हमें कई द्वीप तबाह करने का अनुभव: दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका की चीन को धमकी

दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले द्वीपों के पास अमेरिका ने 28 मई को दो जंगी बेड़े भेजे थे।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 01, 2018, 09:24 PM IST

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US warns of ability to take down Chinese artificial islands
इस समुद्र से हर साल 5 लाख करोड़ यूएस डॉलर से ज्यादा का व्यापार होता है। - फाइल

 

  • दक्षिण चीन सागर के द्वीप पर चीन ने एच-6के समेत लड़ाकू विमान उतारे थे।
  • दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका-चीन के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं।

 

 

वॉशिंगटन.   दक्षिण चीन सागर के मामले को लेकर अमेरिका और चीन में तनाव बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अमेरिका ने चीन को धमकी देते हुए कहा कि हमारे पास प्रशांत महासागर में कई द्वीप तबाह करने का अनुभव है। ये बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन बीजिंग पर उत्तर कोरिया को लेकर दबाव बना रहा है। बता दें चीनी मीडिया ने दावा किया था कि 18 मई को दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीप पर चीन ने लड़ाकू विमान उतारे थे। तब यूएस ने चीन के इस कदम पर दोनों देशों में तनाव बढ़ने की बात कही थी। 


 

चीन के सैन्य अभियास का अमेरिका ने किया विरोध
- सीएनएन के मुताबिक, दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीप के लेकर लेफ्टिनेंट जनरल केनेथ मैकेंजी ने ये बयान दिया। दक्षिण सागर चीन के एक बड़े इलाके पर चीन दावा करता है। अमेरिका इसे समुद्री आवागमन की आजादी को सीमित करने का कदम कहता है और अक्सर इस तरह के अभियानों के जरिए विरोध जाहिर करता रहा है।
- मई के अखिरी हफ्ते में अमेरिक के दो जंगी जहाजों को पार्सेल आईलैंड के करीब 12 नॉटिकल मील तक भेजा था। इन जहाजों पर गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और गाइडेड मिसाइल क्रूजर थे। अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाने के लिए पहली बार उसने एक से अधिक जहाज को यहां भेजा है।

 

अमेरिका की धमकी से चीन भड़का
- अमेरिका के कड़े रुख पर चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने भी बयान जारी किया। गुरुवार को प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि यूएस का चीन पर समुद्री सैन्याभ्यास का आरोप उसी तरह है जैसे चोर चोरी करके रोता है। उस ये बंद कर देना चाहिए।

- उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अमेरिका अपने जहाज दक्षिण चीन सागर में क्यों लेकर आता है अाखिर वो करना क्या चाहता है? बता दें अमेरिका दक्षिण चीन सागर में नियमित रूप से फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन का संचालन कर रहा है। हाल ही में किए गए ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने चीनी जहाजों को गलत तरह से अपने जहाजों के करीब आने की बात कही थी। 

 

अमेरिका ने सबसे बड़े समुद्री सैन्याभ्यास में भी चीन को शामिल नहीं किया
- हाल ही में अमेरिका ने 2018 में होने वाले सबसे बड़े समुद्री सैन्याभ्यास में चीन को शामिल नहीं किया है। इसके लिए चीन को न्योता भेजा गया था, लेकिन पेंटागन ने इसे ये कहकर वापस ले लिया कि चीन का व्यवहार इस ट्रेनिंग के मकसद और नीतियों के खिलाफ है। इस सैन्याभ्यास को रिम ऑफ द पैसिफिक कहा जा रहा है। इसमें ब्रिटेन और भारत समेत दुनिया के 20 देश शामिल होते हैं।

 

क्या है साउथ चाइना सी विवाद?

- साउथ चाइना सी का करीब 35 लाख स्क्वेयर किमी एरिया विवादित है। इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं। 
- इस समुद्र से हर साल 5 लाख करोड़ यूएस डॉलर से ज्यादा का व्यापार होता है। यहां तेल और गैस के बड़े भंडार हैं। अमेरिका के मुताबिक इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नैचुरल गैस के भंडार है।
- वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्यौता दे चुका है। चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आईलैंड में बदल दिया था।

US warns of ability to take down Chinese artificial islands
चीन दक्षिण चीन सागर के 90 प्रतिशत क्षेत्र पर अपनी दावेदारी पेश करता है।- फाइल
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