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प्रत्यर्पण केस: माल्या ने कहा- देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिला था, बैंकों को मेरे प्रस्ताव पर आपत्ति थी

माल्या ने कोर्ट से निकलने के बाद कर्ज लौटाने पर समझौते का प्रस्ताव मिलने की बात कही

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 06:56 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क, लंदन. विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इसके बाद माल्या ने कहा कि देश छोड़ने से पहले मैंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। बैंकों को मेरे सेटलमेंट ऑफर पर आपत्ति थी। वकील ने अदालत से कहा कि सीबीआई ने माल्या के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए बैंकों को धमकाया था। कहा था कि अगर केस दर्ज नहीं कराया तो अंजाम भुगतना होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंदन कोर्ट ने मुंबई की ऑर्थर रोड जेल का वीडियो भी देखा। यहीं माल्या को प्रत्यर्पण के बाद रखा जाना है। माल्या के वकीलों ने भारतीय जेलों की बुरी स्थिति का हवाला देते हुए प्रत्यर्पण भारत न करने की अपील की थी। हालांकि, तब जज ने भारतीय अधिकारियों से आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 का एक वीडियो तैयार करने के लिए कह दिया था।

संपत्ति की बिक्री के लिए राजी हुआ था माल्या: माल्या का कहना है कि उसने कर्ज के निपटारे के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट को इस साल जून में प्लान दिया था। वह अपनी 13,900 करोड़ रुपए की संपत्ति की बिक्री के लिए राजी हुआ था। विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। मार्च 2016 में वो विदेश भाग गया था। तब से लंदन में है।

अदालत ने 24 सितंबर तक जवाब मांगा: भारत में माल्या के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत मामला चल रहा है। मुंबई स्थित विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर माल्या से 24 सितंबर तक जवाब मांगा है। ईडी ने नए कानून के तहत माल्या को भगोड़ा घोषित करने और 12,500 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की मांग की थी।