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पूर्व रॉ प्रमुख के साथ किताब लिखने पर पूर्व आईएसआई चीफ दुर्रानी की मुश्किलें बढ़ीं; पाक सेना ने जांच के आदेश दिए

सेना ने दुर्रानी का नाम ईसीएल की लिस्ट में डालने की मांग की है, ताकि वे जांच के दौरान पाकिस्तान छोड़कर न जा सकें।

Danik Bhaskar | May 28, 2018, 10:03 PM IST
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) दुर्रानी अगस्त 1990 से मार्च 1992 तक आईएसआई के प्रमुख रहे हैं। -फाइल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) दुर्रानी अगस्त 1990 से मार्च 1992 तक आईएसआई के प्रमुख रहे हैं। -फाइल

- असद दुर्रानी और एएस दुलत की किताब 23 मई को रिलीज हुई, पाक आर्मी ने दुर्रानी को समन भेजा था

- किताब में कारगिल ऑपरेशन, ओसामा बिन लादेन, कुलभूषण जाधव, हाफिज सईद और बुरहान वानी का जिक्र है

इस्लामाबाद. भारतीय एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख के साथ किताब लिखने पर पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख रहे असद दुर्रानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को पाक आर्मी ने दुर्रानी के खिलाफ जांच के आदेश दिए। साथ ही सरकार से उनका नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डालने की मांग की, ताकि वो देश छोड़कर न जा सकें। इससे पहले सेना समन भेजकर इस मुद्दे पर उनसे सफाई मांग चुकी है। दुर्रानी पर पाक सेना की आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप है। बता दें कि आईएसआई और रॉ प्रमुख एएस दुलत की किताब का नाम 'द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूशन ऑफ पीस' है। ये किताब 23 मई को लॉन्च की गई।

किताब पर जवाब देने का आदेश

- पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग के मुताबिक, जनरल हेडक्वार्टर की ओर से सोमवार को दुर्रानी को दोबारा समन भेजा गया। उन्हें अपनी किताब को लेकर जवाब देना होगा। ले. जनरल की ओर दुर्रानी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, सरकार से उनका नाम ईसीएल लिस्ट में डालने की मांग की गई है।

- बता दें कि पाक सेना ने दुर्रानी को 20 मई को भी समन भेजा था। इसमें कहा गया कि दुर्रानी ने जो किया, उसे सेना की आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है। यह सभी मौजूदा और रिटायर्ड आर्मी अफसरों पर लागू होता है।

नवाज शरीफ ने भी उठाए थे सवाल

- दुर्रानी की किताब को लेकर शुक्रवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नेशनल सिक्युरिटी कमेटी (एनएससी) की बैठक बुलाने की मांग की थी। इसमें आर्मी और कई सिविलियन अफसर शामिल रहते हैं।
- वहीं, पाक संसद के पूर्व अध्यक्ष रजा रब्बानी ने भी खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों की किताब की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनेता ऐसा करता तो उसे देशद्रोही करार कर दे दिया जाता।

किताब में कौन-कौन से मुद्दे शामिल हैं?

- 'द स्पाई क्रॉनिकल्स... में भारत-पाकिस्तान के कई मुद्दे जैसे करगिल ऑपरेशन, ओसामा बिन लादेन को मारने वाले ऑपरेशन, भारतीय नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी, आतंकी हाफिज सईद और बुरहान वानी का जिक्र किया गया है।

लादेन के खात्मे के लिए अमेरिका-पाक में डील हुई

- किताब में दुर्रानी ने दावा है कि एबटाबाद में लादेन के खात्मे के वक्त तब के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मौजूद थे। इसके लिए अमेरिकी और पाकिस्तान सरकार के बीच खास समझौता हुआ था।

- दावा तो ये भी है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले को संभाल नहीं पाया। पाक मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को मौत की सजा सुनाई, पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी।

दो साल आईएसआई प्रमुख रहे थे दुर्रानी

- बता दें कि असद दुर्रानी पाकिस्तान सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हैं। वे अगस्त 1990 से मार्च 1992 तक खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख रहे थे।

- वहीं, एएस दुलत 1999 से 2000 तक भारतीय एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख रह चुके हैं।

दुर्रानी और दुलत की किताब 23 मई को रिलीज हुई थी। -फाइल दुर्रानी और दुलत की किताब 23 मई को रिलीज हुई थी। -फाइल