रूस दौरे में पुतिन से पाकिस्तान, सीरिया में फैले आतंक पर बात करेंगे मोदी, दोनों 6 घंटे तक रहेंगे साथ

पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अनौपचारिक मुलाकात करने वुहान जा चुके हैं।

DainiBhaskar.com| Last Modified - May 17, 2018, 11:13 PM IST

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Modi Putin informal summit to focus on regional issues Global terrorism likely to be discussed
व्लादिमीर पुतिन और नरेंद्र मोदी के बीच बीते कुछ महीनों में कई बार टेलिफोन पर बात हुई है। (फाइल)

नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 21 मई को जब सोच्ची में मिलेंगे तो दोनों के बीच स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ अहम अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। माना जा रहा है कि दोनों ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने और पाकिस्तान, सीरिया में फैले आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर बात करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मोदी और पुतिन करीब 4 से 6 घंटे तक आपस में बातचीत करेंगे। इसमें ज्यादातर समय दोनों अकेले ही चर्चा करेंगे। इस अनौपचारिक मुलाकात के लिए कोई एजेंडा भी निर्धारित नहीं किया गया है। दोनों देशों के डेलिगेशन के बीच भी एक सीमित स्तर पर चर्चा होगी।  

 

ईरान परमाणु समझौते के असर पर बात करेंगे पुतिन-मोदी

- जानकारी के मुताबिक, भारत और रूस दोनों ही ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने पर भी चर्चा करेंगे। चूंकि, दोनों देशों के ईरान से अच्छे संबंध हैं, इसलिए इस समझौते के रद्द होने का असर दोनों ही देशों पर पड़ेगा। 

- ऐसी आशंका लगाई जा रही है कि ईरान समझौते से अमेरिका के हटने का बड़ा असर भारत के तेल आयात और चाबहार बंदरगाह समझौते पर पड़ेगा। बता दें कि ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक है। लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से भारत और ईरान के संबंधों पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।

- इसके अलावा मोदी और पुतिन के बीच अफगानिस्तान, सीरिया, आतंकवाद और अगले महीने होने वाली शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की बैठक और ब्रिक्स समिट पर भी दोनों देशों की बातचीत हो सकती है। 

 

रूस और भारत के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए है मुलाकात

- सूत्रों के मुताबिक, भारत रूस से अपने रक्षा संबंधों पर किसी भी देश को हस्तक्षेप नहीं करने देगा और इसके लिए नई दिल्ली ने ट्रम्प प्रशासन के साथ लॉबिंग भी शुरू कर दी है। 

- दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात का मकसद आपस में दोस्ती और विश्वास को बढ़ाना है ताकि अहम अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाया जा सके। 

 

परमाणु समझौते पर भी होगी बात

- दोनों देश आपस के नागरिक परमाणु सहयोग समझौते में भी तीसरे देशों को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। इसके अलावा भारत के पांच देशों के यूरेशियन इकोनाॅमिक यूनियन से जुड़ने और कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है। 

 

जून 2017 में रूस गए थे मोदी
- मोदी पिछले साल दो दिवसीय दौरे पर रूस गए थे। यहां दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार को लेकर कई करार हुए थे। दोनों ने परमाणु सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत रूस के साथ तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो नई यूनिट्स लगाने पर सहमति बनी थी।

 

चीन में 24 घंटे के दौरान 6 बार मिले थे मोदी-जिनपिंग
-चीन के वुहान में मोदी-जिनपिंग के बीच सिर्फ 24 घंटे में 6 मुलाकातें हुई थीं। दोनों पहले हुबेई म्यूजियम में मिले थे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत और डिनर पर भी दोनों की बातचीत हुई थी। जिनपिंग ने मोदी के लिए पहली बार प्रोटोकॉल भी तोड़ा था।
- अगले दिन मोदी और जिनपिंग की ईस्ट लेक के किनारे टहलते हुए मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने साथ में नाव पर सैर और चाय पर चर्चा की। जिनपिंग ने मोदी को लंच भी दिया था।

Modi Putin informal summit to focus on regional issues Global terrorism likely to be discussed
मोदी ने 27-28 अप्रैल को चीन के वुहान में जिनपिंग से पहली अनौपचारिक मुलाकात की थी। (फाइल)
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