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काली कमाई से खरीदे फ्लैट ने दिलाई नवाज को 10 साल की सजा, 72 करोड़ रु जुर्माना; बेटी को भी 7 साल की कैद

मामला लंदन के अवेनफील्ड स्थित 4 फ्लैट से जुड़ा है। नवाज पर आरोप था कि उन्होंने ये संपत्ति भ्रष्टाचार के पैसों से खरीदी।

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 09:16 PM IST
  • नवाज और मरियम इस केस में 10 महीने में करीब 80 बार कोर्ट में पेश हुए, उनसे 127 सवाल पूछे गए
  • पनामा पेपर केस में हुए खुलासों के बाद दायर तीन मामलों में से पहले केस में नवाज के खिलाफ फैसला
  • नवाज के भाई शहबाज ने कहा कि हम इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
  • मरियम और उनके पति सफदर 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में नहीं लड़ पाएंगे

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (68), उनकी बेटी मरियम नवाज (44) और दामाद कैप्टन सफदर (54) को अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया है। पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने नवाज को 10 साल की सजा सुनाई और 80 लाख पाउंड यानी करीब 72 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। मरियम को 7 साल कैद में गुजारने होंगे और 18 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा। उनके पति सफदर को 1 साल की सजा सुनाई गई है। यह मामला लंदन के अवेनफील्ड स्थित 4 फ्लैट से जुड़ा है। नवाज ने ये फ्लैट 1993 में खरीदे थे। नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) का आरोप था कि ये फ्लैट भ्रष्टाचार के पैसों से खरीदे गए। कोर्ट ने शुक्रवार को नवाज को दोषी माना और कहा कि ब्रिटिश सरकार इन फ्लैट को जब्त करे।

एक साल पहले पिता की कुर्सी गई, अब बेटी का चुनावी करियर गया: जुलाई 2017 में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार का दोषी माना था। उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक लगा दी थी। इसके बाद नवाज को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब बेटी मरियम के चुनाव लड़ने पर चुनाव आयोग ने पाबंदी लगा दी है। जियो न्यूज के मुताबिक, आयोग ने कहा कि मरियम का नाम बैलट पेपर से भी हटा दिया जाएगा। उनके पति सफदर भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। 44 साल की मरियम नवाज ने 2012 में राजनीति में कदम रखा था। 2013 के आम चुनाव में पिता नवाज की सीट पर चुनाव कैंपेन की जिम्मेदारी निभाई थी। उनकी कुल घोषित संपत्ति 90 करोड़ रुपए है।

आगे क्या?

1) शरीफ परिवार के पास अपील के लिए 10 दिन : नवाज, उनकी बेटी और उनके दामाद के पास अपील दायर करने के लिए 10 दिन का वक्त है। अपील खारिज होने पर वे सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा सकते हैं। मरियम उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के चुनाव आयोग के फैसले को भी कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं।

2) सियासी फायदा इमरान को मिल सकता है : इस अदालती फैसले और मरियम के चुनावी मैदान से हटने का सीधा फायदा इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को मिल सकता है। बीते एक साल में इमरान की लोकप्रियता 8% बढ़ी है। गैलप सर्वे में नवाज शरीफ की पीएमएल-एन को 26% और इमरान की पीटीआई को 25% वोट मिलने की बात कही गई है। पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली की 342 में से 272 सीटों पर 25 जुलाई को चुनाव होने हैं।

3) मरियम के पति पर गिरफ्तारी की तलवार : नवाज शरीफ अपनी बीमार पत्नी कुलसुम के साथ लंदन में हैं। बेटी मरियम और भगोड़े करार दिए जा चुके नवाज के दोनों बेटे हुसैन और हसन भी लंदन में हैं। सिर्फ मरियम के पति सफदर पाकिस्तान में हैं। उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई है। वे गिरफ्तार हो सकते हैं लेकिन तुरंत बेल भी मिल सकती है।

किसे, किस गुनाह पर सजा सुनाई गई?

नवाज शरीफ: अदालत ने नवाज को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। उधर, एनएबी का सहयोग ना करने के लिए 1 साल की सजा सुनाई। सजा साथ-साथ चलेंगी, यानी नवाज को 10 साल जेल में गुजारने होंगे।

मरियम नवाज : उन्हें लंदन में आलीशान संपत्ति खरीदने के लिए पिता को उकसाने का दोषी माना गया। उन्हें 7 साल जेल और जांच में सहयोग ना करने के लिए 1 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

कैप्टन सफदर : जांच में सहयोग ना करने के लिए एक साल जेल की सजा सुनाई गई।