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पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगी हिंदू महिला सुनीता परमार, दक्षिणी सिंध प्रांत में निर्दलीय दावेदारी पेश की

हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के अलावा महिला सुरक्षा और शिक्षा का मुद्दा उठा रही हैं

Danik Bhaskar | Jul 09, 2018, 12:45 PM IST
  • थारपाकर इलाके की कुल आबादी 16 लाख है, जिनमें 6 लाख हिंदू शामिल हैं
  • पाकिस्तान में सांसद बन चुकी हैं दलित हिंदू महिला कृष्णा कुमारी कोली

इस्लामकोट. पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में एक और हिंदू महिला सुनीता परमार मैदान में उतरी हैं। 31 साल की सुनीता ने दक्षिणी सिंध प्रांत के थारपाकर जिले (पीएस56 संसदीय क्षेत्र इस्लामकोट) से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा है। उन्होंने अपने घोषणा पत्र में हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए हैं। सुनीता का कहना है कि यह जोखिम भरा फैसला है, लेकिन वह रूढ़िवादी प्रक्रिया को चुनौती देना चाहती हैं। सुनीता से पहले हिंदू दलित महिला कृष्णा कुमारी कोली सिंध प्रांत से सांसद बन चुकी हैं।

सुनीता के मुताबिक, शरीफ सरकार ने उनके इलाके में लोगों के लिए कुछ भी नहीं किया। 21वीं सदी में पहुंचने के बाद भी उनके इलाके में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। महिलाओं की बेहतर शिक्षा के लिए अच्छे संस्थान भी नहीं हैं। सुनीता कहती हैं कि वह लड़कियों को पढ़ाने में विश्वास रखती हैं। महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनका साक्षर होना एकमात्र रास्ता है।

यहां हिंदू तय करते हैं चुनाव की दिशा: 2017 की जनगणना के मुताबिक, थारपाकर इलाके में 16 लाख लोग रहते हैं। इनमें 6 लाख हिंदू हैं। इसलिए वे ही ये तय करते हैं कि कौन जीतेगा? सुनीता ने बताया- "चुनाव न लड़ने के लिए मुझ पर काफी दबाव बनाया गया, लेकिन मैं डटी रही। मुझे विश्वास है कि मेरी ही जीत होगी।"