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अमेरिका-उत्तर कोरिया समिट से सीख ले भारत, कश्मीर मुद्दे से शुरू करे बातचीत: शहबाज शरीफ

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 02:13 PM IST

नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ 2013 से 2018 तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

शहबाज शरीफ को उनकी पार्टी ने इस साल होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया है।  -फाइल शहबाज शरीफ को उनकी पार्टी ने इस साल होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया है। -फाइल

  • शहबाज ने अपने ट्वीट में अफगानिस्तान और भारत के साथ शांति स्थापित करने की बात कही
  • नवाज शरीफ के चुनाव लड़ने पर रोक के कारण इस बार शहबाज पीएमएल-एन की तरफ से पीएम उम्मीदवार हैं

लाहौर. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज के मुखिया शहबाज शरीफ ने कहा है कि ऐतिहासिक सिंगापुर समिट से सीख लेते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता शुरू होनी चाहिए। भारत पर कभी-कभार ही बयान देने वाले शरीफ ने कहा कि मंगलवार को हुई ट्रम्प और किम जोंग-उन की बैठक ने दो आपस में लड़ने वाले पड़ोसी देशों के लिए एक मिसाल कायम की है। भारत और पाकिस्तान दोनों को ही इसका अनुसरण करना चाहिए। बता दें कि शहबाज पाकिस्तान के आम चुनाव में पीएमएल-एन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए हैं।

70 सालों से एक दूसरे के खिलाफ थे दो देश
- शरीफ ने अपने ट्वीट्स में कहा, “कोरियाई युद्ध के शुरू होने के बाद से ही दोनों देश (अमेरिका और उत्तर कोरिया) एक दूसरे के आमने-सामने थे। दोनों ही एक दूसरे को सैन्य बल और परमाणु शक्ति के इस्तेमाल की धमकी देते रहे।”

- “ऐसे में अगर अमेरिका और उत्तर कोरिया परमाणु युद्ध के मुहाने से लौट सकते हैं, तो भारत और पाकिस्तान भी ऐसा कर सकते हैं। इसकी शुरूआत कश्मीर पर बातचीत से हो सकती है।”

- “अब समय आ गया है कि हमारे क्षेत्र में व्यापक रूप से शांति वार्ता होनी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर भी बातचीत शुरू होनी चाहिए, ताकि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को संयुक्त राष्ट्र समझौते के तहत निपटाया जा सके।”

चुनाव जीतने पर भारत-अफगानिस्तान के साथ क्षेत्र की शांति पर होगा ध्यान
- पाकिस्तान में आगामी 25 जुलाई को आम चुनाव का एेलान किया गया है। इसमें शहबाज अपने भाई नवाज शरीफ की जगह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए हैं।
- शहबाज ने कहा कि अगर 25 जुलाई को होने वाले चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो पाक सरकार सबसे पहले अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने पर जोर देगी। उन्होंने दावा किया कि युद्ध से बर्बाद हुए देश के पाकिस्तान के साथ संबंध बेहद उलझे हुए हैं।
- इसके साथ ही शहबाज ने भारत से पुराने समय को भूलकर नई शुरूआत करने के लिए कहा। बता दें कि पाकिस्तान के कई राजनीतिक जानकार मानते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पद से हटने के पीछे की एक वजह उनके भारत के साथ संबंध अच्छी करने की कोशिश भी थी।

अफगानिस्तान की शांति में हमारी पार्टी का अहम किरदार
- शहबाज ने ईद के दौरान अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच हुए संघर्षविराम समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पीएमल-एन सरकार जुलाई 2015 में अफगान सरकार और तालिबान के बीच बातचीत शुरू करवाकर पहले ही शांति प्रक्रिया में अहम किरदार निभा चुकी है।

नवाज शरीफ को 2016 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, तब शहबाज के पीएम बनने के कयास लगाए जा रहे थे।   -फाइल नवाज शरीफ को 2016 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, तब शहबाज के पीएम बनने के कयास लगाए जा रहे थे। -फाइल
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शहबाज शरीफ को उनकी पार्टी ने इस साल होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया है।  -फाइलशहबाज शरीफ को उनकी पार्टी ने इस साल होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया है। -फाइल
नवाज शरीफ को 2016 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, तब शहबाज के पीएम बनने के कयास लगाए जा रहे थे।   -फाइलनवाज शरीफ को 2016 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, तब शहबाज के पीएम बनने के कयास लगाए जा रहे थे। -फाइल
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