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पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव आज, पीटीआई के प्रत्याशी आरिफ अल्वी के जीतने की उम्मीद

संयुक्त प्रत्याशी उतारने को लेकर एकमत नहीं विपक्षी दल

Danik Bhaskar | Sep 04, 2018, 06:55 AM IST

- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने एतजाज अहसान को बनाया उम्मीदवार
- बाकी दल जमात-ए-उलेमा (एफ) के फजल-उल-रहमान को दे रहे समर्थन

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में मंगलवार को नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव होगा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार आरिफ अल्वी की जीत तय मानी जा रही है, क्योंकि विपक्षी दल अपना संयुक्त प्रत्याशी उतारने में नाकाम रहे। मुख्य चुनाव आयुक्त सरदार रजा बतौर रिटर्निंग ऑफिसर जिम्मेदारी संभालेंगे।
वर्तमान राष्ट्रपति ममनून हुसैन का कार्यकाल 8 सितंबर को खत्म हो रहा है। उन्होंने पांच साल के दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। हालांकि, अल्वी के अलावा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चौधरी एतजाज अहसान और जमात-ए-उलेमा (एफ) के प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान चुनाव लड़ रहे हैं।

एकमत नहीं विपक्ष: डेंटिस्ट रह चुके कराची निवासी आरिफ अल्वी को प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजनीति में उतारा। माना जा रहा था कि विपक्षी दल संयुक्त रूप से एक प्रत्याशी उतारकर अल्वी का रास्ता मुश्किल करेंगे, लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे। वहीं, पीपीपी ने नामी वकील और पूर्व राजनेता अहसान को पिछले महीने प्रत्याशी बनाया था।

विपक्षी दलों ने बैठक की: दूसरे विरोधी दलों पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) और मुताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) ने पीपीपी के इस कदम का विरोध किया। वे जमात-ए-उलेमा (एफ) के रहमान को समर्थन दे रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी दलों ने रविवार को बैठक भी की, लेकिन पीपीपी इसमें शामिल नहीं हुई। रहमान ने पीएमएल-एन से कहा कि पीपीपी को उसके उम्मीदवार को मैदान से हटाने के लिए मनाया जाए। इससे विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के वोट नहीं कटेंगे।

शरीफ से समर्थन मांगेगी पीपीपी: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता कमर जमान कायरा ने कहा कि विपक्षी दलों में फूट से सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होगा। कायरा ने संकेत दिया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलेंगे और अपनी पार्टी के प्रत्याशी अहसान को समर्थन देने की मांग करेंगे। हालांकि, अहसान को संयुक्त विपक्ष का प्रत्याशी बनाने के लिए पीएमएल-एन इनकार कर चुका है, क्योंकि कुछ समय पहले शरीफ के खिलाफ अहसान अभद्र टिप्पणी कर चुके हैं।