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पाकिस्तान में पहली बार आम चुनाव में सामान्य सीटों पर भी 5% टिकट महिलाओं को देना अनिवार्य

इस बार चुनाव में सब की नजर राजनीतिक परिवार की महिलाओं पर है।

DainikBhasakar.com | Last Modified - Jul 01, 2018, 10:46 AM IST

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  • दो ट्रांसजेंडर भी चुनाव मैदान में हैं
  • पाक के पंजाब प्रांत से सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार हैं


इस्लामाबाद. पाकिस्तान में 25 जुलाई को मतदान है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार आम चुनाव में 10 करोड़ 65 लाख वोटर मतदान करेंगे। यह संख्या 2013 से 2 करोड़ ज्यादा है। इनमें 5.92 करोड़ पुरुष और 4.67 करोड़ महिला वोटर हैं। पुरुषों से महिला वोटर 1.25 करोड़ कम हैं। इस चुनाव में 91 लाख महिलाएं पहली बार वोटिंग करेंगी। 2017 इलेक्शन एक्ट के मुताबिक इस बार हर पार्टी को सामान्य सीटों पर भी कम से कम 5% महिलाओं को टिकट देना अनिवार्य है।

नए कानून के तहत किसी भी सीट पर महिलाओं की वोटिंग 10% से कम रही, तो वहां दोबारा चुनाव कराए जाएंगे। पाकिस्तान चुनाव आयोग ने महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां पिछले चुनावों में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत काफी कम रहा था। पाकिस्तान संसद की कुल 342 सीटें हैं। इसमें से 60 महिलाओं और 10 सीटें अल्पसंख्यक उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।


नेशनल असेंबली में महिलाओं के लिए 60 सीटें आरक्षित है: 2013 में 70 महिलाएं पाक नेशनल असेंबली पहुंचीं थी। इनमें 60 रिजर्व सीटों पर 9 सामान्य और एक अल्पसंख्यक सीट से चुनीं गई थीं। पीएमएल-एन से 39, पीपीपी से 13 महिला सांसद चुनी गई थीं। पाक में बड़ी पार्टियों ने पिछले चुनावों में महिलाओं की रिजर्व और सामान्य सीटों पर 90% टिकट राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं को दिया है।

रिजर्व सीटों पर वोट नहीं पड़ते है: महिलाओं के लिए रिजर्व 60 सीटों पर डायरेक्ट चुनाव होता है। पार्टियां चुनाव आयोग को चुनाव पूर्व ही अपनी महिला उम्मीदवारों की वरीयता सूची सौंप देती हैं। इसके बाद 272 सीटें को 60 सीटों से डिवाइड किया जाता है। चुनाव के बाद पार्टी को 4.5 सीट के अनुपात में वरीयता के आधार पर एक महिला रिजर्व सीट मिल जाती है। यही फॉर्मूला अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित 10 सीटों के लिए भी है। यानी जिस दल को 27.2 सीटें मिलती हैं, उसका एक उम्मीदवार जीत जाता है।

फेस ऑफ वूमेन

मरियम नवाज:44 साल की मरियम नवाज पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी हैं। पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। मरियम ने 2012 में राजनीति में कदम रखा था। 2013 के आम चुनाव में पिता नवाज की सीट पर चुनाव कैंपेन की जिम्मेदारी निभाई। इस बार वह पहली बार लाहौर की एनए-127 सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनकी कुल संपत्ति 90 करोड़ रुपए है।

आयशा: आयशा गुलाली ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से अलग पार्टी बनाई है। जिसका नाम पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (गुलाली) है। आयशा 2013 में पीटीआई से सांसद चुनी गई थीं। आयशा ने पार्टी के चेयरमैन इमरान खान पर शोषण और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

नूर:शाहरुख खान की चचेरी बहन नूर जहां खैबर पख्तूनख्वा की असेंबली सीट पीके-77 से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। वे सभासद रह चुकी हैं। 1947 में शाहरुख के पिता मीर ताज दिल्ली आ गए थे, पर चाचा गुलाम वहीं रुक गए थे।

436 महिलाओं ने नामांकन किया:इस बार नेशनल असेंबली के लिए 21 हजार 482 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। इनमें 436 महिलाएं हैं। सबसे ज्यादा 231 पंजाब प्रांत से हैं। दो ट्रांसजेंडर भी हैं। 2013 में 28 हजार 302 नामांकन हुए थे। तब पार्टियों ने सामान्य सीटों पर 61 महिलाओं को टिकट दिया था। 74 महिलाएं निर्दलीय उम्मीदवार थीं।

दुनिया में संसद में महिलाओं की स्थिति के लिहाज से पाक 89वें नंबर पर: इंटर पार्लियामेंट यूनियन (आईपीयू) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के देशों में महिलाओं के संसद में प्रतिनिधित्व के हिसाब से पाकिस्तान 199 देशों में 89वें नंबर पर है। भारत में 542 सदस्यीय लोकसभा में 64 महिला सांसद हैं, यानी कुल सदस्यों में ये महिला सदस्य सिर्फ 11.8% हैं। दुनिया में भारत 148वें और अमेरिका 97वें नंबर पर है।

भारत में 9 महिलाएं केंद्रीय मंत्री, पाक में 3 मंत्री थीं: भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल में 9 महिला मंत्री हैं। पाकिस्तान में नवाज शरीफ की 25 सदस्यीय कैबिनेट में सिर्फ 2 महिला मंत्री थीं। नवाज के इस्तीफा देने के बाद नए प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी की 43 सदस्यीय कैबिनेट में भी सिर्फ 3 महिला मंत्री थीं।

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