद किया गया था, हालांकि लाहौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे नवंबर में रिहा भी कर दिया गया था।      -फाइलहाफिज सईद को पिछले साल जनवरी में नजरबंद किया गया था, हालांकि लाहौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे नवंबर में रिहा भी कर दिया गया था। -फाइल
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