रूस से रक्षा समझौता जारी रखने पर भारत को अमेरिका की चेतावनी, कहा- प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए काटसा नाम के कानून पर हस्ताक्षर किए थे।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 08, 2018, 08:25 PM IST

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US discusses with India implications of  CAATSA over Russia defence deal
एक दशक में अमेरिका और भारत का रक्षा सहयोग काफी बढ़ा है। -फाइल

- अमेरिका लंबे समय से भारत का अहम रक्षा सहयोगी रहा है, भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है

- भारत रूस से करीब 30 हजार करोड़ रुपए का सौदा कर 5 एस-400 ट्रम्फ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहता है

 

 

वॉशिंगटन.  रूस के साथ रक्षा कारोबार जारी रखने पर अमेरिका ने भारत को प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। अमेरिका की सैन्य उपमंत्री टीना काईडानॉव ने कहा कि हम नहीं चाहते कि भारत किसी प्रतिबंध के दायरे में आए, उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका उन देशों से भी संपर्क में है, जो रूस के साथ सैन्य समझौता कर चुके हैं या इसकी तैयारी में हैं। बता दें कि भारत एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है। इसके लिए पिछले साल रूस दौरे पर नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बात हुई थी।

 

 

नहीं चाहते भारत पर किसी तरह का प्रतिबंध लगे

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारत दौरे से लौटीं अमेरिकी मंत्री ने कहा, ''मैंने ‘काटसा’ (रूस पर प्रतिबंध वाले कानून) को लेकर भारत सरकार से चर्चा की। अमेरिका सहयोगी देशों के साथ काम करना चाहता है। इसीलिए भारत को प्रतिबंध के दायरे में लाने वाले काम से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के साथ रक्षा समझौते को मजबूत करना चाहते हैं।''

- ''अमेरिका काटसा पर ध्यान नहीं देना चाहता, लेकिन रूस की कुछ संदिग्ध गतिविधियों ने उसे परेशानी में डाला। भारत समेत सभी सहयोगी देशों को इसकी जानकारी दी है।''

- बता दें कि अमेरिका लंबे समय से भारत का अहम रक्षा सहयोगी रहा है। भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है। 10 सालों में दोनों देशों के बीच 15 बिलियन डॉलर्स के रक्षा सौदे हो चुके हैं।

 

रूस से एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहता है भारत

- भारत रूस से 4.5 बिलियन डॉलर्स (करीब 30 हजार करोड़ रु.) में पांच अत्याधुनिक एस-400 ट्रम्फ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहता है। अमेरिकी अधिकारी इसे बड़ा सैन्य समझौता मानते हैं।

- बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगस्त 2017 में रूस पर प्रतिबंध लगाने के मकसद से एक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इसे ‘काटसा’ नाम दिया गया। इसके तहत अमेरिका रूस से बड़ा रक्षा समझौता करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगा सकता है।

 

रूस-अमेरिका में कई मुद्दों पर मतभेद

- फिलहाल, अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन और सीरिया मुद्दे पर मतभेद हैं। रूस ने 2015 में क्रीमिया को यूक्रेन से छीन लिया था। दूसरी ओर, सीरिया के गृह युद्ध में रूस के दखल से भी अमेरिका परेशान है। 
- रूस पर 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में दखल का भी आरोप लग चुका है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई इसकी जांच कर रही है। इस चुनाव में ट्रम्प को जीत मिली थी। 
- इसी साल मार्च में ब्रिटेन ने रूस पर अपने जासूस को जहर देने का आरोप लगाया था। इसके बाद ब्रिटेन समेत कई देशों ने रूस के डिप्लोमैट्स को अपने देश से निकाल दिया था। इनमें अमेरिका भी शामिल था।

US discusses with India implications of  CAATSA over Russia defence deal
सीरिया और यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका के रूस से मतभेद हैं। -फाइल
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