रहस्यमय बीमारी के चलते अमेरिका ने चीन से राजनयिक वापस बुलाए, सोनिक अटैक की आशंका जताई

2016 में क्यूबा के हवाना में भी अमेरिकी अफसरों ने आवाज की वजह से दिमागी बीमारी का शक जाहिर किया था।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 07, 2018, 10:53 PM IST

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चीन के ग्वांगझू स्थित अमेरिकी कॉन्स्युलेट में बीमारी का पहला मामला पिछले महीने ही सामने आया था, हालांकि अब इसके पीड़ितों की संख्या बढ़ चुकी है। (फाइल)

वॉशिंगटन. चीन में अमेरिकी राजनयिकों को रहस्यमयी बीमारी की शिकायत के बाद अमेरिका ने उन्हें देश वापस बुला लिया है। दरअसल, कुछ ही दिन पहले चीन के ग्वांगझू स्थित अमेरिकी काउंसलेट के कुछ अधिकारियों और उनके परिवारवालों की शिकायत की थी कि उन्हें अजीबोगरीब आवाज सुनाई दे रही हैं। कई लोगों ने सिरदर्द और बेहोशी की भी शिकायत की थी। इसके बाद ही अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को अपने दो नागरिकों को चीन से वापस बुला लिया। बता दें कि दो साल पहले क्यूबा में तैनात कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने भी इसी तरह की रहस्यमयी आवाजें सुनने की शिकायत की थी। उस वक्त अमेरिका ने सोनिक हमले की बात कही थी।

 

 

अफसरों ने किस तरह की आवाज की शिकायत की?
- अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक, पिछले कई महीनों से अमेरिकी अधिकारी इस बात की चिंता जता रहे थे कि उनके डिप्लोमैट्स पर किसी अजीब आवाज से हमला किया जा रहा है, जिससे उनके लक्षण किसी दिमागी चोट से पीड़ित की तरह हो रहे थे। 
- बताया गया है कि ज्यादातर डिप्लोमैट्स ने अपने कानों और दिमाग में आवाज की वजह से कुछ अजीब सनसनाहट महसूस होने की बात कही है। अफसरों का कहना है कि उन्हें किसी तरह के कीड़े की आवाजें, धातु के टकराने और अजीब पत्थरों के घिसने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।

- जानकारी के मुताबिक, मेडिकल टीम अभी काउंसलेट के सदस्यों की जांच कर रही है। ये साफ नहीं है कि कितने लोग इस परेशानी से पीड़ित हैं।

 

अमेरिका को सोनिक हमले का शक
- हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि अमेरिकी अधिकारियों पर किसी साजिश के तहत ही हमला हुआ था। दावा किया जा रहा है कि ये एक सोनिक हमला है जो अमेरिका को निशाने पर रखकर किया जा रहा है। कई जांचकर्ताओं ने इसके पीछे सुपरसोनिक आवाजों को इस्तेमाल करने का दावा किया है।
- बता दें कि सुपरसोनिक आवाजें आमतौर पर साधारण इंसान की सुनने की क्षमता से ज्यादा होता है। इससे कानों को नुकसान हो सकता है। इसे एक खा डिवाइस इस्तेमाल किए जाते हैं। 
- अब अमेरिकी मेडिकल एक्सपर्ट यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वास्तव में सुपर सोनिक जेट्स की आवाज है या कोई साजिश है, जो अमेरिकी अफसरों के खिलाफ चीन में रची जा रही है। 

 

क्यूबा में भी सामने आया था ऐसे ही अनसुलझे मामले
- गौरतलब है कि दो साल पहले 2016 में क्यूबा के हवाना में स्थित अमेरिकी दूतावास के कुछ अधिकारी और उनके परिवारवाले ऐसे ही लक्षणों के साथ बीमार पड़ना शुरू हो गए थे। उस वक्त करीब 24 लोगों ने अजीब आवाजों की वजह से सिरदर्द, घबराहट और बहरेपन जैसी समस्याओं की शिकायत की थी। इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका ने बिगड़ते रिश्तों की वजह से क्यूबा के डिप्लोमैट्स को देश से निकाल दिया था।

 

पिछले महीने सामने आया था रहस्यमयी बीमारी का पहला मामला 
- चीन में अमेरिकी डिप्लोमैट्स के बीच इस रहस्यमयी बीमारी के फैलने का पहला मामला पिछले महीने ही आया था। इसके बाद चीन सरकार ने अजीब लक्षण दिखने पर बाकी कर्मचारियों को तुरंत मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस हफ्ते अब तक एक और कर्मचारी और उसकी पत्नी और दो बच्चे दिमागी बीमारी के लक्षण दर्शा चुके हैं, जिसके बाद उन्हें चीन से बाहर निकाल लिया गया है। 
- अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा था कि ग्वांगझू में फैली बीमारी के लक्षण काफी हद तक क्यूबा में फैली बीमारी जैसे ही हैं। हालांकि, उन्होंने इसके कारण के बारे में जानकारी से इनकार कर दिया। पोम्पियो ने ये भी कहा था कि उन्होंेने इस स्थिति से निपटने के लिए एक हेल्थ केयर टास्क फोर्स बनाई है। 

medical mystery grows as US Consulate workers in China fall ill
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मामले की जांच के लिए एक मेडिकल टीम का गठन भी कर दिया है। (फाइल)
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