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पाक सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ के चुनाव लड़ने पर अाजीवन रोक लगाई, सार्वजनिक पद पर भी नहीं रह सकेगे

पनामा पेपर में नवाज का नाम आने के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी पाते हुए उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अायोग्य घोषित किया था।

Danik Bhaskar | Apr 13, 2018, 01:55 PM IST
नवाज शरीफ 5 जून 2013 काे तीसरी बार नवाज शरीफ 5 जून 2013 काे तीसरी बार

इस्लामाबाद. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यहां के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी। उन्हें संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य करार दिया। इसके बाद वे कोई भी सार्वजनिक पद पर नहीं रह पाएंगे। बता दें कि पनामा पेपर लीक मामले में नवाज का नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्टने पिछले साल 28 जुलाई को उन्हें दोषी पाया था। और उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद नवाज को इस्तीफा देना पड़ा था।

सार्वजनिक पद पर नहीं रह सकते शरीफ

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, "अगर किसी शख्स को संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य करार दिया गया है, तो वह सार्वजनिक पद पर भी नहीं रह पाएगा।"

- पाकिस्तानी अखबार के डॉन के मुताबिक, 5 जजों की बेंच ने नवाज को अयोग्य करार दिया। चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान साकिब निसार ने कहा, "देश को अच्छे चरित्र के नेताओं की जरुरत है।"

क्या कहती है संविधान की धारा 62(1) (एफ)
- पाक संविधान में धारा 62(1) (एफ) के तहत कोई भी सांसद या लोक सेवक अयोग्य ठहराया जाता है। तो फिर वह पूरे जीवन न तो कोई चुनाव लड़ सकता है और न ही किसी सार्वजनिक पद पर रह सकता है।

फरवरी में पार्टी प्रमुख पद से देना पड़ा था इस्तीफा

- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में पनामा पेपर लीक मामले की सुनवाई करते वक्त कहा था- "संविधान के तहत अयोग्य व्यक्ति किसी भी राजनीतिक पार्टी के पद पर रहने के योग्य नहीं है।"

- इसके बाद नवाज को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा।

पनामा केस में कोर्ट ने पाया था दोषी

- पनामा केस में सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को शरीफ को पीएम पद के अयोग्य घोषित करार दिया था। इसके बाद नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने 8 सितंबर को इस्लामाबाद की कोर्ट में शरीफ, उनके परिवार के सदस्यों और फाइनेंस मिनिस्टर इशाक डार के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के 3 केस दर्ज किए थे।

क्या है पनामा पेपर्स लीक?

- पिछले साल ब्रिटेन से लीक हुए टैक्स डॉक्युमेंट्स बताते हैं कि कैसे दुनियाभर के 140 नेताओं और सैकड़ों सेलिब्रिटीज ने टैक्स हैवन कंट्रीज में पैसा इन्वेस्ट किया। इनमें नवाज शरीफ का भी नाम शामिल है। इन सेलिब्रिटीज ने शैडो कंपनियां, ट्रस्ट और कॉरपोरेशन बनाए और इनके जरिए टैक्स बचाया।

- लीक हुए डॉक्युमेंट्स खासतौर पर पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में हुए इन्वेस्टमेंट के बारे में बताते हैं।

- सवालों के घेरे में आए लोगों ने इन देशों में इन्वेस्टमेंट इसलिए किया, क्योंकि यहां टैक्स रूल्स काफी आसान हैं और क्लाइंट की आइडेंडिटी का खुलासा नहीं किया जाता। पनामा में ऐसी 3.50 लाख से ज्यादा सीक्रेट इंटरनेशनल बिजनेस कंपनियां हैं।

नवाज और उनके परिवार पर क्या आरोप लगे?

- नवाज शरीफ के बेटों हुसैन और हसन के अलावा बेटी मरियम नवाज ने टैक्स हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कम से कम चार कंपनियां शुरू कीं। इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी।

- शरीफ फैमिली ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपए का लोन लिया। इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने उनकी मदद की। नवाज और उनके परिवार पर आरोप है कि इस पूरे कारोबार और खरीद-फरोख्त में अनडिक्लेयर्ड इनकम लगाई गई।

- शरीफ की विदेश में इन प्रॉपर्टीज की बात उस वक्त सामने आई, जब लीक हुए पनामा पेपर्स में दिखाया गया कि उनका मैनेजमेंट शरीफ के परिवार के मालिकाना हक वाली विदेशी कंपनियां करती थीं।