ट्रम्प का रवैया निराशाजनक: अमेरिकी राष्ट्रपति के जी-7 समिट छोड़कर जाने पर एंजेला मर्केल

ट्रम्प जी-7 समिट बीच में छोड़कर सिंगापुर रवाना हो गए थे। उन्होंने अपने अफसरों को भी साझा बयान से दूर रहने को कहा था।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 11, 2018, 10:27 AM IST

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ट्रम्प जी-7 समिट को बीच में छोड़कर सिंगापुर रवाना हो गए थे।

 

  • जर्मनी, फ्रांस, कनाडा विरोध में उतरे, जी-7 सम्मेलन बीच में छोड़ चले गए थे ट्रम्प 
  • मर्केल ने कहा कि मैंने निराशाजनक शब्द का इस्तेमाल किया है। इसी से  गंभीरता का पता चल जाता है

 

फ्रेंकफर्ट.    जी-7 समिट में डोनाल्ड ट्रम्प के रवैये के चलते उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने सोमवार को कहा कि ट्रम्प का संयुक्त बयान में शामिल न होना निराशाजनक है, ये किसी गंभीर बात की ओर इशारा करता है। लेकिन अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। बता दें कि ट्रम्प क्यूबेक में दो दिवसीय जी-7 समिट को बीच में छोड़कर ही सिंगापुर रवाना हो गए थे। उन्होंने विमान से ही ट्वीट कर समिट पर नाराजगी जाहिर की थी।

 


मैं गुस्से वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं कर रही
- एक इंटरव्यू में मर्केल ने कहा, "ये वक्त काफी चुनौतियों भरा है। माहौल निराशाजनक है। जी-7 समूह में सबकुछ खत्म नहीं हुआ। मैं गुस्से वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहती। मैंने निराशाजनक शब्द का इस्तेमाल किया है। इसी से मामले की गंभीरता का पता चल जाता है।' 
- कारों पर शुल्क को लेकर मर्केल ने कहा कि जर्मन कार इंडस्ट्री में 8 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। हम क्या कर सकते हैं, इस पर दोबारा सोचेंगे। मुझे उम्मीद है कि यूरोपीय यूनियन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी।

 

रूस को लेकर भी तनाव
- ट्रम्प ने कहा था कि रूस को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले समूह में दोबारा शामिल करना चाहिए। इस पर भी मर्केल ने आपत्ति जताई।
- यूक्रेन से क्रीमिया छीनने को लेकर 2014 से रूस को बाहर रखा गया है। पश्चिमी देश रूस के सीरिया में बशर-अल असद को समर्थन देने के लिए रूस की लगातार आलोचना कर रहे हैं।
- मर्केल ने कहा कि रूस से निरस्त्रीकरण, यूक्रेन और सीरिया के मसले पर बात करने की जरूरत है। जी-7 समूह के देशों के साझा हित हैं। जुलाई में नाटो देशों के नेताओं की बैठक में ट्रम्प के रुख की चर्चा होगी। इससे निकलना आसान नहीं होगा।

 

ट्रम्प के ट्वीट से विवाद
ट्रम्प ने ट्वीट कर ट्रूडो के बयानों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि कनाडा लंबे समय से अमेरिकी किसानों, कामगारों और कंपनियों से बड़ी मात्रा में टैक्स ले रहा है। उन्होंने ट्रूडो को झूठा और कमजोर नेता बताया। 
- जी-7 से लौटते हुए ट्रम्प ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे साझा बयान से खुद को अलग कर लें। साथ ही उन्होंने आने वाले समय में ऑटोमोबाइल्स पर भी शुल्क लगाने की बात कही। 
- ट्रम्प के ट्वीट का जवाब कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिया। पीएमओ ने ट्वीट में कहा कि ट्रूडो ने जी-7 प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा कुछ नहीं कहा, जो उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने पहले न कहा हो। 
- ट्रम्प के आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने कहा कि ट्रूडो ने अमेरिका की पीठ पर छुरा घोंपा है। उन्होंने (ट्रूडो) पूरे जी7 का अपमान किया है। अमेरिका ने समझौता किया और सम्मेलन में जारी बयान में शामिल हुआ, लेकिन ट्रूडो ने न्यूज कॉन्फ्रेंस में कुछ अौर बात कही। 

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मर्केल ने कहा कि ये वक्त काफी चुनौतियों भरा है। माहौल निराशाजनक है। जी-7 समूह में सबकुछ खत्म नहीं हुआ।
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