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किताब लिखने का मामला, पाक ने पूर्व आईएसआई चीफ के देश छोड़ने पर लगाई रोक

पाकिस्तान की सेना ने आईएसआई के पूर्व चीफ असद दुर्रानी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 12:47 PM IST
पाकिस्तान सेना ने दुर्रानी को 20 मई को किताब के संबंध में समन भेजा था। -फाइल पाकिस्तान सेना ने दुर्रानी को 20 मई को किताब के संबंध में समन भेजा था। -फाइल

  • एएस दुलत 1999 से 2000 तक रॉ के प्रमुख रह चुके हैं
  • दुर्रानी की किताब पर नवाज शरीफ ने भी सवाल उठाए थे

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी के देश छोड़ने पर मंगलवार को रोक लगा दी गई। सेना ने गृह मंत्रालय से दुर्रानी का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डालने की अपील की थी। सेना ने उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया है। उन पर पाक सेना की आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप है। बता दें कि दुर्रानी और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' नाम से किताब लिखी है। 23 मई को इसे लॉन्च किया गया था।

दुर्रानी के जवाब से सेना संतुष्ट नहीं
- पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग के मुताबिक, सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्यालय ने सोमवार को दुर्रानी को तलब किया था। उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर मौजूदा लेफ्टिनेंट जनरल की अगुआई वाली अदालत में उनके खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है।
- पाक सेना ने दुर्रानी को 20 मई को भी समन भेजा था। इसमें कहा गया था कि दुर्रानी ने जो किया, उसे सेना की आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है। यह सभी मौजूदा और रिटायर्ड आर्मी अफसरों पर लागू होता है।

नवाज शरीफ ने भी उठाए थे सवाल
- दुर्रानी की किताब को लेकर 25 मई को नवाज शरीफ ने नेशनल सिक्युरिटी कमेटी (एनएससी) की बैठक बुलाने की मांग की थी। इसमें आर्मी और कई सिविलियन अफसर शामिल रहते हैं।
- पाक संसद के पूर्व अध्यक्ष रजा रब्बानी ने भी खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों की किताब की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनेता ऐसा करता तो उसे देशद्रोही करार दिया जाता।

किताब में कौन-कौन से मुद्दे शामिल हैं?
- द स्पाई क्रॉनिकल्स... में भारत-पाकिस्तान के कई मुद्दे जैसे करगिल ऑपरेशन, ओसामा बिन लादेन को मारने वाला ऑपरेशन, भारतीय नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी, आतंकी हाफिज सईद और बुरहान वानी का जिक्र किया गया है।

किताब में दावा- लादेन के खात्मे के लिए अमेरिका-पाक में हुई थी डील
- किताब में दुर्रानी ने दावा है कि एबटाबाद में लादेन के खात्मे के वक्त तब के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मौजूद थे। इसके लिए अमेरिकी और पाकिस्तान सरकार के बीच खास समझौता हुआ था।
- दावा तो ये भी है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले को संभाल नहीं पाया। पाक मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को मौत की सजा सुनाई, पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी।

दो साल आईएसआई प्रमुख रहे थे दुर्रानी
- असद दुर्रानी पाकिस्तान सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हैं। वे अगस्त 1990 से मार्च 1992 तक खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख रहे थे। वहीं, एएस दुलत 1999 से 2000 तक भारतीय एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख रह चुके हैं।

दुर्रानी और रॉ प्रमुख एएस दुलत की किताब का नाम 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' है। - फाइल दुर्रानी और रॉ प्रमुख एएस दुलत की किताब का नाम 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' है। - फाइल
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पाकिस्तान सेना ने दुर्रानी को 20 मई को किताब के संबंध में समन भेजा था। -फाइलपाकिस्तान सेना ने दुर्रानी को 20 मई को किताब के संबंध में समन भेजा था। -फाइल
दुर्रानी और रॉ प्रमुख एएस दुलत की किताब का नाम 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' है। - फाइलदुर्रानी और रॉ प्रमुख एएस दुलत की किताब का नाम 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' है। - फाइल
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