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अफगानिस्तान में बेस कैम्प नहीं बना रहे, आतंकवाद से लड़ने में मदद कर रहे हम: चीन

साउथ चाइना पोस्ट अखबार ने अफगानिस्तान में चीन का बेस कैम्प बनाने की खबर प्रकाशित की थी, जिसे रक्षा मंत्रालय ने गलत बताया

Danik Bhaskar | Aug 30, 2018, 07:28 PM IST

- चीन का कहना है, अफगानिस्तान ने पर्वतीय सेना बनाने के लिए मांगी मदद


बीजिंग. चीन के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान की मदद करने का मकसद वहां बेस कैम्प बनाना नहीं है। हम आतंकवाद से लड़ने और उनकी सेना को मजबूत बनाने में मदद कर रहे हैं। चीन ने यह बयान अफगानिस्तान में सेना भेजने के बाद हो रही आलोचना को लेकर दिया।
चीन के अखबार साउथ चाइना पोस्ट ने बुधवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि बेस कैम्प और वखन कॉरिडोर बनाने के लिए सैकड़ों चीनी फौजी अफगानिस्तान भेजे जा रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया।

चीन के सैनिक नहीं गए अफगानिस्तान : इसके बाद हॉन्गकॉन्ग के एक अखबार ने नई रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें बताया गया कि बीजिंग स्थित अफगानिस्तान के दूतावास ने उनके देश में पर्वतीय सेना बनाने के लिए मदद मांगी थी, जिससे आतंकवाद खत्म किया जा सके। फिलहाल चीन का कोई भी सैनिक अफगानिस्तान नहीं भेजा गया है।

अंरराष्ट्रीय कम्युनिटी भी कर रही अफगानिस्तान की मदद : चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू क्यूयान ने बताया कि पर्वतीय सेना के लिए सामान्य सैन्य और सुरक्षा सहयोग कार्यक्रम के तहत काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी और चीन दोनों मिलकर आतंकवाद से लड़ने में अफगानिस्तान की मदद कर रहे हैं।