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पाकिस्तान: राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनाव में जमात उद-दावा उतारेगा 256 उम्मीदवार, हाफिज सईद का बेटा और दामाद भी लड़ेंगे

हाफिज तल्हा सईद अपने पिता के पैतृक शहर सरगोधा से चुनाव लड़ेगा।

Dainik Bhaskar

Jun 21, 2018, 06:18 PM IST
हाफिज ने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी का गठन 2017 में किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया।   -फाइल हाफिज ने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी का गठन 2017 में किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया। -फाइल

  • हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर भी है
  • उसका नाम अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय आतंकियों की सूची में शामिल है

लाहौर. मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव में अपने 265 उम्मीदवार उतारेगा। इसके लिए उसके बेटे हाफिज तल्हा सईद और दामाद खालिद वलीद ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। जानकारी के मुताबिक, तल्हा लाहौर से 200 किलोमीटर दूर स्थित सरगोधा से चुनाव लड़ेगा। सरगोधा हाफिज सईद का पैतृक शहर है। खालिद वलीद लाहौर से चुनाव लड़ेगा।

चुनाव आयोग के इनकार के बाद हाफिज ने एएटी से उतारे उम्मीदवार

पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने जमात उद-दावा पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को चुनाव के लिए मान्यता देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में हाफिज ने अपनी पहले से निष्क्रिय राजनीतिक पार्टी अल्लाह-हू-अकबर तहरीक (एएटी) से उम्मीदवार उतारे हैं। इस पार्टी का चुनाव चिन्ह कुर्सी है। मिल्ली मुस्लिम लीग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, चुनाव आयोग ने जांच प्रक्रिया के दौरान सभी 265 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार कर लिए हैं।

पाकिस्तान को इस्लाम का गढ़ बनाना चाहते हैं: एमएमएल

- मिल्ली मुस्लिम लीग के अध्यक्ष सैफुल्लाह खालिद ने कहा कि आगामी आम चुनावों में उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष ताकतों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ेंगी, क्योंकि पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर ही बनाया गया था। खालिद ने दावा किया कि वे चुनाव सिर्फ ताकत हासिल करने के लिए नहीं लड़ना चाहते, बल्कि भ्रष्टाचार, पाकिस्तान की विचारधारा को मजबूत करने और देश को इस्लाम का गढ़ बनाने के लिए लड़ना चाहते हैं।
- हाफिज की पार्टी के ही एक और अधिकारी ने बताया कि 265 उम्मीदवारों में से 80 राष्ट्रीय और बाकी 185 प्रांतीय सीटों के लिए लड़ेंगे। इसके साथ ही एमएमएल एएटी के बैनर तले लाहौर की 4 सीटों और पंजाब प्रांतीय चुनावों की 15 सीटों पर भी उम्मीदवार उतारेगा। इस्लामाबाद और रावलपिंडी की सीटों से भी पार्टी ने आम चुनाव के लिए प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है।

आतंकी याकूब भी लड़ रहा चुनाव
- एएटी की तरफ से जमात उद-दावा का आतंकी कारी मुहम्मद शेख याकूब भी चुनाव लड़ रहा है। उसे लाहौर की एक सीट से टिकट दिया गया है। पिछले साल सितंबर में याकूब लाहौर की एनए-120 सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस सीट पर नवाज शरीफ की पत्नी बेगम कुलसूम शरीफ को जीत मिली थी। याकूब अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय आतंकियों की सूची में शामिल है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, याकूब लश्कर-ए-तैयबा की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है और 2006 से संगठन के कई पदों पर रह चुका है।

31 मई को खत्म हुआ सरकार का कार्यकाल

- पाकिस्तान में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो चुका है। फिलहाल पूर्व मुख्य न्यायाधीश नसीरुल मुल्क को वहां का कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुना गया है। पाकिस्तान के संविधान में सरकार का कार्यकाल खत्म होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराने होते हैं।

जमात-उद-दावा का मुखिया हाफिज सईद खुद आम चुनावों में नहीं उतरेगा।   -फाइल जमात-उद-दावा का मुखिया हाफिज सईद खुद आम चुनावों में नहीं उतरेगा। -फाइल
Hafiz Saeed son and son-in-law among 265 JuD candidates in Pakistan elections
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हाफिज ने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी का गठन 2017 में किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया।   -फाइलहाफिज ने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी का गठन 2017 में किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया। -फाइल
जमात-उद-दावा का मुखिया हाफिज सईद खुद आम चुनावों में नहीं उतरेगा।   -फाइलजमात-उद-दावा का मुखिया हाफिज सईद खुद आम चुनावों में नहीं उतरेगा। -फाइल
Hafiz Saeed son and son-in-law among 265 JuD candidates in Pakistan elections
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