फेसबुक ने माना- यूजर के की-बोर्ड और माउस के मूवमेंट पर भी नजर रखते हैं; फोन में कितनी बैटरी बची ये भी पता

कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक विवाद के बाद उपजे सवालों पर फेसबुक ने अपने जवाब दाखिल किए।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 14, 2018, 01:37 PM IST

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Facebook admits users keyboard and mouse under surveillance
इससे पहले यूएस सीनेट में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग से सवाल-जवाब भी किए गए थे। - फाइल

 

  • फेसबुक ने यूएस सीनेट में 454 पन्नों में 2000 सवालों के जवाब दिए 
  • कौन से फोटो हैं, किसका नंबर सेव है- फेसबुक को सब पता है

 

 

कैलिफोर्निया.  कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक विवाद के बाद उपजे सवालों पर फेसबुक ने अमेरिकी संसद के उच्च सदन यूएस सीनेट को अपने जवाब दिए। जिसमें उसने माना है कि वो यूजर की निजी जानकारी, पसंद-नापसंद जानने के लिए उसके कम्प्यूटर की-बोर्ड और माउस के मूवमेंट तक पर नजर रखता है। यानी अगर आपके कम्प्यूटर पर फेसबुक लॉगइन है, तो माउस के हर क्लिक और की-बोर्ड के हर इस्तेमाल की खबर फेसबुक तक पहुंच रही है। इस जानकारी से फेसबुक ये पता लगाता है कि यूजर किस तरह के कंटेंट पर कितनी देर तक ठहर रहा है। इसी के हिसाब से वो उस यूजर को विज्ञापन दिखाता है।

 

 

454 पन्नों में इन सभी 2 हजार सवालों के जवाब दे दिए

कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक के बाद से फेसबुक की प्राइवेसी पॉलिसी लगातार सवालों के घेरे में है। यूएस सीनेट में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग से सवाल-जवाब भी किए गए थे। कुछ सवालों पर उसी वक्त जिरह हो गई थी। बाकी सवालों के जवाब देने के लिए जकरबर्ग को समय दिया गया था। ऐसे सवाल कुल 2 हजार थे। फेसबुक ने कुल 454 पन्नों में इन सभी 2 हजार सवालों के जवाब दे दिए।

 

इन तरीकों से यूजर पर नजर रखता है फेसबुक

डिवाइस इन्फॉर्मेशन: आप जिस कम्प्यूटर, मोबाइल या डिवाइस से फेसबुक लॉगइन करते हैं, उसकी जानकारी फेसबुक को रहती है। जैसे- डिवाइस में कितना स्टोरेज बचा है, कौन-कौन से फोटो हैं, किसके नंबर सेव हैं।

एेप इन्फॉर्मेशन: फेसबुक को ये भी पता रहता है कि यूजर डिवाइस में कौन-कौन से एेप मौजूद हैं। यूजर किस एप को कितना समय देता है। इससे मिलने वाली जानकारी को वो डेटाबेस में यूजर प्रोफाइल के साथ सेव कर लेता है।

डिवाइस कनेक्शन: फेसबुक को पता रहता है कि यूजर किस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है या कौन सा वाई-फाई चला रहा है। फेसबुक डिवाइस जीपीएस पर भी नजर रखता है, जिससे उसे यूजर की लोकेशन मिलती रहे।

बैटरी लेवल: यूजर की डिवाइस के बैटरी लेवल की भी फेसबुक निगरानी करता है। इससे वो पता लगाता है कि फेसबुक एेप यूजर के डिवाइस की ज्यादा बैटरी तो नहीं ले रहा है। उस हिसाब से एेप को अपडेट करता है।

कैमरा इन्फॉर्मेशन: फेसबुक ने कई बार नकारने के बाद अब कैमरा और माइक्रोफोन पर नजर रखने की बात को कबूल लिया है। उस हिसाब से वो यूजर को फेसबुक एेप पर फिल्टर और अन्य फीचर सजेस्ट करता है।

Facebook admits users keyboard and mouse under surveillance
फेसबुक कंपनी के दिए जवाबों के मुताबिक, यूजर जिस कम्प्यूटर, मोबाइल या डिवाइस से फेसबुक लॉगइन करते हैं, उसकी जानकारी फेसबुक को रहती है। -सिम्बॉलिक
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